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पेपर लीक पर जवाबदेही तय करो, शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान इस्तीफा दें: इमरान प्रतापगढ़ी

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पेपर लीक पर जवाबदेही तय करो, शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान इस्तीफा दें: इमरान प्रतापगढ़ी

सारांश

कांग्रेस का 'छात्रों की गूंज' अभियान महज़ विरोध नहीं — यह NTA की साख पर सीधा हमला है। 28 शहरों में 40 दिन, 1 अगस्त को कलेक्टर घेराव और 9 अगस्त को 'दिल्ली चलो' — पेपर लीक के बाद युवाओं के गुस्से को राजनीतिक आकार देने की कोशिश।

मुख्य बातें

कांग्रेस ने देशव्यापी अभियान 'छात्रों की गूंज' की शुरुआत की; राहुल गांधी ने कोटा, राजस्थान से उद्घाटन किया।
अभियान 40 दिनों तक 28 प्रमुख शहरों में चलेगा।
कांग्रेस ने केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा, पेपर लीक की निष्पक्ष जाँच और NTA का स्वतंत्र ऑडिट माँगा।
1 अगस्त को 28 शहरों में कलेक्टर कार्यालयों का घेराव; 9 अगस्त को 'दिल्ली चलो' से पहले चरण का समापन।
छात्र मिस्ड कॉल नंबर 9873036161 पर कॉल कर अभियान से जुड़ सकते हैं।

कांग्रेस के राज्यसभा सांसद इमरान प्रतापगढ़ी ने 25 जून को रांची में प्रेस कॉन्फ्रेंस कर केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान से नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए इस्तीफा देने की मांग की। उन्होंने कहा कि देश की परीक्षा प्रणाली में बार-बार हो रही विफलताओं और पेपर लीक के लिए जवाबदेही तय किए बिना व्यवस्था नहीं सुधरेगी।

'छात्रों की गूंज' अभियान का आगाज़

भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस (कांग्रेस) ने छात्रों और प्रतियोगी परीक्षा अभ्यर्थियों के मुद्दों को केंद्र में रखते हुए देशव्यापी अभियान 'छात्रों की गूंज' की शुरुआत की है। प्रतापगढ़ी ने बताया कि यह अभियान अगले 40 दिनों तक देश के 28 प्रमुख शहरों में चलाया जाएगा। लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने राजस्थान के कोटा से इस अभियान का उद्घाटन किया।

प्रतापगढ़ी ने स्पष्ट किया कि यह केवल परीक्षा से जुड़ा मसला नहीं, बल्कि देश के युवाओं के भविष्य, रोज़गार और अवसरों से जुड़ा बुनियादी सवाल है। उन्होंने कहा, 'थर्मामीटर बदलने से बुखार खत्म नहीं होता' — यानी महज़ प्रशासनिक फेरबदल से समस्या की जड़ नहीं सुधरेगी।

मुख्य मांगें

कांग्रेस ने इस अभियान के ज़रिए चार प्रमुख माँगें रखी हैं:

पहली, केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान का तत्काल इस्तीफा। दूसरी, पेपर लीक मामलों की निष्पक्ष जाँच। तीसरी, राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी (NTA) समेत पूरी परीक्षा प्रणाली का स्वतंत्र ऑडिट। चौथी, वार्षिक परीक्षा एवं भर्ती कैलेंडर लागू कर समयबद्ध नियुक्तियाँ सुनिश्चित करना।

परीक्षा प्रणाली पर भरोसे का संकट

प्रतापगढ़ी के अनुसार, पिछले कुछ वर्षों में देशभर में लगातार पेपर लीक और परीक्षा संबंधी गड़बड़ियों के मामले सामने आए हैं, जिससे लाखों युवाओं का भविष्य प्रभावित हुआ है। उन्होंने आरोप लगाया कि दोषियों के खिलाफ अब तक कोई प्रभावी कार्रवाई नहीं की गई, जिससे छात्रों और युवाओं का परीक्षा प्रणाली पर भरोसा कमज़ोर हुआ है।

