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नीट विवाद: सीजेपी प्रतिनिधियों ने जे.पी. नड्डा को सौंपा मांग-पत्र, धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की माँग

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नीट विवाद: सीजेपी प्रतिनिधियों ने जे.पी. नड्डा को सौंपा मांग-पत्र, धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की माँग

सारांश

नीट पेपर लीक पर उबलते आक्रोश के बीच सीजेपी प्रतिनिधि जे.पी. नड्डा से मिले और तीन कड़ी माँगें रखीं — धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा, आत्महत्या पीड़ित परिवारों को ₹1 करोड़ मुआवजा, और सोनम वांगचुक की रिहाई। जंतर-मंतर पर 'संसद चलो' मार्च के दौरान पुलिस से झड़प और लाठीचार्ज की खबरें भी आईं।

मुख्य बातें

सीजेपी के प्रवक्ता सौरभ दास और आशुतोष रांका ने 20 जुलाई 2026 को केंद्रीय मंत्री जे.पी.
नड्डा से मुलाकात कर लिखित मांग-पत्र सौंपा।
प्रमुख माँगों में केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा, नीट आत्महत्या पीड़ितों के परिवारों को ₹1 करोड़ मुआवजा, और सोनम वांगचुक की तत्काल रिहाई शामिल है।
नड्डा ने कथित तौर पर आश्वासन दिया कि वे पार्टी नेतृत्व के साथ आंतरिक रूप से इन मांगों पर चर्चा करेंगे।
जंतर-मंतर पर 'संसद चलो' विरोध प्रदर्शन के दौरान पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच झड़प हुई; लाठीचार्ज और बड़े पैमाने पर हिरासत की खबरें आईं।
प्रदर्शन स्थल पर सिग्नल जैमर लगाए गए, जिससे मोबाइल नेटवर्क प्रभावित होने के दावे किए गए।

नई दिल्ली में 20 जुलाई 2026 को कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) के प्रवक्ता सौरभ दास और आशुतोष रांका ने केंद्रीय मंत्री जे.पी. नड्डा के आवास पर उनसे मुलाकात कर नीट-यूजी पेपर लीक मामले से जुड़ी प्रमुख मांगों का लिखित पत्र सौंपा। नड्डा ने कथित तौर पर उन्हें आश्वासन दिया कि वे इन मांगों पर पार्टी नेतृत्व के साथ आंतरिक रूप से विचार-विमर्श करेंगे।

मुख्य घटनाक्रम

सौरभ दास ने एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर पोस्ट करते हुए बताया कि दोनों प्रतिनिधियों को दो घंटे से अधिक प्रतीक्षा करनी पड़ी, इसके बाद नड्डा से 10 मिनट की मुलाकात हुई। दास ने लिखा, 'हमने उन्हें अपनी मांगों से जुड़ा एक लिखित पत्र सौंपा। उन्होंने हमें भरोसा दिलाया है कि वह इस मामले पर आंतरिक रूप से चर्चा करेंगे। हम आगे की प्रक्रिया का इंतजार कर रहे हैं। इस बीच, बड़ी संख्या में लोगों को हिरासत में लिए जाने की खबरें सामने आ रही हैं।'

आशुतोष रांका ने भी एक्स पर पोस्ट कर तीन प्रमुख मांगें सार्वजनिक कीं — सोनम वांगचुक की तत्काल रिहाई, केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा, और नीट परीक्षा के दौरान आत्महत्या करने वाले उम्मीदवारों के परिवारों को ₹1 करोड़ का मुआवजा।

सीजेपी संस्थापक की माँगें

सीजेपी के संस्थापक अभिजीत दिपके ने कहा, 'हमारी मांगें स्पष्ट हैं। धर्मेंद्र प्रधान को इस्तीफा देना चाहिए। जिन बच्चों ने आत्महत्या की है, उनके परिवारों को ₹1 करोड़ का मुआवजा दिया जाना चाहिए। इसके अलावा, सोनम वांगचुक को तुरंत रिहा किया जाना चाहिए।'

जंतर-मंतर पर तनाव और पुलिस कार्रवाई

इसी दिन नई दिल्ली में सीजेपी और उसके समर्थकों ने 'संसद चलो' विरोध प्रदर्शन में हिस्सा लिया। प्रदर्शनकारी नीट-यूजी पेपर लीक और 12वीं सीबीएसई बोर्ड परीक्षा से जुड़ी अनियमितताओं पर सरकार से जवाबदेही माँग रहे थे। जब प्रदर्शनकारी संसद भवन की ओर बढ़ने की कोशिश कर रहे थे, तो उन्हें तैनात पुलिसकर्मियों से सामना हुआ।

