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धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के बाद सरकार ने सीजेपी की सभी मांगें मानीं, राष्ट्रव्यापी आंदोलन वापस

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धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के बाद सरकार ने सीजेपी की सभी मांगें मानीं, राष्ट्रव्यापी आंदोलन वापस

सारांश

नीट पेपर लीक विवाद के बीच सीजेपी का राष्ट्रव्यापी आंदोलन उस वक्त समाप्त हुआ जब केंद्र सरकार ने शिक्षा मंत्री का इस्तीफा, एफआईआर वापसी और पीड़ित परिवारों को ₹1 करोड़ मुआवजे की तीनों प्रमुख मांगें मान लीं। यह घटनाक्रम नीट विवाद में सरकार के लिए बड़ा राजनीतिक पीछेहटाव माना जा रहा है।

मुख्य बातें

केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने 25 जुलाई को इस्तीफा दिया, जिसे सीजेपी की पहली मांग की स्वीकृति माना गया।
कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) ने राष्ट्रव्यापी आंदोलन तत्काल प्रभाव से वापस लिया।
नीट पेपर लीक से जुड़ी आत्महत्याओं के पीड़ित परिवारों को ₹1 करोड़ का मुआवजा दिए जाने पर सहमति।
केंद्र सरकार और एनडीए -शासित राज्यों में प्रदर्शनकारियों के खिलाफ दर्ज सभी एफआईआर वापस ली जाएंगी।
सरकार सीजेपी के 5 सूत्रीय परीक्षा सुधार चार्टर पर विचार करेगी; आगे की बैठक होगी।

केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के बाद केंद्र सरकार ने कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) की समस्त मांगें स्वीकार कर लीं, जिसके फलस्वरूप सीजेपी ने 25 जुलाई को अपना राष्ट्रव्यापी आंदोलन तत्काल प्रभाव से वापस लेने की घोषणा की। पार्टी ने यह जानकारी सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर साझा की।

मुख्य मांगें और सरकार की स्वीकृति

सीजेपी ने एक्स पर पोस्ट करते हुए स्पष्ट किया कि उसकी तीन प्रमुख मांगें थीं — केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा, प्रदर्शनकारियों एवं आयोजकों के खिलाफ दर्ज सभी एफआईआर वापस लेना, और नीट पेपर लीक से जुड़ी आत्महत्याओं के पीड़ित परिवारों को ₹1 करोड़ का मुआवजा। पार्टी के अनुसार, सरकार ने इन तीनों मांगों को सैद्धांतिक रूप से स्वीकार कर लिया है।

इसके अतिरिक्त, केंद्र सरकार और एनडीए-शासित राज्यों द्वारा दर्ज सभी एफआईआर शीघ्र वापस ली जाएंगी और भविष्य में प्रदर्शन से जुड़े किसी भी व्यक्ति के विरुद्ध कोई कार्रवाई नहीं होगी।

सरकार के साथ तीन दौर की वार्ता

सीजेपी के राष्ट्रीय प्रवक्ता आशुतोष रांका ने बताया कि सरकारी प्रतिनिधिमंडल के साथ तीन दौर की बातचीत हुई। उन्होंने कहा, 'जंतर-मंतर पर हमारा प्रोटेस्ट कई दिनों से चल रहा था। हमारी पहली मांग — धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा — कुछ देर पहले ही पूरी हो गई।' रांका ने यह भी स्पष्ट किया कि एफआईआर वापसी केवल दिल्ली तक सीमित नहीं होगी, बल्कि सभी भाजपा-शासित और भाजपा-सहयोगी राज्यों में भी लागू होगी।

5 सूत्रीय परीक्षा सुधार चार्टर

सरकार ने सीजेपी के 5 सूत्रीय परीक्षा सुधार चार्टर पर विचार करने का आश्वासन दिया है। इस चार्टर पर आगे की चर्चा के लिए सीजेपी का एक प्रतिनिधिमंडल सरकार से मुलाकात करेगा। गौरतलब है कि यह आंदोलन नीट परीक्षा पेपर लीक विवाद की पृष्ठभूमि में शुरू हुआ था, जिसने देशभर के छात्रों और अभिभावकों में व्यापक आक्रोश पैदा किया था।

