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राहुल गांधी की 'छात्रों की गूंज': कोटा से शुरू होगा पेपर लीक विरोधी देशव्यापी आंदोलन

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राहुल गांधी की 'छात्रों की गूंज': कोटा से शुरू होगा पेपर लीक विरोधी देशव्यापी आंदोलन

सारांश

कांग्रेस का 'छात्रों की गूंज' अभियान महज विरोध नहीं — यह देश के कोचिंग हब कोटा से उठी वह आवाज है जो पेपर लीक और भर्ती घोटालों से टूटे लाखों युवाओं की पीड़ा को राष्ट्रीय राजनीति के केंद्र में लाने की कोशिश है।

मुख्य बातें

राहुल गांधी के नेतृत्व में कांग्रेस ने 18 जून 2025 को कोटा, राजस्थान से 'छात्रों की गूंज' देशव्यापी अभियान की शुरुआत की।
अभियान पेपर लीक , परीक्षा में गड़बड़ी, भर्ती अनियमितता और बढ़ती बेरोजगारी पर केंद्रित है।
अगले चरण में 10 जुलाई को इलाहाबाद , 11 जुलाई को पटना और 14 जुलाई को दिल्ली में कार्यक्रम निर्धारित हैं।
एआईसीसी महासचिव केसी वेणुगोपाल ने बताया कि छात्र, शिक्षक, युवा संगठन और परीक्षा विवादों से प्रभावित लोग इन कार्यक्रमों में शामिल होंगे।
कोटा को अभियान का पहला पड़ाव इसलिए चुना गया क्योंकि यह देश का सबसे बड़ा कोचिंग हब है।

लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी के नेतृत्व में भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस (कांग्रेस) ने बुधवार, 18 जून 2025 को राजस्थान के कोटा — देश के सबसे बड़े कोचिंग हब — से अपना देशव्यापी 'छात्रों की गूंज' अभियान शुरू किया। यह आंदोलन पेपर लीक, परीक्षाओं में गड़बड़ी, भर्ती में अनियमितता और बढ़ती बेरोजगारी के मुद्दों पर केंद्रित है। राहुल गांधी ने कोटा में प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे छात्रों और उम्मीदवारों से सीधे संवाद किया।

अभियान की शुरुआत और उद्देश्य

कांग्रेस के अनुसार, इस अभियान का मकसद पेपर लीक, रद्द हुई परीक्षाओं, रुकी हुई भर्तियों और पारदर्शी शिक्षा व भर्ती प्रणाली की माँग को राष्ट्रीय मंच पर उठाना है। पार्टी का कहना है कि बार-बार पेपर लीक होने और परीक्षाओं में गड़बड़ी से लाखों भारतीय युवाओं का भविष्य खतरे में पड़ रहा है। कोटा को अभियान की शुरुआत के लिए इसलिए चुना गया क्योंकि यह देश का सबसे प्रसिद्ध कोचिंग केंद्र है और यहाँ लाखों छात्र प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करते हैं।

राहुल गांधी का संदेश

आंदोलन से पहले राहुल गांधी ने एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर छात्रों को संबोधित करते हुए लिखा, "मुझे पता है कि आप थक चुके हैं। आप नाराज हैं लेकिन यह याद रखें कि जब सरकार सुनने से इनकार कर दे, तो आपको अपनी आवाज और जोर से उठानी होगी।" उन्होंने आगे कहा, "आइए हम सब मिलकर एक ऐसी बुलंद आवाज बनें जिसे नजरअंदाज न किया जा सके, कोटा से शुरुआत करते हुए, फिर देश के हर कोने तक पहुंचते हुए। यह आपके भविष्य की लड़ाई है, और मैं आपके साथ हूं।"

कार्यक्रम का कार्यक्रम और चरण

ऑल इंडिया कांग्रेस कमेटी (एआईसीसी) के महासचिव (संगठन) केसी वेणुगोपाल ने बताया कि अभियान का पहला चरण 10 जुलाई को इलाहाबाद, 11 जुलाई को पटना और 14 जुलाई को दिल्ली में जारी रहेगा। इन कार्यक्रमों में छात्र, प्रतियोगी परीक्षाओं के उम्मीदवार, शिक्षक, युवा संगठन और परीक्षा विवादों से प्रभावित अन्य लोग शामिल होंगे। वेणुगोपाल ने कहा कि कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे और राहुल गांधी के नेतृत्व में यह अभियान युवाओं की चुनौतियों को राष्ट्रीय स्तर पर उठाएगा।

