20 अगस्त 2026
LIVE
Get it on Google Play Download on the App Store

कांग्रेस बैठक में पेपर लीक, परिसीमन और राम मंदिर चढ़ावे पर मंथन; तीन अहम प्रस्ताव पारित

शेयर करें:
ऑडियो वॉइस लोड हो रही है…
कांग्रेस बैठक में पेपर लीक, परिसीमन और राम मंदिर चढ़ावे पर मंथन; तीन अहम प्रस्ताव पारित

सारांश

कांग्रेस की 20 अगस्त की बैठक महज एजेंडा-सेटिंग नहीं थी — यह विपक्ष की बहु-मोर्चा रणनीति का खाका था। पेपर लीक से लेकर परिसीमन तक, राम मंदिर चढ़ावे से लेकर जातिगत जनगणना तक, पार्टी ने एक साथ कई संवेदनशील मुद्दों पर अपनी स्थिति स्पष्ट की।

मुख्य बातें

जयराम रमेश ने बताया कि 20 अगस्त की कांग्रेस बैठक में पेपर लीक, परिसीमन, शिक्षा और राम मंदिर चढ़ावे सहित कई मुद्दों पर चर्चा हुई।
राहुल गांधी ने सरकारी स्कूलों के बंद होने और शिक्षा निजीकरण पर चिंता जताई; 'छात्रों की गूंज' कार्यक्रम 400 स्थानों पर होगा।
कांग्रेस ने परिसीमन पर तीन प्रस्ताव लिए — 545 लोकसभा सीटें 25 वर्षों तक फ्रीज, राज्य सीटें यथावत, और महिला आरक्षण 2029 से लागू।
राम मंदिर चढ़ावा मामले पर 30-40 मिनट चर्चा; हर राज्य में प्रदर्शन का निर्णय और सर्वोच्च न्यायालय के निष्पक्ष न्यायाधीश से जाँच की माँग।
जातिगत जनगणना पर पार्टी ने कहा कि प्रधानमंत्री का वादा पूरा नहीं हो रहा और मौजूदा तरीके से जनगणना से कोई लाभ नहीं होगा।

कांग्रेस की 20 अगस्त को नई दिल्ली में हुई ऑफ-ब्रीफिंग बैठक में पेपर लीक, शिक्षा के निजीकरण, परिसीमन, जातिगत जनगणना, भारत-चीन संबंध और राम मंदिर चढ़ावा विवाद सहित कई अहम मुद्दों पर विस्तार से चर्चा हुई। पार्टी के संचार प्रभारी महासचिव जयराम रमेश ने बैठक के बाद मीडिया को जानकारी दी।

पेपर लीक पर केंद्र-राज्य समन्वय की चुनौती

बैठक में पेपर लीक की समस्या पर गहन विचार-विमर्श हुआ। जयराम रमेश ने स्पष्ट किया कि इस मुद्दे पर राज्यों के अपने-अपने कानून हैं और केंद्र का अलग कानून है। पार्टी ने इस बात पर जोर दिया कि दोनों स्तरों के बीच समन्वय स्थापित किए बिना परीक्षा प्रणाली में पारदर्शिता नहीं आ सकती। यह ऐसे समय में आया है जब देशभर में परीक्षा अनियमितताओं को लेकर छात्रों में व्यापक रोष देखा गया है।

राहुल गांधी ने उठाया शिक्षा निजीकरण का मुद्दा

लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने बैठक में सरकारी स्कूलों के बंद होने और शिक्षा के बढ़ते निजीकरण पर चिंता जताई। उन्होंने सुझाव दिया कि इस विषय पर विशेषज्ञों की राय ली जाए और पार्टी की आगामी रणनीति तय की जाए। इसी क्रम में पार्टी ने घोषणा की कि 'छात्रों की गूंज' कार्यक्रम देशभर के 400 स्थानों पर आयोजित किया जाएगा — न केवल बड़े महानगरों में, बल्कि छोटे कस्बों और अर्ध-शहरी क्षेत्रों में भी। राहुल गांधी सभी स्थानों पर नहीं जाएंगे; विभिन्न वरिष्ठ नेता अलग-अलग कार्यक्रमों का नेतृत्व करेंगे।

राम मंदिर चढ़ावा विवाद पर करीब 40 मिनट की चर्चा

राम मंदिर चढ़ावा मामले पर बैठक में करीब 30-40 मिनट तक विचार-विमर्श हुआ और सभी वक्ताओं ने अपनी राय रखी। उत्तर प्रदेश कांग्रेस पहले ही इस मुद्दे पर विरोध दर्ज करा चुकी है। अब पार्टी ने हर राज्य में प्रदर्शन करने का निर्णय लिया है। कांग्रेस ने इस मामले की जाँच सर्वोच्च न्यायालय के किसी न्यायाधीश से कराने की माँग की है, हालाँकि पार्टी की कार्यसमिति (CWC) के एक वरिष्ठ वकील सदस्य ने यह भी कहा कि जाँच किसी निष्पक्ष न्यायाधीश से होनी चाहिए।

