पेपर लीक पर जवाबदेही तय करो, शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान इस्तीफा दें: इमरान प्रतापगढ़ी
सारांश
मुख्य बातें
कांग्रेस के राज्यसभा सांसद इमरान प्रतापगढ़ी ने 25 जून को रांची में प्रेस कॉन्फ्रेंस कर केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान से नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए इस्तीफा देने की मांग की। उन्होंने कहा कि देश की परीक्षा प्रणाली में बार-बार हो रही विफलताओं और पेपर लीक के लिए जवाबदेही तय किए बिना व्यवस्था नहीं सुधरेगी।
'छात्रों की गूंज' अभियान का आगाज़
भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस (कांग्रेस) ने छात्रों और प्रतियोगी परीक्षा अभ्यर्थियों के मुद्दों को केंद्र में रखते हुए देशव्यापी अभियान 'छात्रों की गूंज' की शुरुआत की है। प्रतापगढ़ी ने बताया कि यह अभियान अगले 40 दिनों तक देश के 28 प्रमुख शहरों में चलाया जाएगा। लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने राजस्थान के कोटा से इस अभियान का उद्घाटन किया।
प्रतापगढ़ी ने स्पष्ट किया कि यह केवल परीक्षा से जुड़ा मसला नहीं, बल्कि देश के युवाओं के भविष्य, रोज़गार और अवसरों से जुड़ा बुनियादी सवाल है। उन्होंने कहा, 'थर्मामीटर बदलने से बुखार खत्म नहीं होता' — यानी महज़ प्रशासनिक फेरबदल से समस्या की जड़ नहीं सुधरेगी।
मुख्य मांगें
कांग्रेस ने इस अभियान के ज़रिए चार प्रमुख माँगें रखी हैं:
पहली, केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान का तत्काल इस्तीफा। दूसरी, पेपर लीक मामलों की निष्पक्ष जाँच। तीसरी, राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी (NTA) समेत पूरी परीक्षा प्रणाली का स्वतंत्र ऑडिट। चौथी, वार्षिक परीक्षा एवं भर्ती कैलेंडर लागू कर समयबद्ध नियुक्तियाँ सुनिश्चित करना।
परीक्षा प्रणाली पर भरोसे का संकट
प्रतापगढ़ी के अनुसार, पिछले कुछ वर्षों में देशभर में लगातार पेपर लीक और परीक्षा संबंधी गड़बड़ियों के मामले सामने आए हैं, जिससे लाखों युवाओं का भविष्य प्रभावित हुआ है। उन्होंने आरोप लगाया कि दोषियों के खिलाफ अब तक कोई प्रभावी कार्रवाई नहीं की गई, जिससे छात्रों और युवाओं का परीक्षा प्रणाली पर भरोसा कमज़ोर हुआ है।
यह ऐसे समय में आया है जब NEET-UG और अन्य केंद्रीय परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं को लेकर देशभर में छात्र समुदाय में आक्रोश है। गौरतलब है कि NTA की विश्वसनीयता पर सवाल उठाने वाली यह पहली बड़ी राजनीतिक पहल नहीं है, लेकिन संगठित राष्ट्रव्यापी अभियान के रूप में इसका दायरा व्यापक है।
अभियान की कार्ययोजना
अभियान के तहत छात्र संपर्क कार्यक्रम, नुक्कड़ सभाएँ, कैंपस संवाद और जागरूकता रैलियाँ आयोजित की जाएँगी। पहले चरण के अंतर्गत 1 अगस्त को देश के 28 शहरों में कलेक्टर कार्यालयों का घेराव किया जाएगा। इसके बाद 9 अगस्त को 'दिल्ली चलो' कार्यक्रम के साथ पहले चरण का समापन होगा।
कांग्रेस ने छात्रों और अभ्यर्थियों से अभियान में सक्रिय भागीदारी की अपील की है। इसके लिए पार्टी ने 9873036161 नंबर जारी किया है, जिस पर मिस्ड कॉल देकर छात्र अभियान से जुड़ सकते हैं।
आगे क्या
अभियान के दूसरे चरण की रूपरेखा 9 अगस्त के बाद तय होगी। यदि सरकार ने माँगों पर ध्यान नहीं दिया, तो कांग्रेस के आंदोलन को और तेज़ करने के संकेत मिले हैं। परीक्षा सुधार की यह माँग आगामी विधानसभा चुनावों में युवा मतदाताओं के बीच एक प्रमुख राजनीतिक मुद्दा बनने की संभावना है।