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शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा नहीं तो जंतर-मंतर नहीं छोड़ेंगे: सीजेपी प्रवक्ता आशुतोष रांका

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शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा नहीं तो जंतर-मंतर नहीं छोड़ेंगे: सीजेपी प्रवक्ता आशुतोष रांका

सारांश

सीजेपी का जंतर-मंतर पर धरना जारी — प्रवक्ता आशुतोष रांका ने साफ कहा, शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा नहीं तो प्रदर्शन नहीं रुकेगा। बिहार से केरल तक देशभर से मिल रहे जन-समर्थन ने इस युवा-केंद्रित आंदोलन को नई ताकत दी है।

मुख्य बातें

कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) का जंतर-मंतर पर धरना 22 जुलाई को भी जारी रहा।
प्रवक्ता आशुतोष रांका ने कहा — केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे तक प्रदर्शन नहीं रुकेगा।
कांग्रेस नेता राहुल गांधी के प्रधानमंत्री आवास के बाहर प्रदर्शन को रांका ने लोकतांत्रिक अधिकार बताया और स्वागत किया।
प्रवक्ता विजेता दहिया को संवेदनशील वीडियो सामने आने के बाद जनभावनाओं के मद्देनज़र पद से हटाया गया।
बिहार, अहमदाबाद, केरल और जयपुर से प्रदर्शनकारियों के लिए खाना व सहायता भेजी जा रही है।

केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की माँग को लेकर कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) का जंतर-मंतर, नई दिल्ली पर धरना-प्रदर्शन 22 जुलाई को भी जारी रहा। संगठन के प्रवक्ता आशुतोष रांका ने बुधवार को स्पष्ट किया कि जब तक प्रधान पद नहीं छोड़ते, प्रदर्शनकारी वहाँ से नहीं हटेंगे। उन्होंने कहा कि यह आंदोलन युवाओं के मुद्दों को केंद्र में रखकर चलाया जा रहा है।

मुख्य घटनाक्रम

रांका ने कहा, 'हम लोग यहीं बैठे रहेंगे। जंतर-मंतर से हिलने वाले नहीं हैं, जब तक धर्मेंद्र प्रधान इस्तीफा नहीं दे देते।' उन्होंने यह भी जोड़ा कि यह आंदोलन किसी एक दल या व्यक्ति का नहीं, बल्कि देशभर के युवाओं की आवाज़ है।

विपक्षी प्रदर्शन पर प्रतिक्रिया

कांग्रेस नेता राहुल गांधी द्वारा मंगलवार को प्रधानमंत्री आवास के बाहर किए गए प्रदर्शन पर टिप्पणी करते हुए रांका ने कहा कि यह उनका लोकतांत्रिक अधिकार है और संगठन इस पर कोई प्रतिकूल टिप्पणी नहीं करना चाहता। उनके अनुसार, जो भी नेता या संगठन युवाओं के मुद्दों को उठा रहा है, उसका स्वागत किया जाना चाहिए। रांका ने कहा कि अगर सभी मिलकर काम करें तो आंदोलन को और मज़बूती मिलती है।

प्रवक्ता विजेता दहिया को हटाने पर सफाई

सीजेपी की प्रवक्ता विजेता दहिया को पद से हटाने के फैसले पर रांका ने कहा कि संगठन पहले ही इस बारे में स्पष्टीकरण दे चुका है। उनके अनुसार, कुछ अत्यंत संवेदनशील वीडियो सामने आने के बाद जनभावनाओं को ध्यान में रखते हुए यह कदम उठाया गया।

देशभर से मिल रहा समर्थन

प्रदर्शन को मिल रही आर्थिक और भौतिक मदद पर उठ रहे सवालों के जवाब में रांका ने कहा कि यह किसी एक व्यक्ति या संगठन की फंडिंग नहीं है। उन्होंने बताया कि बिहार, अहमदाबाद, केरल और जयपुर सहित कई राज्यों से लोग प्रदर्शनकारियों के लिए खाना और सहायता भेज रहे हैं। सोशल मीडिया पर समर्थक स्वयं इसकी जानकारी साझा कर रहे हैं।

आगे क्या

सीजेपी का यह धरना तब तक जारी रहने का संकेत है जब तक केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान पद से इस्तीफा नहीं देते। आंदोलन को विभिन्न राज्यों से मिल रहे जन-समर्थन को देखते हुए यह प्रदर्शन आने वाले दिनों में और व्यापक रूप ले सकता है।

संपादकीय दृष्टिकोण

'कॉकरोच जनता पार्टी' जैसे असामान्य नाम वाले संगठन की विश्वसनीयता और जनाधार पर सवाल स्वाभाविक हैं। विजेता दहिया को हटाने का प्रकरण यह भी संकेत देता है कि आंदोलन के भीतर आंतरिक अनुशासन की चुनौतियाँ हैं। मुख्यधारा की कवरेज अक्सर इन आंदोलनों की फंडिंग और संगठनात्मक पारदर्शिता पर पर्याप्त ध्यान नहीं देती — यही वह पहलू है जो इस प्रदर्शन की दीर्घकालिक प्रासंगिकता तय करेगा।
RashtraPress
22 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

सीजेपी का जंतर-मंतर पर प्रदर्शन किस माँग को लेकर है?
कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की माँग को लेकर जंतर-मंतर पर धरने पर बैठी है। संगठन का कहना है कि यह आंदोलन युवाओं के मुद्दों को लेकर चलाया जा रहा है।
आशुतोष रांका कौन हैं और उन्होंने क्या कहा?
आशुतोष रांका सीजेपी के प्रवक्ता हैं। उन्होंने 22 जुलाई को स्पष्ट किया कि जब तक धर्मेंद्र प्रधान इस्तीफा नहीं देते, प्रदर्शनकारी जंतर-मंतर नहीं छोड़ेंगे।
राहुल गांधी के प्रदर्शन पर सीजेपी का क्या रुख है?
सीजेपी प्रवक्ता रांका ने कहा कि राहुल गांधी का प्रधानमंत्री आवास के बाहर प्रदर्शन उनका लोकतांत्रिक अधिकार है और जो भी युवाओं के मुद्दे उठाए, उसका स्वागत होना चाहिए। संगठन ने इस पर कोई प्रतिकूल टिप्पणी नहीं की।
विजेता दहिया को सीजेपी ने पद से क्यों हटाया?
रांका के अनुसार, कुछ अत्यंत संवेदनशील वीडियो सामने आने के बाद जनभावनाओं को ध्यान में रखते हुए विजेता दहिया को प्रवक्ता पद से हटाने का फैसला किया गया। संगठन पहले ही इस बारे में स्पष्टीकरण दे चुका है।
प्रदर्शन को फंडिंग कहाँ से मिल रही है?
रांका ने कहा कि यह किसी एक व्यक्ति या संगठन की फंडिंग नहीं है, बल्कि देशभर के लोगों का स्वतःस्फूर्त समर्थन है। बिहार, अहमदाबाद, केरल और जयपुर जैसे राज्यों से लोग खाना और सहायता भेज रहे हैं।
राष्ट्र प्रेस
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