राहुल गांधी के कोटा दौरे से भाजपा बौखलाई: अशोक गहलोत का आरोप, पोस्टर हटाने पर कांग्रेस का विरोध
सारांश
मुख्य बातें
लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष और कांग्रेस सांसद राहुल गांधी नीट पेपर लीक से प्रभावित छात्रों के समर्थन में कोटा पहुँचे, जहाँ वे युवाओं से सीधा संवाद करेंगे। कांग्रेस का दावा है कि कार्यक्रम से पहले ही शहर में जगह-जगह लगे पोस्टर हटाए जा रहे हैं, जिसे पार्टी सत्तापक्ष की घबराहट का संकेत बता रही है। राजस्थान के पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने सीधे आरोप लगाया कि भारतीय जनता पार्टी (BJP) राहुल गांधी के अभियान से बुरी तरह बौखला गई है।
गहलोत का ओम बिरला पर निशाना
कोटा में पत्रकारों से बात करते हुए पूर्व मुख्यमंत्री गहलोत ने कहा कि यह ओम बिरला का लोकसभा क्षेत्र है और वे लोकसभा के अध्यक्ष भी हैं। उन्होंने कहा, 'राहुल गांधी लोकसभा में विपक्ष के नेता हैं। उन्हें कम से कम यह संदेश तो भेजना चाहिए कि आप मेरे शहर आ रहे हैं।' गहलोत ने स्पष्ट किया कि वे बिरला से व्यक्तिगत रूप से स्वागत की माँग नहीं कर रहे, लेकिन शालीनता की अपेक्षा ज़रूर है।
नीट और पेपर लीक: गहलोत की चिंता
गहलोत ने कहा कि देशभर में 90 पेपर लीक हो चुके हैं और राहुल गांधी ने छात्रों का यह मुद्दा राष्ट्रीय स्तर पर उठाया है, इसीलिए सत्तापक्ष घबराया हुआ है। उन्होंने कहा कि पेपर लीक के बाद जो आत्महत्याएँ हो रही हैं, वे तत्काल रोकी जानी चाहिए। पूर्व सीएम ने यह भी कहा कि राजस्थान में कांग्रेस सरकार के दौरान विधानसभा चुनाव जीतने के लिए उनकी सरकार को बदनाम किया गया था, लेकिन लगातार पेपर लीक की घटनाओं ने सत्तापक्ष की 'पोल खोल दी' है।
भाजपा और धर्म की राजनीति पर गहलोत के तीखे बोल
गहलोत ने कहा कि चुनाव आयोग (ECI) ने गृह मंत्री अमित शाह और उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री पर प्रचार प्रतिबंध लगाया था, और महाराष्ट्र में कुछ चुनाव भी रद्द किए गए थे। उन्होंने कहा कि संविधान के अनुसार धर्म के नाम पर वोट नहीं माँगे जा सकते, लेकिन अब भाजपा को 'खुला मंच' मिल गया है। गहलोत ने कहा कि ऐसी राजनीति 'बहुत खतरनाक' है।
सचिन पायलट की प्रतिक्रिया
कांग्रेस नेता सचिन पायलट ने कहा कि छात्रों पर कार्यक्रम में न आने का दबाव डाला जा रहा है, जो 'बहुत दुर्भाग्यपूर्ण' है। उन्होंने कहा, 'राहुल गांधी यहाँ आएंगे और सरकार चाहे कितनी भी कोशिश कर ले, यह कार्यक्रम बहुत सफल होगा।' तृणमूल कांग्रेस (TMC) में हुई टूट पर पायलट ने कहा कि जहाँ भी बहुमत नहीं होता, वहाँ सरकार 'असंवैधानिक और लोकतंत्र-विरोधी' कदम उठाती है। उन्होंने कहा कि एक मज़बूत विपक्ष लोकतंत्र की अनिवार्य शर्त है।
आगे क्या होगा
राहुल गांधी का कोटा दौरा नीट विवाद के बीच राजनीतिक रूप से अत्यंत महत्वपूर्ण है, क्योंकि कोटा देश का सबसे बड़ा कोचिंग हब है और लाखों छात्र यहाँ प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करते हैं। कांग्रेस इस दौरे को युवा-केंद्रित राजनीतिक अभियान की धुरी बना रही है। यह देखना होगा कि सत्तापक्ष इस दबाव का जवाब किस रूप में देता है।