नीट विवाद: सीजेपी प्रतिनिधियों ने जे.पी. नड्डा को सौंपा मांग-पत्र, धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की माँग
सारांश
मुख्य बातें
नई दिल्ली में 20 जुलाई 2026 को कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) के प्रवक्ता सौरभ दास और आशुतोष रांका ने केंद्रीय मंत्री जे.पी. नड्डा के आवास पर उनसे मुलाकात कर नीट-यूजी पेपर लीक मामले से जुड़ी प्रमुख मांगों का लिखित पत्र सौंपा। नड्डा ने कथित तौर पर उन्हें आश्वासन दिया कि वे इन मांगों पर पार्टी नेतृत्व के साथ आंतरिक रूप से विचार-विमर्श करेंगे।
मुख्य घटनाक्रम
सौरभ दास ने एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर पोस्ट करते हुए बताया कि दोनों प्रतिनिधियों को दो घंटे से अधिक प्रतीक्षा करनी पड़ी, इसके बाद नड्डा से 10 मिनट की मुलाकात हुई। दास ने लिखा, 'हमने उन्हें अपनी मांगों से जुड़ा एक लिखित पत्र सौंपा। उन्होंने हमें भरोसा दिलाया है कि वह इस मामले पर आंतरिक रूप से चर्चा करेंगे। हम आगे की प्रक्रिया का इंतजार कर रहे हैं। इस बीच, बड़ी संख्या में लोगों को हिरासत में लिए जाने की खबरें सामने आ रही हैं।'
आशुतोष रांका ने भी एक्स पर पोस्ट कर तीन प्रमुख मांगें सार्वजनिक कीं — सोनम वांगचुक की तत्काल रिहाई, केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा, और नीट परीक्षा के दौरान आत्महत्या करने वाले उम्मीदवारों के परिवारों को ₹1 करोड़ का मुआवजा।
सीजेपी संस्थापक की माँगें
सीजेपी के संस्थापक अभिजीत दिपके ने कहा, 'हमारी मांगें स्पष्ट हैं। धर्मेंद्र प्रधान को इस्तीफा देना चाहिए। जिन बच्चों ने आत्महत्या की है, उनके परिवारों को ₹1 करोड़ का मुआवजा दिया जाना चाहिए। इसके अलावा, सोनम वांगचुक को तुरंत रिहा किया जाना चाहिए।'
जंतर-मंतर पर तनाव और पुलिस कार्रवाई
इसी दिन नई दिल्ली में सीजेपी और उसके समर्थकों ने 'संसद चलो' विरोध प्रदर्शन में हिस्सा लिया। प्रदर्शनकारी नीट-यूजी पेपर लीक और 12वीं सीबीएसई बोर्ड परीक्षा से जुड़ी अनियमितताओं पर सरकार से जवाबदेही माँग रहे थे। जब प्रदर्शनकारी संसद भवन की ओर बढ़ने की कोशिश कर रहे थे, तो उन्हें तैनात पुलिसकर्मियों से सामना हुआ।
जंतर-मंतर पर हालात तनावपूर्ण हो गए जब पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच झड़प हुई। सुरक्षाकर्मियों ने बैरिकेड पार करने से रोकने के लिए बल का उपयोग किया और लाठीचार्ज किए जाने की भी खबरें सामने आईं। दिल्ली पुलिस ने नई दिल्ली जिले में कई स्थानों पर बैरिकेड लगाए थे और सुबह से ही दंगा-रोधी वाहन तैनात था।
प्रदर्शन स्थल पर सिग्नल जैमर भी लगाए गए थे, जिससे कुछ प्रदर्शनकारियों ने मोबाइल नेटवर्क कनेक्टिविटी प्रभावित होने का दावा किया। मौके की तस्वीरों में सैकड़ों छात्र और युवा झंडे लेकर नारे लगाते दिखे।
आम जनता और परीक्षार्थियों पर असर
नीट-यूजी पेपर लीक विवाद ने देशभर में प्रतियोगी परीक्षाओं की निष्पक्षता और विश्वसनीयता को लेकर गंभीर चिंताएँ उत्पन्न की हैं। लाखों छात्र जो वर्षों की मेहनत के बाद इन परीक्षाओं में बैठते हैं, उनका भरोसा इस प्रणाली पर डगमगाया है। गौरतलब है कि इस मामले में अब तक कई उम्मीदवारों की आत्महत्या की खबरें सामने आ चुकी हैं।
आगे क्या होगा
सीजेपी प्रतिनिधियों ने कहा कि वे नड्डा की ओर से आगे की प्रतिक्रिया का इंतजार कर रहे हैं। यह देखना होगा कि पार्टी नेतृत्व इन मांगों पर क्या रुख अपनाता है, विशेष रूप से धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे और मुआवजे के मुद्दे पर। नीट विवाद पर राजनीतिक दबाव आने वाले दिनों में और बढ़ सकता है।