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कांग्रेस का 'छात्रों की गूंज' अभियान: 25 जून को 30 से अधिक शहरों में एक साथ प्रेस कॉन्फ्रेंस

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कांग्रेस का 'छात्रों की गूंज' अभियान: 25 जून को 30 से अधिक शहरों में एक साथ प्रेस कॉन्फ्रेंस

सारांश

कांग्रेस ने 25 जून को 'छात्रों की गूंज' के बैनर तले 30 से अधिक शहरों में एक साथ प्रेस कॉन्फ्रेंस की घोषणा की है। शिक्षा के निजीकरण और कौशल की कमी को मुद्दा बनाते हुए पार्टी ने वरिष्ठ नेताओं की शहरवार सूची जारी की — यह एक समन्वित राष्ट्रीय संवाद की शुरुआत है।

मुख्य बातें

भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस ने 25 जून 2026 को 'छात्रों की गूंज' अभियान के तहत देशभर में एक साथ प्रेस कॉन्फ्रेंस की घोषणा की।
कांग्रेस का आरोप है कि पिछले 12 वर्षों में सरकार ने शिक्षा के निजीकरण और केंद्रीकरण को प्राथमिकता दी।
30 से अधिक शहरों में वरिष्ठ नेता प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित करेंगे — सूची में कन्हैया कुमार (पुणे), पवन खेड़ा (भुवनेश्वर), गौरव गोगोई (दिल्ली) सहित दर्जनों नाम शामिल।
पार्टी ने छात्रों, शिक्षकों और अभिभावकों से इस राष्ट्रीय संवाद में भाग लेने की अपील की है।
अभियान को एक दीर्घकालिक राष्ट्रीय पहल के रूप में प्रस्तुत किया गया है, न कि एकल-दिवसीय कार्यक्रम के रूप में।

भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस (कांग्रेस) ने 25 जून 2026 को अपने 'छात्रों की गूंज' अभियान के तहत देशभर के 30 से अधिक शहरों में एक साथ प्रेस कॉन्फ्रेंस आयोजित करने की घोषणा की है। पार्टी ने उन वरिष्ठ नेताओं की पूरी सूची भी सार्वजनिक कर दी है, जो अपने-अपने शहरों में मीडिया को संबोधित करेंगे। यह अभियान देश की शिक्षा व्यवस्था में व्यापक सुधार की माँग को केंद्र में रखकर शुरू किया गया है।

अभियान की पृष्ठभूमि और मुख्य माँगें

कांग्रेस का आरोप है कि पिछले 12 वर्षों में केंद्र सरकार ने शिक्षा के निजीकरण और केंद्रीकरण को प्राथमिकता दी, जबकि युवाओं को भविष्य के लिए तैयार करने पर पर्याप्त ध्यान नहीं दिया गया। पार्टी का कहना है कि मौजूदा संकट केवल बेरोज़गारी का नहीं, बल्कि रोज़गार के अनुकूल कौशल की गंभीर कमी का भी है।

पार्टी के अनुसार, 'छात्रों की गूंज' अभियान एक आधुनिक, समावेशी और भविष्य की ज़रूरतों के अनुरूप शिक्षा व्यवस्था पर राष्ट्रीय संवाद की शुरुआत करेगा। कांग्रेस ने छात्रों, शिक्षकों, अभिभावकों और जागरूक नागरिकों से इस चर्चा में सक्रिय भागीदारी की अपील की है।

किस शहर में कौन नेता करेंगे संबोधित

25 जून को आयोजित होने वाली इन प्रेस कॉन्फ्रेंस में कांग्रेस के दिग्गज नेता शामिल होंगे। अहमदाबाद में सतेज पाटिल, बेंगलुरु में वर्षा गायकवाड़, भोपाल में इमरान मसूद, भुवनेश्वर में पवन खेड़ा और बिलासपुर में जयवर्धन सिंह मीडिया से मुखातिब होंगे।

चंडीगढ़ में राजीव शुक्ला, चेन्नई में प्रियंक खड़गे, देहरादून में रंजीत रंजन, नई दिल्ली में गौरव गोगोई और गुवाहाटी में शिल्पी नेहा तिर्की प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित करेंगी।

इसके अतिरिक्त, ग्वालियर में पप्पू यादव, हैदराबाद में विक्रांत भूरिया, इंदौर में अभिषेक दत्त, जयपुर में अशोक तंवर और कोलकाता में सुप्रिया श्रीनेत पत्रकारों से बात करेंगी।

कोटा में जिग्नेश मेवाणी, नागपुर में जीतू पटवारी, पटना में अनुपम, पुणे में कन्हैया कुमार और पूर्णिया में नदीम जावेद संवाददाता सम्मेलन को संबोधित करेंगे।

