22 जुलाई 2026
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नीट पेपर लीक: सीजेपी प्रवक्ता सौरव दास बोले — 'मांगें मानो, तभी नड्डा से मिलेंगे'

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नीट पेपर लीक: सीजेपी प्रवक्ता सौरव दास बोले — 'मांगें मानो, तभी नड्डा से मिलेंगे'

सारांश

जंतर-मंतर पर सीजेपी का नीट विरोध प्रदर्शन जारी — प्रवक्ता सौरव दास ने जेपी नड्डा के दूसरे बुलावे को ठुकराया। शर्त साफ: पहले मांगें मानो, तभी मिलेंगे। शिक्षा मंत्री के इस्तीफे पर संगठन अडिग।

मुख्य बातें

सीजेपी का जंतर-मंतर पर विरोध प्रदर्शन 22 जुलाई को भी जारी रहा।
प्रवक्ता सौरव दास ने कहा — जेपी नड्डा के दूसरे बुलावे पर तभी जाएंगे जब मांगें पूरी करने पर सहमति हो।
पहली मुलाकात में सीजेपी प्रतिनिधिमंडल को कथित तौर पर चार घंटे रोके रखा गया था।
मुख्य माँग: नीट पेपर लीक मामले में शिक्षा मंत्री का इस्तीफा ।
20 जुलाई की हिंसा पर दास ने कहा — सबसे अधिक लाठियाँ पुलिस की ओर से चलाई गईं।
सीजेपी ने राहुल गांधी के पीएम आवास के बाहर विरोध प्रदर्शन का समर्थन किया।

कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) के मुख्य प्रवक्ता सौरव दास ने 22 जुलाई को स्पष्ट किया कि उनका संगठन केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा से तभी मुलाकात करेगा, जब सरकार उनकी मांगें पूरी करने पर सहमत हो। जंतर-मंतर, नई दिल्ली पर सीजेपी का विरोध प्रदर्शन बुधवार को लगातार जारी रहा, जिसमें नीट पेपर लीक मामले में जवाबदेही और शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मुख्य माँग बनी हुई है।

नड्डा के दूसरे निमंत्रण पर सीजेपी का कड़ा रुख

सौरव दास ने बताया कि जेपी नड्डा ने दूसरी बार बातचीत के लिए बुलाया है, लेकिन सीजेपी ने शर्त रख दी है। उन्होंने कहा, 'हमने साफ तौर पर कह दिया है कि हम घर या ऑफिस नहीं आ रहे हैं। पहली मुलाकात में हमें चार घंटे रोके रखा गया था। हमारी तरफ से कहा गया है कि अगर हमारी मांगें पूरी करेंगे, तभी हमें बुलाइए।' यह बयान सरकार और प्रदर्शनकारियों के बीच बढ़ते गतिरोध की ओर इशारा करता है।

मुख्य मांग: शिक्षा मंत्री का इस्तीफा

सीजेपी के प्रवक्ता ने नीट पेपर लीक को केंद्र में रखते हुए कहा कि देश के सभी प्रदर्शनकारियों का एक ही मुद्दा है — सरकार की ओर से जवाबदेही तय होनी चाहिए और शिक्षा मंत्री को इस्तीफा देना होगा। उन्होंने पीएम आवास के बाहर कांग्रेस नेता राहुल गांधी के विरोध प्रदर्शन का भी समर्थन किया और कहा कि लोकसभा में विपक्ष के नेता के रूप में यह उनका कर्तव्य है।

20 जुलाई की हिंसा पर सीजेपी का पक्ष

20 जुलाई को प्रदर्शन स्थल पर हुई हिंसा के सवाल पर सौरव दास ने कहा कि सबसे अधिक लाठियाँ पुलिस की ओर से ही चलाई गईं और बच्चों के सिर पर चोटें आईं। उन्होंने कहा, 'लोकतंत्र में इतने सालों में ऐसा पहली बार हुआ।' हालाँकि उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि उनके आंदोलन में हिंसा की कोई जगह नहीं है और जो लोग हिंसा कर रहे हैं, पुलिस को उन्हें हटाना चाहिए।