जंतर-मंतर पर हालात तनावपूर्ण हो गए जब पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच झड़प हुई। सुरक्षाकर्मियों ने बैरिकेड पार करने से रोकने के लिए बल का उपयोग किया और लाठीचार्ज किए जाने की भी खबरें सामने आईं। दिल्ली पुलिस ने नई दिल्ली जिले में कई स्थानों पर बैरिकेड लगाए थे और सुबह से ही दंगा-रोधी वाहन तैनात था।

प्रदर्शन स्थल पर सिग्नल जैमर भी लगाए गए थे, जिससे कुछ प्रदर्शनकारियों ने मोबाइल नेटवर्क कनेक्टिविटी प्रभावित होने का दावा किया। मौके की तस्वीरों में सैकड़ों छात्र और युवा झंडे लेकर नारे लगाते दिखे।

आम जनता और परीक्षार्थियों पर असर

नीट-यूजी पेपर लीक विवाद ने देशभर में प्रतियोगी परीक्षाओं की निष्पक्षता और विश्वसनीयता को लेकर गंभीर चिंताएँ उत्पन्न की हैं। लाखों छात्र जो वर्षों की मेहनत के बाद इन परीक्षाओं में बैठते हैं, उनका भरोसा इस प्रणाली पर डगमगाया है। गौरतलब है कि इस मामले में अब तक कई उम्मीदवारों की आत्महत्या की खबरें सामने आ चुकी हैं।

आगे क्या होगा

सीजेपी प्रतिनिधियों ने कहा कि वे नड्डा की ओर से आगे की प्रतिक्रिया का इंतजार कर रहे हैं। यह देखना होगा कि पार्टी नेतृत्व इन मांगों पर क्या रुख अपनाता है, विशेष रूप से धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे और मुआवजे के मुद्दे पर। नीट विवाद पर राजनीतिक दबाव आने वाले दिनों में और बढ़ सकता है।

संपादकीय दृष्टिकोण

जबकि यह परीक्षा प्रणाली की संरचनात्मक विफलता है। लाखों छात्रों का भविष्य दाँव पर है और पुलिस बल, सिग्नल जैमर तथा हिरासत — ये जवाबदेही के विकल्प नहीं हो सकते। जब तक मुआवजे और इस्तीफे जैसी ठोस माँगों पर सार्वजनिक प्रतिक्रिया नहीं आती, तब तक यह 'आश्वासन' खोखला ही रहेगा।
RashtraPress
21 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

सीजेपी ने जे.पी. नड्डा से क्या मांगें रखीं?
सीजेपी ने तीन प्रमुख माँगें रखीं — केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा, नीट परीक्षा के दौरान आत्महत्या करने वाले उम्मीदवारों के परिवारों को ₹1 करोड़ का मुआवजा, और सोनम वांगचुक की तत्काल रिहाई। ये माँगें लिखित पत्र के रूप में नड्डा को सौंपी गईं।
जे.पी. नड्डा ने सीजेपी प्रतिनिधियों को क्या जवाब दिया?
नड्डा ने कथित तौर पर सीजेपी प्रतिनिधियों को आश्वासन दिया कि वे इन मांगों पर पार्टी नेतृत्व के साथ आंतरिक रूप से चर्चा करेंगे। उन्होंने इसके लिए कुछ समय माँगा है; कोई ठोस प्रतिबद्धता सार्वजनिक रूप से नहीं दी गई।
जंतर-मंतर पर 'संसद चलो' प्रदर्शन में क्या हुआ?
20 जुलाई को जंतर-मंतर पर सीजेपी समर्थकों ने 'संसद चलो' मार्च निकाला। पुलिस ने बैरिकेड लगाए और प्रदर्शनकारियों को संसद की ओर बढ़ने से रोका। इस दौरान झड़प हुई, लाठीचार्ज की खबरें आईं और बड़ी संख्या में लोगों को हिरासत में लिया गया।
नीट-यूजी पेपर लीक विवाद क्या है?
नीट-यूजी पेपर लीक एक बड़ा परीक्षा घोटाला है जिसमें राष्ट्रीय स्तर की मेडिकल प्रवेश परीक्षा के प्रश्नपत्र लीक होने के आरोप हैं। इसके साथ ही 12वीं सीबीएसई बोर्ड परीक्षा में भी अनियमितताओं के आरोप लगे हैं, जिससे देशभर में प्रतियोगी परीक्षाओं की विश्वसनीयता पर सवाल उठे हैं।
सीजेपी प्रतिनिधि अब आगे क्या करेंगे?
सीजेपी प्रतिनिधियों ने कहा है कि वे नड्डा की ओर से आगे की प्रतिक्रिया का इंतजार कर रहे हैं। यदि सरकार की ओर से कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया, तो विरोध प्रदर्शन जारी रहने की संभावना है।
राष्ट्र प्रेस
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