24 जुलाई 2026
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नीट पेपर लीक: सीजेपी प्रतिनिधिमंडल की कॉन्स्टिट्यूशन क्लब में सरकार से बैठक, धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग

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नीट पेपर लीक: सीजेपी प्रतिनिधिमंडल की कॉन्स्टिट्यूशन क्लब में सरकार से बैठक, धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग

सारांश

नीट पेपर लीक पर जंतर-मंतर का धरना अब बातचीत की मेज तक पहुँचा — सीजेपी और केंद्र सरकार कॉन्स्टिट्यूशन क्लब में आमने-सामने होंगे। शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की माँग और प्रस्तावित सख्त कानून के बीच यह बैठक तय करेगी कि विरोध-प्रदर्शन का अगला रुख क्या होगा।

मुख्य बातें

सीजेपी का प्रतिनिधिमंडल 24 जुलाई को कॉन्स्टिट्यूशन क्लब ऑफ इंडिया में केंद्र सरकार के मंत्रियों से मिलेगा।
सरकार ने सीजेपी की तटस्थ स्थान पर वार्ता की माँग स्वीकार की।
पार्टी केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे और परीक्षा प्रणाली में व्यापक सुधार की माँग कर रही है।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पेपर लीक के खिलाफ सख्त कानून लाने की घोषणा की; कैबिनेट बैठक में चर्चा संभव।
सीजेपी का कहना है कि केवल कानून में बदलाव पर्याप्त नहीं — शिक्षा मंत्री को हटाना ही असली कदम होगा।

नई दिल्ली में 24 जुलाई को नीट पेपर लीक विवाद के बीच सीजेपी (कॉकरोच जनता पार्टी) का एक प्रतिनिधिमंडल केंद्र सरकार के मंत्रियों से कॉन्स्टिट्यूशन क्लब ऑफ इंडिया में मुलाकात करेगा। सरकार द्वारा तटस्थ स्थान पर वार्ता की माँग स्वीकार किए जाने के बाद यह बैठक संभव हो सकी है।

बैठक की पृष्ठभूमि

सीजेपी पिछले कई दिनों से जंतर-मंतर पर कथित परीक्षा अनियमितताओं के विरुद्ध जवाबदेही की माँग को लेकर धरने पर बैठी है। पार्टी की प्रमुख शर्त थी कि वार्ता किसी सरकारी कार्यालय में नहीं, बल्कि तटस्थ स्थान पर हो — और केंद्र ने इस माँग को स्वीकार करते हुए कॉन्स्टिट्यूशन क्लब ऑफ इंडिया को बैठक-स्थल के रूप में चुना।

इस घटनाक्रम की पुष्टि करते हुए सीजेपी सदस्य सौरभ दास ने कहा, "चर्चा के लिए बुलाया गया है। हमें बहुत खुशी है कि सरकार ने हमारी इस माँग को मान लिया है कि बातचीत किसी तटस्थ स्थान पर हो। इसके लिए कॉन्स्टिट्यूशन क्लब ऑफ इंडिया को चुना गया है।"

सीजेपी की प्रमुख माँगें

सीजेपी केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के तत्काल इस्तीफे की माँग कर रही है। पार्टी का कहना है कि नीट पेपर लीक विवाद से निपटने के तरीके की जिम्मेदारी सीधे शिक्षा मंत्री पर है। इस्तीफे की माँग के साथ-साथ पार्टी ने भविष्य में ऐसी अनियमितताओं को रोकने के लिए देश की शिक्षा और परीक्षा प्रणाली में व्यापक सुधार की भी माँग रखी है।

सरकार की प्रतिक्रिया और प्रस्तावित कानून

यह वार्ता ऐसे समय हो रही है जब एक दिन पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने घोषणा की कि केंद्र सरकार परीक्षा प्रश्नपत्र लीक के मामलों में अधिक सख्त प्रावधान और कड़ी सजा का प्रावधान करने वाला व्यापक कानून लाने की तैयारी कर रही है। प्रधानमंत्री ने अपने आधिकारिक एक्स (पूर्व में ट्विटर) अकाउंट पर साझा एक वीडियो संदेश में कहा, "पेपर लीक के खिलाफ और अधिक सख्त कार्रवाई कैबिनेट में आने वाली है!"

