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नीट पेपर लीक: धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे तक विरोध जारी रखेंगे INDIA गठबंधन के सांसद

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नीट पेपर लीक: धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे तक विरोध जारी रखेंगे INDIA गठबंधन के सांसद

सारांश

नीट पेपर लीक पर INDIA गठबंधन का गुस्सा अब एक सुर में बोल रहा है — कांग्रेस, RJD, शिवसेना (UBT) और JMM के सांसदों ने धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे तक आंदोलन जारी रखने की चेतावनी दी है। छात्रों पर लाठीचार्ज के आरोप, CBI की सुस्त जाँच और सोनम वांगचुक प्रकरण ने विपक्ष को एकजुट कर दिया है।

मुख्य बातें

INDIA गठबंधन के सांसदों ने 24 जुलाई को शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे तक विरोध जारी रखने की घोषणा की।
कांग्रेस, RJD , शिवसेना (UBT) और JMM ने नीट पेपर लीक पर सरकार की जवाबदेही माँगी।
कांग्रेस सांसद जेबी माथर ने आरोप लगाया कि प्रदर्शनकारी छात्रों पर आँसू गैस और लाठीचार्ज किया गया।
50 से अधिक सांसदों ने सोनम वांगचुक से अनशन समाप्त करने की अपील पर हस्ताक्षर किए।
RJD सांसद संजय यादव ने कहा कि CBI अब तक नीट मामले में मुख्य आरोपी के खिलाफ चार्जशीट दाखिल नहीं कर पाई।
कांग्रेस सांसद मल्लू रवि ने कहा कि राहुल गांधी और अखिलेश यादव सहित पूरा विपक्ष इस्तीफे की माँग पर एकमत है।

नई दिल्ली, 24 जुलाई — नीट पेपर लीक विवाद और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के वीडियो संदेश के बाद INDIA गठबंधन के सांसदों ने एकजुट होकर केंद्र सरकार पर निशाना साधा है। भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस (INC), राष्ट्रीय जनता दल (RJD), शिवसेना (UBT) और झारखंड मुक्ति मोर्चा (JMM) के नेताओं ने एकस्वर में शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की माँग दोहराई और छात्र आंदोलन को अपना पूर्ण समर्थन देने का ऐलान किया।

मुख्य घटनाक्रम

कांग्रेस सांसद इमरान मसूद ने प्रधानमंत्री के संबोधन को 'दिखावटी' करार देते हुए कहा कि सरकार के वादे कभी पूरे नहीं हुए। उन्होंने माँग की कि यदि केंद्र सरकार वास्तव में छात्रों के हित में है, तो उसे शिक्षा ऋण माफ करना चाहिए और उच्च शिक्षा को आर्थिक रूप से कमज़ोर वर्ग के लिए सुलभ बनाना चाहिए।

कांग्रेस सांसद अमर सिंह ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा स्वीकार होने तक विरोध-प्रदर्शन किसी भी स्थिति में नहीं रुकेगा। उनके अनुसार, सरकार जनता को गुमराह करने की कोशिश कर रही है, लेकिन छात्र और विपक्ष दोनों इस मंशा को भाँप चुके हैं।

सरकार पर दमन के आरोप

कांग्रेस सांसद जेबी माथर ने आरोप लगाया कि प्रदर्शनकारी छात्रों पर शुरुआत में आँसू गैस और लाठीचार्ज किया गया। उनका कहना था कि जब आंदोलन दबाने की तमाम कोशिशें विफल रहीं और INDIA गठबंधन का दबाव बढ़ता रहा, तभी सरकार बातचीत की मेज़ पर आई।

शिवसेना (UBT) के सांसद अनिल देसाई ने कहा कि छात्रों की माँगें पूरी तरह न्यायसंगत हैं। उन्होंने यह भी रेखांकित किया कि कार्यकर्ता सोनम वांगचुक की तबीयत लगातार बिगड़ने के बाद ही सरकार ने उनसे संपर्क किया और माँगों पर विचार का आश्वासन दिया — जो सरकार की प्रतिक्रियाशील कार्यशैली को उजागर करता है।

सोनम वांगचुक की भूख हड़ताल और सांसदों की अपील

JMM सांसद महुआ माजी ने सोनम वांगचुक द्वारा अनशन समाप्त किए जाने पर राहत जताई। उन्होंने बताया कि 50 से अधिक सांसदों ने वांगचुक से भूख हड़ताल समाप्त करने की अपील पर हस्ताक्षर किए थे। माजी ने यह भी आरोप लगाया कि जब वे अस्पताल में वांगचुक से मिलने गईं, तो पुलिस प्रशासन ने उन्हें अनुमति नहीं दी, जिसके बाद उनकी पत्नी के माध्यम से संदेश भेजा गया।

