नीट पेपर लीक: धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे तक विरोध जारी रखेंगे INDIA गठबंधन के सांसद
सारांश
मुख्य बातें
नई दिल्ली, 24 जुलाई — नीट पेपर लीक विवाद और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के वीडियो संदेश के बाद INDIA गठबंधन के सांसदों ने एकजुट होकर केंद्र सरकार पर निशाना साधा है। भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस (INC), राष्ट्रीय जनता दल (RJD), शिवसेना (UBT) और झारखंड मुक्ति मोर्चा (JMM) के नेताओं ने एकस्वर में शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की माँग दोहराई और छात्र आंदोलन को अपना पूर्ण समर्थन देने का ऐलान किया।
मुख्य घटनाक्रम
कांग्रेस सांसद इमरान मसूद ने प्रधानमंत्री के संबोधन को 'दिखावटी' करार देते हुए कहा कि सरकार के वादे कभी पूरे नहीं हुए। उन्होंने माँग की कि यदि केंद्र सरकार वास्तव में छात्रों के हित में है, तो उसे शिक्षा ऋण माफ करना चाहिए और उच्च शिक्षा को आर्थिक रूप से कमज़ोर वर्ग के लिए सुलभ बनाना चाहिए।
कांग्रेस सांसद अमर सिंह ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा स्वीकार होने तक विरोध-प्रदर्शन किसी भी स्थिति में नहीं रुकेगा। उनके अनुसार, सरकार जनता को गुमराह करने की कोशिश कर रही है, लेकिन छात्र और विपक्ष दोनों इस मंशा को भाँप चुके हैं।
सरकार पर दमन के आरोप
कांग्रेस सांसद जेबी माथर ने आरोप लगाया कि प्रदर्शनकारी छात्रों पर शुरुआत में आँसू गैस और लाठीचार्ज किया गया। उनका कहना था कि जब आंदोलन दबाने की तमाम कोशिशें विफल रहीं और INDIA गठबंधन का दबाव बढ़ता रहा, तभी सरकार बातचीत की मेज़ पर आई।
शिवसेना (UBT) के सांसद अनिल देसाई ने कहा कि छात्रों की माँगें पूरी तरह न्यायसंगत हैं। उन्होंने यह भी रेखांकित किया कि कार्यकर्ता सोनम वांगचुक की तबीयत लगातार बिगड़ने के बाद ही सरकार ने उनसे संपर्क किया और माँगों पर विचार का आश्वासन दिया — जो सरकार की प्रतिक्रियाशील कार्यशैली को उजागर करता है।
सोनम वांगचुक की भूख हड़ताल और सांसदों की अपील
JMM सांसद महुआ माजी ने सोनम वांगचुक द्वारा अनशन समाप्त किए जाने पर राहत जताई। उन्होंने बताया कि 50 से अधिक सांसदों ने वांगचुक से भूख हड़ताल समाप्त करने की अपील पर हस्ताक्षर किए थे। माजी ने यह भी आरोप लगाया कि जब वे अस्पताल में वांगचुक से मिलने गईं, तो पुलिस प्रशासन ने उन्हें अनुमति नहीं दी, जिसके बाद उनकी पत्नी के माध्यम से संदेश भेजा गया।
नीट जाँच पर सवाल
RJD सांसद संजय यादव ने कहा कि नीट पेपर लीक मामले में केंद्रीय जाँच ब्यूरो (CBI) अब तक मुख्य आरोपी के खिलाफ चार्जशीट दाखिल नहीं कर पाई है। उन्होंने आरोप लगाया कि केंद्र सरकार गंभीर मामलों में दीर्घकालिक नीति बनाने के बजाय प्रतीकात्मक फैसलों से काम चलाती है।
कांग्रेस सांसद मल्लू रवि ने कहा कि राहुल गांधी, अखिलेश यादव और पूरा विपक्ष शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की माँग पर एकमत है, ताकि इस पूरे प्रकरण में सरकार की जवाबदेही सुनिश्चित हो सके। उनके अनुसार, सरकार मूल मुद्दे से ध्यान भटकाने की कोशिश कर रही है।
आगे क्या होगा
गठबंधन के नेताओं ने स्पष्ट किया है कि धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे तक संसद के भीतर और बाहर दोनों जगह दबाव बनाए रखा जाएगा। यह आंदोलन ऐसे समय में तेज़ हुआ है जब नीट विवाद को लेकर देशभर में छात्र सड़कों पर हैं और सर्वोच्च न्यायालय में भी मामले की सुनवाई जारी है। विपक्ष की एकजुटता आने वाले संसद सत्र में सरकार के लिए बड़ी चुनौती बन सकती है।