रांची में इमरान प्रतापगढ़ी, रोहतक में कुलदीप इंदौरा, सीकर में श्रीनिवास बी.वी., श्रीनगर में उदय भानु चिब और तिरुवनंतपुरम में कन्नन गोपीनाथन प्रेस कॉन्फ्रेंस में शामिल होंगे। विजयवाड़ा में रागिनी नायक, प्रयागराज में उमंग सिंघार और मेरठ में राहुल कस्वां पार्टी का पक्ष रखेंगे।

अभियान का व्यापक राजनीतिक संदर्भ

यह ऐसे समय में आया है जब शिक्षा और बेरोज़गारी के मुद्दे विपक्षी दलों के लिए प्रमुख राजनीतिक हथियार बन चुके हैं। गौरतलब है कि कांग्रेस ने इससे पहले भी छात्र-केंद्रित अभियान चलाए हैं, लेकिन इस बार एक साथ इतने अधिक शहरों में समन्वित प्रेस कॉन्फ्रेंस की रणनीति पार्टी की संगठनात्मक तैयारी का संकेत देती है।

आगे की राह

25 जून की प्रेस कॉन्फ्रेंस के बाद अभियान के अगले चरण की रूपरेखा स्पष्ट होने की उम्मीद है। कांग्रेस ने संकेत दिया है कि यह केवल एक दिन का कार्यक्रम नहीं, बल्कि एक दीर्घकालिक राष्ट्रीय संवाद की शुरुआत है जिसमें छात्र समुदाय को केंद्र में रखा जाएगा।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन असली सवाल यह है कि क्या यह अभियान ठोस नीतिगत विकल्प पेश करेगा या महज़ सरकार विरोधी बयानबाज़ी तक सीमित रहेगा। शिक्षा सुधार की माँग जायज़ है — बेरोज़गारी और कौशल की कमी वास्तविक संकट हैं — लेकिन विपक्ष की विश्वसनीयता तब बनती है जब वह आलोचना के साथ-साथ वैकल्पिक नीति का खाका भी सामने रखे। यह देखना होगा कि 25 जून के बाद यह 'संवाद' किस दिशा में जाता है।
RashtraPress
10 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

'छात्रों की गूंज' अभियान क्या है?
यह भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस का एक राष्ट्रव्यापी शिक्षा-सुधार अभियान है, जिसके तहत 25 जून 2026 को देशभर के 30 से अधिक शहरों में एक साथ प्रेस कॉन्फ्रेंस आयोजित की जाएगी। अभियान का उद्देश्य शिक्षा के निजीकरण, कौशल की कमी और युवा बेरोज़गारी के मुद्दों पर राष्ट्रीय संवाद शुरू करना है।
25 जून की प्रेस कॉन्फ्रेंस में कौन-कौन से प्रमुख नेता शामिल होंगे?
पुणे में कन्हैया कुमार, भुवनेश्वर में पवन खेड़ा, दिल्ली में गौरव गोगोई, कोटा में जिग्नेश मेवाणी और रांची में इमरान प्रतापगढ़ी सहित 30 से अधिक वरिष्ठ नेता अपने-अपने शहरों में मीडिया को संबोधित करेंगे। कांग्रेस ने पूरी शहरवार सूची सार्वजनिक कर दी है।
कांग्रेस सरकार की शिक्षा नीति पर क्या आरोप लगा रही है?
कांग्रेस का आरोप है कि पिछले 12 वर्षों में केंद्र सरकार ने शिक्षा के निजीकरण और केंद्रीकरण पर ध्यान केंद्रित किया, जबकि युवाओं को रोज़गार के अनुकूल कौशल देने में विफल रही। पार्टी का कहना है कि मौजूदा संकट केवल बेरोज़गारी का नहीं, बल्कि रोज़गार-योग्य कौशल की गंभीर कमी का भी है।
इस अभियान में आम नागरिक कैसे भाग ले सकते हैं?
कांग्रेस ने छात्रों, शिक्षकों, अभिभावकों और जागरूक नागरिकों से इस राष्ट्रीय संवाद का हिस्सा बनने की अपील की है। 25 जून को अपने नज़दीकी शहर में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में उपस्थित होकर या पार्टी के आधिकारिक मंचों के माध्यम से इसमें जुड़ा जा सकता है।
25 जून के बाद इस अभियान की आगे की योजना क्या है?
कांग्रेस ने संकेत दिया है कि 'छात्रों की गूंज' एकल-दिवसीय कार्यक्रम नहीं, बल्कि एक दीर्घकालिक राष्ट्रीय पहल है। 25 जून की प्रेस कॉन्फ्रेंस के बाद अभियान के अगले चरण की रूपरेखा स्पष्ट होने की उम्मीद है।
राष्ट्र प्रेस
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