स्थानीय तैयारी और पृष्ठभूमि

कोटा जिला कांग्रेस अध्यक्ष राखी गौतम और कोटा ग्रामीण कांग्रेस अध्यक्ष भानु प्रताप सिंह ने बताया कि पुष्कर में हाल ही में हुई एक कॉन्फ्रेंस के दौरान राहुल गांधी को कोटा आने का न्योता दिया गया था। एआईसीसी की एक टीम संभावित स्थानों का मुआयना करने के लिए पहले ही कोटा पहुँच चुकी है। यह ऐसे समय में आया है जब देशभर में NEET, UGC-NET सहित कई प्रतियोगी परीक्षाओं में पेपर लीक के आरोपों ने छात्रों में भारी असंतोष पैदा किया है।

आगे की राह

गौरतलब है कि यह अभियान ऐसे समय में शुरू हो रहा है जब परीक्षा प्रणाली की विश्वसनीयता को लेकर देशव्यापी बहस छिड़ी हुई है। कांग्रेस का कहना है कि इस मंच के ज़रिए छात्रों को अपनी शिकायतें रखने और शिक्षा व रोजगार से जुड़े मुद्दों का समाधान खोजने का अवसर मिलेगा। आने वाले हफ्तों में इलाहाबाद, पटना और दिल्ली में होने वाले कार्यक्रमों से यह स्पष्ट होगा कि क्या यह अभियान व्यापक जन-समर्थन जुटाने में सफल होता है।

संपादकीय दृष्टिकोण

उसे संगठित करने की यह स्पष्ट कोशिश है। लेकिन सवाल यह है कि क्या यह अभियान सड़क की भावना को नीतिगत माँगों में बदल पाएगा, या चुनावी मौसम से पहले महज एक प्रतीकात्मक यात्रा बनकर रह जाएगा। पेपर लीक की समस्या किसी एक सरकार की देन नहीं — राज्यों में कांग्रेस के अपने शासनकाल में भी परीक्षा घोटाले हुए हैं, जो इस अभियान की नैतिक विश्वसनीयता पर सवाल उठाते हैं। असली कसौटी यह होगी कि क्या पार्टी छात्रों की माँगों को संसद में ठोस विधायी दबाव में बदल पाती है।
RashtraPress
2 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

'छात्रों की गूंज' अभियान क्या है?
यह कांग्रेस का देशव्यापी आंदोलन है जिसकी शुरुआत 18 जून 2025 को राजस्थान के कोटा से राहुल गांधी ने की। अभियान पेपर लीक, परीक्षाओं में गड़बड़ी, भर्ती अनियमितता और बेरोजगारी जैसे मुद्दों पर युवाओं को एकजुट करने के लिए शुरू किया गया है।
अभियान के अगले कार्यक्रम कब और कहाँ होंगे?
एआईसीसी महासचिव केसी वेणुगोपाल के अनुसार, अभियान का पहला चरण 10 जुलाई को इलाहाबाद, 11 जुलाई को पटना और 14 जुलाई को दिल्ली में जारी रहेगा। इन कार्यक्रमों में राहुल गांधी छात्रों और प्रतियोगी परीक्षाओं के उम्मीदवारों से सीधे संवाद करेंगे।
कोटा को अभियान की शुरुआत के लिए क्यों चुना गया?
कोटा देश का सबसे प्रसिद्ध कोचिंग हब है जहाँ लाखों छात्र प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करते हैं। स्थानीय कांग्रेस नेताओं के अनुसार, पुष्कर कॉन्फ्रेंस के दौरान राहुल गांधी को यहाँ आने का न्योता दिया गया था।
इस अभियान में कौन-कौन शामिल होगा?
कांग्रेस के अनुसार, इन कार्यक्रमों में छात्र, प्रतियोगी परीक्षाओं के उम्मीदवार, शिक्षक, युवा संगठन और परीक्षा विवादों से प्रभावित लोग शामिल होंगे। अभियान का मकसद इन सभी वर्गों को एक साझा मंच पर लाना है।
कांग्रेस पेपर लीक के मुद्दे पर सरकार से क्या माँग कर रही है?
कांग्रेस पारदर्शी और निष्पक्ष परीक्षा व भर्ती प्रणाली की माँग कर रही है। पार्टी का आरोप है कि बार-बार पेपर लीक होने, परीक्षाएँ रद्द होने और भर्तियाँ रुकने से लाखों युवाओं का भविष्य खतरे में पड़ रहा है।
राष्ट्र प्रेस
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