यह ऐसे समय में आया है जब NEET-UG और अन्य केंद्रीय परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं को लेकर देशभर में छात्र समुदाय में आक्रोश है। गौरतलब है कि NTA की विश्वसनीयता पर सवाल उठाने वाली यह पहली बड़ी राजनीतिक पहल नहीं है, लेकिन संगठित राष्ट्रव्यापी अभियान के रूप में इसका दायरा व्यापक है।

अभियान की कार्ययोजना

अभियान के तहत छात्र संपर्क कार्यक्रम, नुक्कड़ सभाएँ, कैंपस संवाद और जागरूकता रैलियाँ आयोजित की जाएँगी। पहले चरण के अंतर्गत 1 अगस्त को देश के 28 शहरों में कलेक्टर कार्यालयों का घेराव किया जाएगा। इसके बाद 9 अगस्त को 'दिल्ली चलो' कार्यक्रम के साथ पहले चरण का समापन होगा।

कांग्रेस ने छात्रों और अभ्यर्थियों से अभियान में सक्रिय भागीदारी की अपील की है। इसके लिए पार्टी ने 9873036161 नंबर जारी किया है, जिस पर मिस्ड कॉल देकर छात्र अभियान से जुड़ सकते हैं।

आगे क्या

अभियान के दूसरे चरण की रूपरेखा 9 अगस्त के बाद तय होगी। यदि सरकार ने माँगों पर ध्यान नहीं दिया, तो कांग्रेस के आंदोलन को और तेज़ करने के संकेत मिले हैं। परीक्षा सुधार की यह माँग आगामी विधानसभा चुनावों में युवा मतदाताओं के बीच एक प्रमुख राजनीतिक मुद्दा बनने की संभावना है।

संपादकीय दृष्टिकोण

जो अभी तक नहीं बन पाई। बिना वैकल्पिक परीक्षा ढाँचे के प्रस्ताव के, यह अभियान जन-जागरण से आगे जाने में कितना सफल होगा — यह देखना बाकी है।
RashtraPress
11 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

कांग्रेस का 'छात्रों की गूंज' अभियान क्या है?
यह कांग्रेस द्वारा शुरू किया गया देशव्यापी अभियान है, जो पेपर लीक, परीक्षा अनियमितताओं और युवाओं के रोज़गार के मुद्दों पर जनमत तैयार करने के लिए 40 दिनों तक 28 प्रमुख शहरों में चलाया जाएगा। राहुल गांधी ने इसकी शुरुआत राजस्थान के कोटा से की।
कांग्रेस ने शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा क्यों माँगा?
कांग्रेस का आरोप है कि पिछले कुछ वर्षों में लगातार पेपर लीक और परीक्षा गड़बड़ियों के बावजूद दोषियों पर प्रभावी कार्रवाई नहीं हुई। इमरान प्रतापगढ़ी के अनुसार, परीक्षा प्रणाली की बार-बार विफलताओं की नैतिक जिम्मेदारी शिक्षा मंत्री पर बनती है।
अभियान के तहत 1 अगस्त और 9 अगस्त को क्या होगा?
1 अगस्त को देश के 28 शहरों में कलेक्टर कार्यालयों का घेराव किया जाएगा। 9 अगस्त को 'दिल्ली चलो' कार्यक्रम के साथ अभियान के पहले चरण का समापन होगा।
NTA के स्वतंत्र ऑडिट की माँग क्यों उठाई जा रही है?
कांग्रेस का कहना है कि NEET-UG समेत कई केंद्रीय परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं के बाद राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी (NTA) की विश्वसनीयता पर सवाल उठे हैं। पार्टी चाहती है कि पूरी परीक्षा प्रणाली का स्वतंत्र ऑडिट हो ताकि खामियों की जड़ तक पहुँचा जा सके।
छात्र इस अभियान से कैसे जुड़ सकते हैं?
कांग्रेस ने इसके लिए 9873036161 नंबर जारी किया है। इस नंबर पर मिस्ड कॉल देकर छात्र और अभ्यर्थी अभियान से जुड़ सकते हैं। इसके अलावा नुक्कड़ सभाओं, कैंपस संवाद और छात्र संपर्क कार्यक्रमों में भी भागीदारी की जा सकती है।
राष्ट्र प्रेस
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