राहुल गांधी ने 'छात्रों की गूंज' अभियान के लिए कांग्रेस संगठन से माँगा पूर्ण सहयोग
सारांश
मुख्य बातें
लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने 27 जून 2026 को पार्टी के महासचिवों, प्रदेश कांग्रेस कमेटी (पीसीसी) अध्यक्षों, विभाग प्रमुखों, जिला कांग्रेस कमेटी (डीसीसी) और शहर कांग्रेस अध्यक्षों को पत्र लिखकर भारतीय युवा कांग्रेस (आईवाईसी) और नेशनल स्टूडेंट्स यूनियन ऑफ इंडिया (एनएसयूआई) के 'छात्रों की गूंज' अभियान को सफल बनाने हेतु संगठन के सभी स्तरों पर सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित करने की अपील की है। यह पत्र ऐसे समय में आया है जब देशभर में पेपर लीक, परीक्षा रद्दीकरण और बेरोज़गारी को लेकर युवाओं में असंतोष गहरा रहा है।
युवाओं के संकट पर राहुल गांधी का पक्ष
अपने पत्र में राहुल गांधी ने कहा कि भारत का युवा वर्ग इस समय अभूतपूर्व संकट से गुज़र रहा है। उन्होंने पेपर लीक की लगातार घटनाओं, परीक्षाओं के रद्द होने, बार-बार पुनर्परीक्षाओं, सरकारी भर्तियों में लंबी देरी, बड़ी संख्या में रिक्त पदों और बढ़ती बेरोज़गारी को युवाओं के भविष्य को प्रभावित करने वाले प्रमुख कारणों के रूप में गिनाया। इसके साथ ही शिक्षा की लगातार बढ़ती लागत को विद्यार्थियों और उनके परिवारों पर आर्थिक बोझ का कारण बताया।
कोटा रैली से मिली अभियान को दिशा
गांधी ने उल्लेख किया कि हाल ही में कोटा में आयोजित 'छात्रों की गूंज' रैली के दौरान उन्होंने देश की शिक्षा व्यवस्था पर व्यापक चर्चा की शुरुआत की थी। उनके अनुसार, वर्तमान शिक्षा प्रणाली युवाओं को अवसर देने के बजाय उन पर अत्यधिक मानसिक और आर्थिक दबाव डाल रही है। उन्होंने कहा कि यह व्यवस्था कई परिवारों को कर्ज़, तनाव और अनिश्चितता के ऐसे चक्र में धकेल रही है, जिससे निकलना कठिन होता जा रहा है।
शिक्षा व्यवस्था में बदलाव की माँग
पत्र में राहुल गांधी ने रेखांकित किया कि शिक्षा व्यवस्था का उद्देश्य युवाओं को अपनी पसंद का करियर चुनने, कौशल विकसित करने और सुरक्षित भविष्य बनाने में मदद करना होना चाहिए — परंतु मौजूदा हालात इसके विपरीत दिखाई देते हैं। उन्होंने कहा कि देशभर में छात्रों और युवाओं के सामने मौजूद चुनौतियों और उनके साथ हो रहे कथित उत्पीड़न व शोषण को प्रभावी ढंग से सामने लाने के लिए व्यापक जनजागरण की आवश्यकता है।
कांग्रेस संगठन से आह्वान
गांधी ने कांग्रेस संगठन से आह्वान किया कि वह आईवाईसी और एनएसयूआई के इस अभियान को पूरी ताकत के साथ समर्थन दे। उन्होंने कहा कि सभी नेता और कार्यकर्ता मिलकर इस अभियान को जन-जन तक पहुँचाएं ताकि युवाओं की समस्याओं को राष्ट्रीय स्तर पर प्रमुखता से उठाया जा सके। पत्र के अंत में उन्होंने कहा कि कांग्रेस का लक्ष्य ऐसी नई व्यवस्था की नींव रखना है, जिसमें देश के युवाओं को बेहतर अवसर, गुणवत्तापूर्ण शिक्षा, रोज़गार और आवश्यक सहयोग मिल सके।
आगे क्या होगा
गौरतलब है कि 'छात्रों की गूंज' अभियान आईवाईसी और एनएसयूआई के माध्यम से राष्ट्रीय स्तर पर विस्तारित किया जाना है। कांग्रेस इस अभियान को शिक्षा और रोज़गार के मुद्दे पर केंद्र सरकार को घेरने की अपनी व्यापक राजनीतिक रणनीति का हिस्सा मान रही है। आने वाले हफ्तों में इस अभियान के तहत विभिन्न राज्यों में कार्यक्रम आयोजित किए जाने की संभावना है।