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धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा लो, जेपी नड्डा जंतर-मंतर आएं: सौरभ दास की दो-टूक

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धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा लो, जेपी नड्डा जंतर-मंतर आएं: सौरभ दास की दो-टूक

सारांश

जंतर-मंतर पर आंदोलन तेज हो रहा है — सीजेपी प्रवक्ता सौरभ दास ने शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा माँगा, जेपी नड्डा का निमंत्रण ठुकराया और चुनौती दी कि वे खुद जंतर-मंतर आएं। प्रधानमंत्री के एक्स पोस्ट को 'बैंड-एड' बताकर खारिज किया।

मुख्य बातें

सीजेपी प्रवक्ता सौरभ दास ने 23 जुलाई को जंतर-मंतर प्रदर्शन के बीच केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की माँग दोहराई।
जेपी नड्डा के कार्यालय का निमंत्रण ठुकराया; माँग की कि नड्डा स्वयं जंतर-मंतर या तटस्थ स्थान पर आएं।
प्रधानमंत्री के एक्स पोस्ट को 'बैंड-एड मेजर' बताया, कहा — सोशल मीडिया पोस्ट से समस्या नहीं सुलझेगी।
फास्ट-ट्रैक कोर्ट प्रस्ताव पर आपत्ति — मौजूदा अदालतों को बदलने से लंबित मामलों का बोझ बढ़ेगा; नए न्यायालय और न्यायाधीश चाहिए।
विदेशी फंडिंग के आरोपों को खारिज किया; कहा — जॉर्ज सोरोस, चीन, पाकिस्तान से जुड़े सभी आरोप बेबुनियाद साबित हुए।

जंतर-मंतर पर जारी प्रदर्शन के बीच कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) के मुख्य प्रवक्ता सौरभ दास ने 23 जुलाई को केंद्र सरकार पर सीधा हमला बोला — केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की माँग दोहराई और जेपी नड्डा को जंतर-मंतर या किसी तटस्थ स्थान पर आकर बातचीत करने की चुनौती दी। दास ने स्पष्ट कहा कि जब तक प्रधान को मंत्रिमंडल से नहीं हटाया जाता, आंदोलन समाप्त नहीं होगा।

मुख्य माँगें और आंदोलन की स्थिति

सौरभ दास के अनुसार देशभर से बड़ी संख्या में लोग नई दिल्ली पहुँचे हैं और उनकी एकमात्र माँग है — शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा। उन्होंने कहा कि सरकार को यह बताना होगा कि आखिर प्रधान को मंत्रिमंडल में बनाए रखने की क्या मजबूरी है। प्रदर्शनकारियों को उन्होंने सतर्क रहने की अपील करते हुए आरोप लगाया कि कुछ असामाजिक तत्वों को जानबूझकर भीड़ में घुसाने की कोशिश की जा रही है, ताकि पुलिस के साथ टकराव की स्थिति बने। उन्होंने कहा कि ऐसे तत्वों की पहचान कर उन्हें पुलिस के हवाले किया जाएगा।

प्रधानमंत्री के एक्स पोस्ट पर प्रतिक्रिया

प्रधानमंत्री के हालिया एक्स (पूर्व में ट्विटर) पोस्ट पर दास ने कहा कि यह महज एक 'बैंड-एड मेजर' है जिससे समस्या की जड़ नहीं सुलझेगी। उनके अनुसार, सोशल मीडिया पोस्ट से जनता को भ्रमित करने के बजाय सरकार को अपने मंत्री का इस्तीफा लेना चाहिए।

फास्ट-ट्रैक कोर्ट पर सवाल

पेपर लीक मामलों की सुनवाई फास्ट-ट्रैक कोर्ट में कराने के सरकारी प्रस्ताव पर दास ने आपत्ति जताई। उनका तर्क था कि मौजूदा अदालतों को ही फास्ट-ट्रैक में बदलने से पहले से लंबित करोड़ों मामलों का बोझ और बढ़ेगा। यदि सरकार न्याय व्यवस्था को वाकई तेज करना चाहती है तो नए न्यायालय स्थापित करने होंगे, नए न्यायाधीशों की नियुक्ति करनी होगी और ईमानदार व निष्पक्ष जजों को जिम्मेदारी देनी होगी। उन्होंने कहा कि केवल ढाँचा बदलने से व्यवस्था नहीं सुधरेगी।