प्रस्तावित विधेयक पर शुक्रवार को केंद्रीय मंत्रिमंडल की बैठक में चर्चा होने की संभावना है, जिसके बाद इसे अगले सप्ताह संसद के मौजूदा सत्र में पेश किया जा सकता है। प्रधानमंत्री ने छात्रों और अभिभावकों की चिंताओं का उल्लेख करते हुए कहा कि सरकार पेपर लीक से उत्पन्न होने वाली परेशानी को भली-भाँति समझती है।

सीजेपी का रुख: कानून पर्याप्त नहीं

हालाँकि, सख्त कानूनी ढाँचे की घोषणा के बावजूद सीजेपी का कहना है कि केवल कानून में बदलाव पर्याप्त नहीं हैं। पार्टी ने दोहराया कि परीक्षा अनियमितताओं के विरुद्ध सरकार का "सबसे सख्त कदम" केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान को पद से हटाना होगा। पार्टी शुक्रवार की बैठक में इस माँग को प्रमुखता से उठाने की तैयारी में है।

आगे क्या होगा

गौरतलब है कि यह बैठक नीट विवाद में पहली औपचारिक सरकार-विपक्ष वार्ता है। इसका परिणाम यह तय करेगा कि जंतर-मंतर का धरना जारी रहेगा या स्थगित होगा। यदि मंत्रिमंडल विधेयक को मंजूरी देता है, तो इसे संसद के चालू सत्र में पेश किए जाने की संभावना है — जो परीक्षा सुधार की दिशा में एक ठोस कदम होगा।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन पिछले परीक्षा-सुधार के प्रयास भी इसी तरह की घोषणाओं से शुरू हुए थे और क्रियान्वयन में पिछड़ गए। असली सवाल यह है कि क्या प्रस्तावित विधेयक में स्वतंत्र जाँच और दोषियों पर समयबद्ध कार्रवाई का प्रावधान होगा — या यह भी महज एक विधायी संकेत बनकर रह जाएगा।
RashtraPress
24 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

सीजेपी और सरकार की बैठक कहाँ और कब होगी?
यह बैठक 24 जुलाई को नई दिल्ली स्थित कॉन्स्टिट्यूशन क्लब ऑफ इंडिया में आयोजित होगी। सरकार ने सीजेपी की तटस्थ स्थान पर वार्ता की माँग स्वीकार करने के बाद इस स्थल का चुनाव किया।
सीजेपी की प्रमुख माँगें क्या हैं?
सीजेपी केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के तत्काल इस्तीफे और परीक्षा प्रणाली में व्यापक सुधार की माँग कर रही है। पार्टी का कहना है कि नीट पेपर लीक विवाद से निपटने की जिम्मेदारी सीधे शिक्षा मंत्री पर है।
सरकार नीट पेपर लीक पर क्या कदम उठाने की योजना बना रही है?
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने परीक्षा प्रश्नपत्र लीक के मामलों में सख्त प्रावधान और कड़ी सजा वाला व्यापक कानून लाने की घोषणा की है। प्रस्तावित विधेयक पर शुक्रवार को कैबिनेट बैठक में चर्चा होने की संभावना है, जिसके बाद इसे संसद के मौजूदा सत्र में पेश किया जा सकता है।
सीजेपी सरकार के नए कानून के प्रस्ताव को पर्याप्त क्यों नहीं मानती?
सीजेपी का कहना है कि केवल कानून में बदलाव पर्याप्त नहीं हैं। पार्टी के अनुसार, परीक्षा अनियमितताओं के विरुद्ध सरकार का 'सबसे सख्त कदम' शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान को पद से हटाना होगा।
नीट पेपर लीक विवाद में यह बैठक क्यों महत्वपूर्ण है?
यह बैठक नीट विवाद में पहली औपचारिक सरकार-विपक्ष वार्ता है। इसका परिणाम तय करेगा कि जंतर-मंतर पर जारी धरना स्थगित होगा या जारी रहेगा, और सरकार जवाबदेही के मामले में किस हद तक लचीलापन दिखाती है।
राष्ट्र प्रेस
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