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पेपर लीक के खिलाफ कांग्रेस का 40 दिवसीय अभियान, 28 राज्यों में 25 जून से 9 अगस्त तक मार्च

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पेपर लीक के खिलाफ कांग्रेस का 40 दिवसीय अभियान, 28 राज्यों में 25 जून से 9 अगस्त तक मार्च

सारांश

कांग्रेस ने पेपर लीक के खिलाफ 40 दिन, 28 राज्य और 'चलो दिल्ली' मार्च का दांव खेला है। सांसद वर्षा गायकवाड़ का दावा — एक दशक में 89 परीक्षाएँ लीक से प्रभावित। निशाने पर शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान और पूरी परीक्षा प्रणाली।

मुख्य बातें

कांग्रेस सांसद वर्षा गायकवाड़ ने 25 जून 2025 को बेंगलुरु से 40 दिवसीय राष्ट्रव्यापी अभियान की घोषणा की।
अभियान 28 राज्यों और 28 प्रमुख शहरों में 25 जून से 9 अगस्त तक चलेगा।
1 अगस्त को 'छात्र यात्रा' और 9 अगस्त को 'चलो दिल्ली' मार्च प्रस्तावित।
कांग्रेस की माँग — शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा और परीक्षा प्रणाली में व्यापक सुधार।
गायकवाड़ का दावा — पिछले एक दशक में कथित तौर पर 89 परीक्षाएँ पेपर लीक से प्रभावित।

कांग्रेस सांसद वर्षा गायकवाड़ ने 25 जून 2025 को बेंगलुरु में देश की परीक्षा प्रणाली में कथित प्रश्नपत्र लीक और व्यापक अनियमितताओं के खिलाफ 40 दिवसीय राष्ट्रव्यापी अभियान की घोषणा की। यह अभियान 25 जून से 9 अगस्त तक 28 राज्यों और 28 प्रमुख शहरों में चलाया जाएगा। गायकवाड़ ने राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (NDA) सरकार पर लाखों छात्रों के हितों की रक्षा करने में विफल रहने का आरोप लगाया।

अभियान की रूपरेखा और मुख्य गतिविधियाँ

बेंगलुरु के क्वींस रोड स्थित कृषि प्रौद्योगिकी संस्थान में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में गायकवाड़ ने बताया कि इस अभियान के तहत कांग्रेस कार्यकर्ता, युवा कांग्रेस और राष्ट्रीय छात्र संगठन (NSUI) के सदस्य छात्रों से सीधा संवाद करेंगे, पर्चे वितरित करेंगे और शिक्षा क्षेत्र की समस्याओं पर उनकी प्रतिक्रिया दर्ज करेंगे। 1 अगस्त को 'छात्र यात्रा' निकाली जाएगी, जिसके बाद 9 अगस्त को 'चलो दिल्ली' मार्च और राष्ट्रीय राजधानी में एक बड़ा विरोध प्रदर्शन प्रस्तावित है।

यह पहल कांग्रेस नेता राहुल गांधी द्वारा हाल ही में नीट (NEET) और अन्य प्रतियोगी परीक्षाओं से जुड़े मुद्दों पर किए गए जनसंपर्क प्रयासों के बाद शुरू की गई है।

कांग्रेस की तीन प्रमुख मांगें

गायकवाड़ ने तीन स्पष्ट माँगें रखीं। पहली — केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान का तत्काल इस्तीफा। दूसरी — परीक्षा अनियमितताओं के लिए कथित तौर पर जिम्मेदार अधिकारियों के विरुद्ध ठोस कार्रवाई। तीसरी — प्रश्नपत्र तैयार करने से लेकर छपाई, परिवहन और परीक्षा संचालन तक, पूरी परीक्षा प्रणाली में व्यापक सुधार।

उन्होंने कहा, 'छात्र असफल नहीं हो रहे हैं, बल्कि शिक्षा मंत्रालय और एनडीए सरकार असफल हो रही हैं — उनकी नाकामियों के कारण लाखों छात्र भारी कठिनाइयों का सामना कर रहे हैं।'

पेपर लीक का दायरा: एक दशक का संकट

गायकवाड़ ने दावा किया कि पिछले एक दशक में कथित तौर पर 89 परीक्षाएँ प्रश्नपत्र लीक से प्रभावित हुई हैं, जिसके चलते कई परीक्षाएँ दोबारा आयोजित करनी पड़ीं या रद्द करनी पड़ीं। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि अनियमितताओं के कारण विभिन्न राज्यों में अनेक भर्ती परीक्षाएँ निरस्त की गई हैं।