आलोचनाओं पर सीजेपी का जवाब

आम आदमी पार्टी (AAP) की बी-टीम बताए जाने के आरोपों पर सौरव दास ने व्यंग्यात्मक लहजे में कहा कि कुछ लोगों ने उन्हें आतंकवादी भी कहा है। उन्होंने कहा कि देश के 65 प्रतिशत युवा सच जानते हैं और बिना किसी अपील के प्रदर्शनकारियों को खाना-पानी पहुँचाया जा रहा है। मीडिया द्वारा टार्गेट किए जाने के आरोप पर उन्होंने युवाओं को समझाया कि हिंसा आंदोलन को कमज़ोर कर सकती है।

आगे क्या होगा

सीजेपी का जंतर-मंतर पर विरोध प्रदर्शन जारी है और सरकार के साथ बातचीत का रास्ता फिलहाल बंद दिख रहा है। सीजेपी के रुख को देखते हुए यह स्पष्ट है कि जब तक शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की माँग पर कोई ठोस आश्वासन नहीं मिलता, आंदोलन थमने के आसार नहीं हैं।

संपादकीय दृष्टिकोण

फिर बातचीत' वाला रुख एक रणनीतिक दांव है — यह संगठन को वार्ता की मेज पर कमज़ोर पड़ने से बचाता है, लेकिन साथ ही गतिरोध को लंबा भी खींच सकता है। गौरतलब है कि नीट पेपर लीक जैसे संवेदनशील मुद्दे पर जब तक ठोस संस्थागत जवाबदेही नहीं तय होती, इस तरह के आंदोलन राजनीतिक रंग लेते हैं और मूल मुद्दा पीछे छूट जाता है। 20 जुलाई की कथित पुलिस लाठीचार्ज और मीडिया पर लगाए गए आरोप यह भी बताते हैं कि आंदोलन की कवरेज और नैरेटिव दोनों विवादित हैं। असली सवाल यह है कि क्या सरकार शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की माँग पर कोई ठोस कदम उठाएगी, या यह प्रदर्शन धीरे-धीरे थकान का शिकार होगा।
RashtraPress
22 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

सीजेपी (कॉकरोच जनता पार्टी) का जंतर-मंतर पर विरोध प्रदर्शन किस मुद्दे पर है?
सीजेपी नीट पेपर लीक मामले में सरकार से जवाबदेही की माँग कर रही है। संगठन की मुख्य माँग शिक्षा मंत्री का इस्तीफा है और यह प्रदर्शन 22 जुलाई को भी जारी रहा।
सौरव दास ने जेपी नड्डा से मिलने से इनकार क्यों किया?
सीजेपी प्रवक्ता सौरव दास ने कहा कि पहली मुलाकात में उन्हें चार घंटे रोके रखा गया था। इसलिए संगठन ने शर्त रखी है कि जब तक मांगें पूरी करने पर सहमति न हो, वे नड्डा के घर या ऑफिस नहीं जाएंगे।
20 जुलाई को जंतर-मंतर पर क्या हुआ था?
सौरव दास के अनुसार 20 जुलाई को पुलिस की ओर से सबसे अधिक लाठियाँ चलाई गईं और बच्चों के सिर पर चोटें आईं। उन्होंने इसे लोकतंत्र में अभूतपूर्व बताया, हालाँकि उन्होंने यह भी कहा कि आंदोलन में हिंसा की कोई जगह नहीं है।
क्या सीजेपी ने राहुल गांधी के विरोध प्रदर्शन का समर्थन किया?
हाँ, सौरव दास ने पीएम आवास के बाहर राहुल गांधी के विरोध प्रदर्शन का समर्थन किया। उन्होंने कहा कि लोकसभा में विपक्ष के नेता के रूप में यह उनका कर्तव्य है और उनके प्रदर्शन से सीजेपी खुश है।
सीजेपी पर AAP की बी-टीम होने के आरोप पर संगठन का क्या कहना है?
सौरव दास ने इन आरोपों को खारिज करते हुए व्यंग्यात्मक लहजे में कहा कि कुछ लोगों ने उन्हें आतंकवादी भी कहा है। उन्होंने कहा कि देश के 65 प्रतिशत युवा सच जानते हैं और युवा बिना किसी अपील के आंदोलन को समर्थन दे रहे हैं।
राष्ट्र प्रेस
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