शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा नहीं तो जंतर-मंतर नहीं छोड़ेंगे: सीजेपी प्रवक्ता आशुतोष रांका
सारांश
मुख्य बातें
केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की माँग को लेकर कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) का जंतर-मंतर, नई दिल्ली पर धरना-प्रदर्शन 22 जुलाई को भी जारी रहा। संगठन के प्रवक्ता आशुतोष रांका ने बुधवार को स्पष्ट किया कि जब तक प्रधान पद नहीं छोड़ते, प्रदर्शनकारी वहाँ से नहीं हटेंगे। उन्होंने कहा कि यह आंदोलन युवाओं के मुद्दों को केंद्र में रखकर चलाया जा रहा है।
मुख्य घटनाक्रम
रांका ने कहा, 'हम लोग यहीं बैठे रहेंगे। जंतर-मंतर से हिलने वाले नहीं हैं, जब तक धर्मेंद्र प्रधान इस्तीफा नहीं दे देते।' उन्होंने यह भी जोड़ा कि यह आंदोलन किसी एक दल या व्यक्ति का नहीं, बल्कि देशभर के युवाओं की आवाज़ है।
विपक्षी प्रदर्शन पर प्रतिक्रिया
कांग्रेस नेता राहुल गांधी द्वारा मंगलवार को प्रधानमंत्री आवास के बाहर किए गए प्रदर्शन पर टिप्पणी करते हुए रांका ने कहा कि यह उनका लोकतांत्रिक अधिकार है और संगठन इस पर कोई प्रतिकूल टिप्पणी नहीं करना चाहता। उनके अनुसार, जो भी नेता या संगठन युवाओं के मुद्दों को उठा रहा है, उसका स्वागत किया जाना चाहिए। रांका ने कहा कि अगर सभी मिलकर काम करें तो आंदोलन को और मज़बूती मिलती है।
प्रवक्ता विजेता दहिया को हटाने पर सफाई
सीजेपी की प्रवक्ता विजेता दहिया को पद से हटाने के फैसले पर रांका ने कहा कि संगठन पहले ही इस बारे में स्पष्टीकरण दे चुका है। उनके अनुसार, कुछ अत्यंत संवेदनशील वीडियो सामने आने के बाद जनभावनाओं को ध्यान में रखते हुए यह कदम उठाया गया।
देशभर से मिल रहा समर्थन
प्रदर्शन को मिल रही आर्थिक और भौतिक मदद पर उठ रहे सवालों के जवाब में रांका ने कहा कि यह किसी एक व्यक्ति या संगठन की फंडिंग नहीं है। उन्होंने बताया कि बिहार, अहमदाबाद, केरल और जयपुर सहित कई राज्यों से लोग प्रदर्शनकारियों के लिए खाना और सहायता भेज रहे हैं। सोशल मीडिया पर समर्थक स्वयं इसकी जानकारी साझा कर रहे हैं।
आगे क्या
सीजेपी का यह धरना तब तक जारी रहने का संकेत है जब तक केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान पद से इस्तीफा नहीं देते। आंदोलन को विभिन्न राज्यों से मिल रहे जन-समर्थन को देखते हुए यह प्रदर्शन आने वाले दिनों में और व्यापक रूप ले सकता है।