गौरतलब है कि यह अभियान ऐसे समय में शुरू हो रहा है जब NEET-UG परीक्षा विवाद को लेकर देशभर में छात्र आंदोलन की लहर है और सर्वोच्च न्यायालय में भी इस मामले की सुनवाई जारी है।

आगे की राह: संसद तक पहुँचेगी छात्रों की आवाज़

कांग्रेस सांसद ने स्पष्ट किया कि अभियान के दौरान एकत्र की गई छात्रों की शिकायतें और माँगें केंद्रीय शिक्षा मंत्रालय और प्रधानमंत्री के समक्ष रखी जाएँगी। पार्टी का इरादा आगामी संसद सत्र में इन मुद्दों को सदन के पटल पर उठाने का है, ताकि परीक्षा प्रणाली में ढाँचागत सुधार के लिए विधायी दबाव बनाया जा सके।

संपादकीय दृष्टिकोण

उसे संगठित आंदोलन में बदलने की कोशिश स्पष्ट है। लेकिन असली सवाल यह है कि क्या '89 परीक्षाएँ लीक' जैसे आँकड़े स्वतंत्र रूप से सत्यापित हैं, या ये केवल राजनीतिक आख्यान का हिस्सा हैं। यह भी ध्यान देने योग्य है कि परीक्षा अनियमितताएँ केवल केंद्र तक सीमित नहीं रहीं — कई कांग्रेस-शासित राज्यों में भी भर्ती परीक्षाएँ विवादों में रही हैं। बिना पार्टी-निरपेक्ष जवाबदेही के, यह अभियान सुधार की माँग कम और चुनावी गोलबंदी अधिक लग सकता है।
RashtraPress
10 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

कांग्रेस का पेपर लीक विरोधी 40 दिवसीय अभियान क्या है?
यह कांग्रेस सांसद वर्षा गायकवाड़ द्वारा 25 जून 2025 को बेंगलुरु से घोषित एक राष्ट्रव्यापी अभियान है, जो 28 राज्यों और 28 प्रमुख शहरों में 25 जून से 9 अगस्त तक चलेगा। इसका उद्देश्य परीक्षा प्रश्नपत्र लीक और शिक्षा प्रणाली में कथित अनियमितताओं के खिलाफ छात्रों को एकजुट करना है।
कांग्रेस ने इस अभियान में क्या माँगें रखी हैं?
कांग्रेस ने तीन प्रमुख माँगें रखी हैं — केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा, परीक्षा अनियमितताओं के लिए जिम्मेदार अधिकारियों पर कार्रवाई, और प्रश्नपत्र निर्माण से लेकर परीक्षा संचालन तक पूरी प्रणाली में व्यापक सुधार।
'चलो दिल्ली' मार्च कब होगा और इसका उद्देश्य क्या है?
'चलो दिल्ली' मार्च 9 अगस्त 2025 को प्रस्तावित है, जिसके साथ राष्ट्रीय राजधानी में एक बड़ा विरोध प्रदर्शन होगा। इससे पहले 1 अगस्त को 'छात्र यात्रा' निकाली जाएगी। इसका उद्देश्य छात्रों की माँगों को सीधे केंद्र सरकार और संसद तक पहुँचाना है।
पिछले एक दशक में कितनी परीक्षाएँ पेपर लीक से प्रभावित हुई हैं?
कांग्रेस सांसद वर्षा गायकवाड़ के दावे के अनुसार, पिछले एक दशक में कथित तौर पर लगभग 89 परीक्षाएँ प्रश्नपत्र लीक से प्रभावित हुई हैं। इनमें से कई परीक्षाएँ दोबारा आयोजित करनी पड़ीं या रद्द करनी पड़ीं, हालाँकि इस आँकड़े का स्वतंत्र सत्यापन अभी बाकी है।
इस अभियान में NSUI और युवा कांग्रेस की क्या भूमिका होगी?
अभियान के तहत युवा कांग्रेस और राष्ट्रीय छात्र संगठन (NSUI) के सदस्य छात्रों से सीधा संवाद करेंगे, पर्चे वितरित करेंगे और शिक्षा से जुड़े मुद्दों पर उनकी प्रतिक्रिया एकत्र करेंगे। इस फीडबैक को केंद्रीय शिक्षा मंत्रालय और प्रधानमंत्री के समक्ष रखा जाएगा।
राष्ट्र प्रेस
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