नीट जाँच पर सवाल

RJD सांसद संजय यादव ने कहा कि नीट पेपर लीक मामले में केंद्रीय जाँच ब्यूरो (CBI) अब तक मुख्य आरोपी के खिलाफ चार्जशीट दाखिल नहीं कर पाई है। उन्होंने आरोप लगाया कि केंद्र सरकार गंभीर मामलों में दीर्घकालिक नीति बनाने के बजाय प्रतीकात्मक फैसलों से काम चलाती है।

कांग्रेस सांसद मल्लू रवि ने कहा कि राहुल गांधी, अखिलेश यादव और पूरा विपक्ष शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की माँग पर एकमत है, ताकि इस पूरे प्रकरण में सरकार की जवाबदेही सुनिश्चित हो सके। उनके अनुसार, सरकार मूल मुद्दे से ध्यान भटकाने की कोशिश कर रही है।

आगे क्या होगा

गठबंधन के नेताओं ने स्पष्ट किया है कि धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे तक संसद के भीतर और बाहर दोनों जगह दबाव बनाए रखा जाएगा। यह आंदोलन ऐसे समय में तेज़ हुआ है जब नीट विवाद को लेकर देशभर में छात्र सड़कों पर हैं और सर्वोच्च न्यायालय में भी मामले की सुनवाई जारी है। विपक्ष की एकजुटता आने वाले संसद सत्र में सरकार के लिए बड़ी चुनौती बन सकती है।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन असली सवाल यह है कि क्या इस्तीफे की माँग से नीट की संरचनागत खामियाँ दूर होंगी। शिक्षा मंत्री को हटाना एक राजनीतिक जीत हो सकती है, पर परीक्षा प्रणाली में पारदर्शिता और CBI जाँच की धीमी रफ्तार — ये मुद्दे किसी एक इस्तीफे से नहीं सुलझेंगे। गौरतलब है कि सोनम वांगचुक प्रकरण को नीट विवाद से जोड़ना विपक्ष की व्यापक रणनीति का हिस्सा लगता है — जो अलग-अलग जन-आंदोलनों को एक राजनीतिक छतरी के नीचे लाने की कोशिश है। मुख्यधारा की कवरेज जो नज़रअंदाज़ कर रही है वह यह है कि CBI की चार्जशीट में देरी पर अभी तक किसी ने सीधे जवाब नहीं माँगा — यही असली जवाबदेही की कसौटी है।
RashtraPress
24 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

INDIA गठबंधन धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा क्यों माँग रहा है?
INDIA गठबंधन के सांसदों का कहना है कि नीट पेपर लीक मामले में शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान की जवाबदेही तय होनी चाहिए। उनके अनुसार, इस पूरे प्रकरण में सरकार की विफलता की नैतिक ज़िम्मेदारी शिक्षा मंत्री पर बनती है।
नीट पेपर लीक मामले में CBI की जाँच कहाँ तक पहुँची है?
RJD सांसद संजय यादव के अनुसार, CBI अब तक नीट पेपर लीक मामले में मुख्य आरोपी के खिलाफ चार्जशीट दाखिल नहीं कर पाई है। विपक्ष इसे सरकार की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाने का आधार बना रहा है।
सोनम वांगचुक का इस मामले से क्या संबंध है?
कार्यकर्ता सोनम वांगचुक अलग माँगों को लेकर भूख हड़ताल पर थे, जिनकी तबीयत बिगड़ने पर सरकार ने बातचीत की। 50 से अधिक सांसदों ने उनसे अनशन समाप्त करने की अपील पर हस्ताक्षर किए थे। JMM सांसद महुआ माजी ने आरोप लगाया कि पुलिस ने उन्हें अस्पताल में वांगचुक से मिलने नहीं दिया।
क्या सरकार ने छात्र प्रदर्शनकारियों पर बल प्रयोग किया?
कांग्रेस सांसद जेबी माथर ने आरोप लगाया कि शुरुआत में प्रदर्शनकारी छात्रों पर आँसू गैस छोड़ी गई और लाठीचार्ज किया गया। उनके अनुसार, आंदोलन दबाने में विफल रहने के बाद ही सरकार बातचीत के लिए तैयार हुई।
विपक्ष आगे क्या करने की योजना बना रहा है?
INDIA गठबंधन के नेताओं ने स्पष्ट किया है कि धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा स्वीकार होने तक संसद के भीतर और बाहर दोनों जगह विरोध जारी रहेगा। कांग्रेस सांसद मल्लू रवि ने कहा कि राहुल गांधी और अखिलेश यादव सहित पूरा विपक्ष इस माँग पर एकजुट है।
राष्ट्र प्रेस
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