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नीट पेपर लीक: सरकार ने सीजेपी की दो मांगें मानीं, धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे पर शनिवार तक का समय

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नीट पेपर लीक: सरकार ने सीजेपी की दो मांगें मानीं, धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे पर शनिवार तक का समय

सारांश

नीट पेपर लीक विवाद में सरकार ने पहली बार झुकने के संकेत दिए — पीड़ित परिजनों को ₹1 करोड़ मुआवजा और छात्रों पर दर्ज एफआईआर वापसी पर सैद्धांतिक सहमति मिली। लेकिन सीजेपी का असली दांव धर्मेंद्र प्रधान की कुर्सी है, जिस पर सरकार ने शनिवार तक का वक्त माँगा है।

मुख्य बातें

केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा और जितेंद्र सिंह ने 24 जुलाई को कॉन्स्टीट्यूशन क्लब में सीजेपी नेताओं से 10 मिनट की बैठक की।
सरकार ने नीट पीड़ित परिजनों को ₹1 करोड़ मुआवजे और छात्रों पर दर्ज एफआईआर वापसी पर सैद्धांतिक सहमति दी।
शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग पर सरकार ने शनिवार दोपहर तक का समय माँगा।
सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक ने 26 दिनों बाद मेदांता अस्पताल, गुरुग्राम में अनशन तोड़ा।
65 सांसदों ने वांगचुक से मिलकर या पत्र लिखकर संसद में नीट पर चर्चा का आश्वासन दिया।
सीजेपी ने चेतावनी दी कि मांग न मानने पर राष्ट्रीय स्तर पर आंदोलन तेज किया जाएगा।

नई दिल्ली के कॉन्स्टीट्यूशन क्लब में शुक्रवार, 24 जुलाई को केंद्रीय मंत्री जगत प्रकाश नड्डा और जितेंद्र सिंह की कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) के मुख्य प्रवक्ता सौरव दास और राष्ट्रीय प्रवक्ता आशुतोष रांका के साथ बैठक हुई। बैठक में सरकार ने सीजेपी की तीन में से दो मांगों पर सैद्धांतिक सहमति जताई, जबकि शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग पर शनिवार दोपहर तक का समय माँगा।

बैठक में क्या हुआ

सीजेपी प्रवक्ताओं ने मीडिया को बताया कि केंद्रीय मंत्रियों के साथ करीब 10 मिनट की बैठक हुई। सीजेपी ने सरकार के सामने तीन मांगें रखीं — नीट पेपर लीक के चलते आत्महत्या करने वाले छात्रों के परिजनों को ₹1 करोड़ मुआवजा, केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा या कैबिनेट से बर्खास्तगी, और प्रदर्शनकारी छात्रों पर दर्ज एफआईआर व कानूनी मामलों की वापसी।

सरकार ने पहली और तीसरी मांग — मुआवजा और एफआईआर वापसी — पर सैद्धांतिक मंजूरी दे दी है। शनिवार को भी दोनों पक्षों के बीच बैठक निर्धारित है।

सीजेपी का रुख

आशुतोष रांका ने स्पष्ट शब्दों में कहा, 'धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे या कैबिनेट से बर्खास्तगी के बिना कुछ भी हमें मंजूर नहीं होगा।' उन्होंने आगाह किया कि यदि जल्द कार्रवाई नहीं हुई तो आंदोलन और तेज किया जाएगा और सीजेपी राष्ट्रीय स्तर पर प्रदर्शन का आह्वान करेगी। रांका ने कहा कि पूरे देश में विरोध प्रदर्शन जारी हैं।

सोनम वांगचुक का अनशन समाप्त

इससे एक दिन पहले, गुरुवार देर रात केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा और जितेंद्र सिंह ने गुरुग्राम के मेदांता अस्पताल में सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक से मुलाकात की और लिखित आश्वासन दिया। इसके बाद वांगचुक ने केंद्रीय मंत्रियों, लेह-लद्दाख की एपेक्स बॉडी के वरिष्ठ नेताओं, डॉक्टरों और परिवार के सदस्यों की मौजूदगी में 26 दिनों बाद अपना अनशन तोड़ा।