परिसीमन पर तीन अहम प्रस्ताव

परिसीमन के मुद्दे पर कांग्रेस ने तीन स्पष्ट रुख अपनाए हैं। पहला — लोकसभा की मौजूदा 545 सीटों को 25 वर्षों तक फ्रीज किया जाए। दूसरा — सभी राज्यों की विधानसभा सीटों की संख्या यथावत बनाए रखी जाए। तीसरा — महिला आरक्षण को 2029 के आम चुनाव से लागू किया जाए। पार्टी का मानना है कि परिसीमन प्रक्रिया शुरू होने से पहले इन बिंदुओं पर स्पष्टता अनिवार्य है। गौरतलब है कि दक्षिणी राज्यों में परिसीमन को लेकर लंबे समय से आशंका बनी हुई है कि इससे उनकी संसदीय प्रतिनिधित्व में कमी आ सकती है।

जातिगत जनगणना और भारत-चीन संबंध भी एजेंडे पर

बैठक में जातिगत जनगणना पर पार्टी ने कहा कि प्रधानमंत्री ने जो वादा किया था, वह पूरा नहीं हो रहा है और मौजूदा तरीके से जनगणना कराने से अपेक्षित लाभ नहीं मिलेगा। भारत-चीन संबंधों पर भी संक्षिप्त चर्चा हुई। पार्टी ने संकेत दिया कि इन सभी मुद्दों पर आगामी हफ्तों में ठोस कार्ययोजना तैयार की जाएगी।

संपादकीय दृष्टिकोण

परिसीमन, राम मंदिर, जातिगत जनगणना और भारत-चीन संबंध — यह एजेंडा जितना व्यापक है, उतना ही जोखिम भरा भी है। कांग्रेस का बहु-मोर्चा दृष्टिकोण विपक्षी सक्रियता दिखाता है, लेकिन हर मुद्दे पर गहराई की कमी भी उजागर करता है। परिसीमन पर तीन प्रस्ताव ठोस हैं, मगर उनका क्रियान्वयन संसद में बहुमत के बिना असंभव है। 'छात्रों की गूंज' जैसे कार्यक्रम युवा मतदाताओं तक पहुँचने की कोशिश हैं, लेकिन असली परीक्षा यह होगी कि क्या पार्टी इन मुद्दों को ज़मीनी आंदोलन में बदल पाती है या ये बैठकों की सुर्खियाँ बनकर रह जाते हैं।
RashtraPress
20 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

कांग्रेस की 20 अगस्त की बैठक में कौन-कौन से मुद्दे उठे?
बैठक में पेपर लीक पर केंद्र-राज्य समन्वय, स्कूलों का बंद होना और शिक्षा निजीकरण, राम मंदिर चढ़ावा विवाद, जातिगत जनगणना, भारत-चीन संबंध और परिसीमन — इन सभी विषयों पर चर्चा हुई। संचार प्रभारी महासचिव जयराम रमेश ने बैठक के बाद यह जानकारी दी।
परिसीमन पर कांग्रेस के तीन प्रस्ताव क्या हैं?
कांग्रेस ने तीन स्थिति स्पष्ट कीं — लोकसभा की मौजूदा 545 सीटों को 25 वर्षों तक फ्रीज किया जाए, राज्यों की विधानसभा सीटों की संख्या यथावत रखी जाए, और महिला आरक्षण 2029 के आम चुनाव से लागू हो। पार्टी का कहना है कि परिसीमन से पहले इन बिंदुओं पर स्पष्टता ज़रूरी है।
'छात्रों की गूंज' कार्यक्रम क्या है और यह कहाँ होगा?
'छात्रों की गूंज' कांग्रेस का शिक्षा-केंद्रित जन-संपर्क कार्यक्रम है, जो देशभर के 400 स्थानों पर आयोजित होगा। यह कार्यक्रम केवल बड़े शहरों तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि छोटे कस्बों में भी होगा; राहुल गांधी की जगह विभिन्न वरिष्ठ नेता अलग-अलग स्थानों पर शिरकत करेंगे।
राम मंदिर चढ़ावा विवाद में कांग्रेस की माँग क्या है?
कांग्रेस ने इस मामले की जाँच सर्वोच्च न्यायालय के किसी न्यायाधीश से कराने की माँग की है। CWC के एक वरिष्ठ वकील सदस्य ने यह भी जोड़ा कि जाँच किसी निष्पक्ष न्यायाधीश से होनी चाहिए। पार्टी ने हर राज्य में प्रदर्शन करने का निर्णय लिया है।
जातिगत जनगणना पर कांग्रेस का क्या रुख है?
कांग्रेस ने कहा कि प्रधानमंत्री ने जातिगत जनगणना का जो वादा किया था, वह पूरा नहीं हो रहा। पार्टी का मानना है कि जिस तरीके से अभी जनगणना कराई जा रही है, उससे अपेक्षित सामाजिक-आर्थिक लाभ नहीं मिलेगा।
राष्ट्र प्रेस
सिलसिला

जुड़े बिंदु

इस ख़बर के पीछे की कड़ियाँ — सबसे नई पहले।

8 बिंदु
  1. नवीनतम 3 सप्ताह पहले
  2. 3 सप्ताह पहले
  3. 4 सप्ताह पहले
  4. 1 महीना पहले
  5. 1 महीना पहले
  6. 1 महीना पहले
  7. 2 महीने पहले
  8. 2 महीने पहले