आंदोलन की पृष्ठभूमि

नीट पेपर लीक प्रकरण के बाद कथित तौर पर कई परिवारों ने अपने प्रियजनों को खो दिया। सीजेपी ने इन परिवारों के लिए ₹1 करोड़ के मुआवजे की माँग को अपने आंदोलन का केंद्र बनाया था। आंदोलन के दौरान देशभर में प्रदर्शन हुए और नई दिल्ली के जंतर-मंतर पर केंद्रीय धरना कई दिनों तक जारी रहा।

आगे क्या होगा

अब जबकि आंदोलन वापस लिया जा चुका है, सरकार पर एफआईआर वापसी की प्रक्रिया शीघ्र पूरी करने का दबाव रहेगा। सीजेपी ने संकेत दिया है कि वह परीक्षा सुधार चार्टर पर सरकार के साथ रचनात्मक संवाद जारी रखेगी और मांगों के क्रियान्वयन पर नज़र रखेगी।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन असली परीक्षा यह होगी कि ₹1 करोड़ मुआवजे का वितरण और एफआईआर वापसी की प्रक्रिया कितनी तेज़ी से और पारदर्शी तरीके से होती है। परीक्षा सुधार चार्टर पर 'विचार' का आश्वासन अस्पष्ट है — बिना समयसीमा और जवाबदेही तंत्र के यह वादा खोखला साबित हो सकता है।
RashtraPress
25 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

सीजेपी ने अपना राष्ट्रव्यापी आंदोलन क्यों वापस लिया?
केंद्र सरकार ने सीजेपी की तीनों प्रमुख मांगें — शिक्षा मंत्री का इस्तीफा, एफआईआर वापसी और नीट पीड़ित परिवारों को ₹1 करोड़ मुआवजा — मान लेने के बाद सीजेपी ने 25 जुलाई को आंदोलन समाप्त करने की घोषणा की।
धर्मेंद्र प्रधान ने इस्तीफा क्यों दिया?
नीट परीक्षा पेपर लीक विवाद और उससे जुड़े आत्महत्या के मामलों को लेकर सीजेपी के नेतृत्व में देशव्यापी विरोध प्रदर्शन हो रहे थे, जिनमें केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा प्रमुख मांग थी। सरकार के साथ तीन दौर की वार्ता के बाद उन्होंने पद छोड़ा।
नीट पेपर लीक पीड़ित परिवारों को कितना मुआवजा मिलेगा?
सीजेपी की मांग के अनुसार, नीट पेपर लीक से जुड़ी आत्महत्याओं के पीड़ित परिवारों को अधिकतम संभव मुआवजे के रूप में ₹1 करोड़ दिए जाने पर सहमति बनी है।
प्रदर्शनकारियों के खिलाफ दर्ज एफआईआर का क्या होगा?
केंद्र सरकार और एनडीए-शासित राज्यों में प्रदर्शनकारियों व आयोजकों के खिलाफ दर्ज सभी एफआईआर वापस ली जाएंगी। साथ ही, भविष्य में इन प्रदर्शनों से जुड़े किसी भी व्यक्ति के विरुद्ध कोई नई कार्रवाई नहीं होगी।
सीजेपी का 5 सूत्रीय परीक्षा सुधार चार्टर क्या है?
सीजेपी ने परीक्षा प्रणाली में सुधार के लिए 5 सूत्रीय चार्टर प्रस्तुत किया है, जिस पर सरकार ने विचार करने का आश्वासन दिया है। इन सुधारों पर विस्तृत चर्चा के लिए सीजेपी का प्रतिनिधिमंडल सरकार से अलग से मुलाकात करेगा।
राष्ट्र प्रेस
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