वांगचुक ने शुक्रवार को जारी वीडियो संदेश में कहा, 'अलग-अलग राजनीतिक दलों के 65 सांसदों ने मुझसे मिलकर या पत्र लिखकर अनशन तोड़ने का आग्रह किया और संसद में नीट पेपर तथा परीक्षाओं की प्रणाली पर चर्चा करने का आश्वासन दिया।'

आंदोलन की पृष्ठभूमि

सोनम वांगचुक ने सीजेपी के नीट पेपर लीक को लेकर जंतर-मंतर पर जारी आंदोलन के समर्थन में 28 जून को अनशन शुरू किया था। तबीयत बिगड़ने पर उन्हें पहले सफदरजंग अस्पताल और फिर दिल्ली उच्च न्यायालय के आदेश पर मेदांता अस्पताल में भर्ती कराया गया था। यह ऐसे समय में आया है जब नीट पेपर लीक विवाद पूरे देश में छात्रों की परीक्षा प्रणाली में विश्वास को लेकर गहरे सवाल खड़े कर चुका है।

आगे क्या होगा

सरकार और सीजेपी के बीच शनिवार को अगली बैठक निर्धारित है, जिसमें धर्मेंद्र प्रधान के भविष्य पर निर्णायक रुख सामने आने की उम्मीद है। सीजेपी ने स्पष्ट किया है कि यदि उनकी मांग नहीं मानी गई तो देशव्यापी आंदोलन तेज किया जाएगा।

संपादकीय दृष्टिकोण

इसका जवाब शनिवार की बैठक देगी। गौरतलब है कि नीट पेपर लीक पर सरकार महीनों से रक्षात्मक मुद्रा में रही है, और किसी मंत्री की जवाबदेही तय करना अब तक के एजेंडे में नहीं था। ₹1 करोड़ मुआवजे की घोषणा सहानुभूति का संकेत है, लेकिन प्रणालीगत सुधार — परीक्षा संस्थाओं की पुनर्संरचना और पेपर लीक की जड़ों की जाँच — पर कोई ठोस प्रतिबद्धता अभी तक सामने नहीं आई है।
RashtraPress
7 सितंबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

सीजेपी ने सरकार के सामने कौन-सी तीन मांगें रखी हैं?
सीजेपी ने तीन मांगें रखी हैं — नीट पेपर लीक के कारण आत्महत्या करने वाले छात्रों के परिजनों को ₹1 करोड़ मुआवजा, शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा या कैबिनेट से बर्खास्तगी, और प्रदर्शनकारी छात्रों पर दर्ज एफआईआर व कानूनी मामलों की वापसी। सरकार ने पहली और तीसरी मांग पर सैद्धांतिक सहमति दी है।
धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे पर सरकार का क्या जवाब है?
सरकार ने धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे या बर्खास्तगी की मांग पर शनिवार दोपहर तक का समय माँगा है। सीजेपी ने स्पष्ट किया है कि इस मांग के बिना कोई भी समझौता उन्हें स्वीकार्य नहीं होगा।
सोनम वांगचुक ने अनशन क्यों किया था और उन्होंने इसे कब तोड़ा?
सोनम वांगचुक ने 28 जून को नीट पेपर लीक के विरोध में जंतर-मंतर पर जारी सीजेपी आंदोलन के समर्थन में अनशन शुरू किया था। 26 दिनों बाद, केंद्रीय मंत्रियों का लिखित आश्वासन मिलने पर उन्होंने गुरुग्राम के मेदांता अस्पताल में अनशन तोड़ा।
नीट पेपर लीक मामले में सरकार और सीजेपी के बीच अगली बैठक कब होगी?
दोनों पक्षों के बीच शनिवार को अगली बैठक निर्धारित है। इसमें धर्मेंद्र प्रधान के भविष्य पर सरकार का अंतिम रुख सामने आने की उम्मीद है।
सांसदों ने नीट विवाद पर क्या आश्वासन दिया है?
अलग-अलग राजनीतिक दलों के 65 सांसदों ने सोनम वांगचुक से मिलकर या पत्र लिखकर संसद में नीट पेपर और परीक्षा प्रणाली पर चर्चा कराने का आश्वासन दिया है। यह आश्वासन वांगचुक के अनशन समाप्त करने के प्रमुख कारणों में से एक रहा।
राष्ट्र प्रेस
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