जेपी नड्डा के निमंत्रण को ठुकराया

दास ने बताया कि जेपी नड्डा के कार्यालय से एक बार फिर मिलने का निमंत्रण मिला है, लेकिन उन्होंने इसे अस्वीकार कर दिया। उन्होंने कहा कि वे न तो नड्डा के घर जाएंगे और न ही उनके कार्यालय, क्योंकि पहले भी उन्हें कई घंटे तक रोके रखा गया था। उनकी माँग है कि यदि सरकार वास्तव में समाधान चाहती है तो नड्डा स्वयं जंतर-मंतर आएं या किसी तटस्थ स्थान पर बातचीत करें।

विदेशी फंडिंग के आरोपों पर पलटवार

विदेशी फंडिंग और बाहरी ताकतों से समर्थन मिलने के आरोपों को दास ने सिरे से खारिज किया। उन्होंने कहा कि उन पर समय-समय पर जॉर्ज सोरोस, चीन, पाकिस्तान, अमेरिकी 'डीप स्टेट' और आतंकवाद से जुड़े आरोप लगाए गए, लेकिन कोई भी साबित नहीं हो सका। उनके अनुसार, उनके खिलाफ झूठे नैरेटिव गढ़े जा रहे हैं और जो लोग ऐसे आरोपों को बढ़ावा दे रहे हैं, उन्हें भविष्य में जवाबदेह ठहराया जाएगा। यह आंदोलन तब तक जारी रहेगा जब तक सरकार प्रदर्शनकारियों की माँग पर ठोस कार्रवाई नहीं करती।

संपादकीय दृष्टिकोण

न कि समाधान की। फास्ट-ट्रैक कोर्ट पर उठाए गए सवाल तकनीकी रूप से वैध हैं — न्यायपालिका में रिक्तियाँ और लंबित मामलों का बोझ पहले से ही गंभीर समस्या है। लेकिन जब तक आंदोलन केवल एक मंत्री के इस्तीफे की एकल माँग पर टिका रहेगा, व्यापक शिक्षा सुधार की बहस हाशिये पर ही रहेगी।
RashtraPress
23 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

सौरभ दास कौन हैं और वे क्या माँग कर रहे हैं?
सौरभ दास कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) के मुख्य प्रवक्ता हैं जो जंतर-मंतर पर जारी प्रदर्शन में अग्रणी भूमिका निभा रहे हैं। उनकी प्रमुख माँग केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा है और जब तक यह माँग पूरी नहीं होती, आंदोलन जारी रखने का ऐलान किया है।
जेपी नड्डा के निमंत्रण को क्यों ठुकराया गया?
सौरभ दास ने जेपी नड्डा के कार्यालय का निमंत्रण यह कहते हुए अस्वीकार किया कि पहले भी उन्हें कई घंटे तक रोके रखा गया था। उनकी माँग है कि नड्डा स्वयं जंतर-मंतर या किसी तटस्थ स्थान पर आकर बात करें।
पेपर लीक मामलों में फास्ट-ट्रैक कोर्ट पर प्रदर्शनकारियों की आपत्ति क्या है?
दास का कहना है कि मौजूदा अदालतों को ही फास्ट-ट्रैक में बदलने से पहले से लंबित करोड़ों मामलों का बोझ और बढ़ेगा। उनके अनुसार वास्तविक सुधार के लिए नए न्यायालय स्थापित करने होंगे और ईमानदार व निष्पक्ष न्यायाधीशों की नियुक्ति करनी होगी।
प्रधानमंत्री के एक्स पोस्ट पर प्रदर्शनकारियों की क्या प्रतिक्रिया है?
सौरभ दास ने प्रधानमंत्री के एक्स पोस्ट को 'बैंड-एड मेजर' करार दिया और कहा कि इससे समस्या की जड़ नहीं सुलझेगी। उनके अनुसार सरकार को सोशल मीडिया पोस्ट की जगह शिक्षा मंत्री का इस्तीफा लेना चाहिए।
विदेशी फंडिंग के आरोपों पर सौरभ दास ने क्या कहा?
दास ने जॉर्ज सोरोस, चीन, पाकिस्तान और अमेरिकी 'डीप स्टेट' से फंडिंग के सभी आरोपों को बेबुनियाद बताया और कहा कि इनमें से कोई भी आरोप अब तक साबित नहीं हो सका। उन्होंने कहा कि ऐसे झूठे नैरेटिव फैलाने वालों को भविष्य में जवाबदेह ठहराया जाएगा।
राष्ट्र प्रेस
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