26 जुलाई 2026
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भाजपा विधायक नंद किशोर गुर्जर बोले — साजिश रचने वालों की सात पीढ़ियां याद रखेंगी, जंतर-मंतर प्रदर्शन पर उठाए सवाल

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भाजपा विधायक नंद किशोर गुर्जर बोले — साजिश रचने वालों की सात पीढ़ियां याद रखेंगी, जंतर-मंतर प्रदर्शन पर उठाए सवाल

सारांश

भाजपा विधायक नंद किशोर गुर्जर ने 20 जुलाई की हिंसा को सुनियोजित साजिश बताया और दोषियों को 'सात पीढ़ियों तक याद रहने' की चेतावनी दी। साथ ही धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे को स्वैच्छिक बताते हुए जंतर-मंतर प्रदर्शन की प्रकृति पर विवादित दावे किए।

मुख्य बातें

भाजपा विधायक नंद किशोर गुर्जर ने 26 जुलाई को बागपत में कहा कि धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा स्वैच्छिक था, किसी दबाव में नहीं दिया गया।
गुर्जर ने 20 जुलाई की हिंसा को सुनियोजित साजिश बताया और चेतावनी दी कि 'साजिश रचने वालों की सात पीढ़ियाँ भी याद रखेंगी।' उन्होंने दावा किया कि जंतर-मंतर प्रदर्शन में कोई NEET परीक्षार्थी नहीं था — यह दावा स्वतंत्र रूप से सत्यापित नहीं हुआ है।
गुर्जर ने कहा कि प्रदर्शनकारियों ने प्रधानमंत्री आवास को घेरने का प्रयास किया और गृह मंत्री अमित शाह दिल्ली में हैं।
कांग्रेस पर पलटवार करते हुए उन्होंने पेपर लीक की समस्या को कांग्रेस शासनकाल की विरासत बताया।

भारतीय जनता पार्टी (BJP) के विधायक नंद किशोर गुर्जर ने 26 जुलाई को बागपत में कहा कि केंद्रीय मंत्री धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा किसी बाहरी दबाव का नतीजा नहीं, बल्कि उनका स्वैच्छिक निर्णय था। साथ ही गुर्जर ने जंतर-मंतर पर हुए प्रदर्शन की प्रकृति पर तीखे सवाल उठाए और 20 जुलाई की हिंसा के पीछे साजिश का आरोप लगाते हुए चेतावनी दी कि दोषियों को लंबे समय तक इसके परिणाम भुगतने होंगे।

धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे पर गुर्जर का बयान

गुर्जर ने स्पष्ट किया कि धर्मेंद्र प्रधान ने अपना इस्तीफा पूरी तरह स्वेच्छा से दिया है। उन्होंने कहा, 'हम छात्रों के साथ थे, उनके साथ हैं और आगे भी उनके साथ खड़े रहेंगे।' गुर्जर के अनुसार, BJP की प्रतिबद्धता छात्र हितों के प्रति अटल है।

जंतर-मंतर प्रदर्शन पर विवादित दावे

गुर्जर ने जंतर-मंतर पर हुए प्रदर्शन को लेकर कई दावे किए — हालाँकि इनकी स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रदर्शनकारियों में कोई भी NEET परीक्षार्थी नहीं था। उन्होंने यह भी दावा किया कि वहाँ भगवान राम के विरुद्ध नारेबाजी हुई और उसका कोई विरोध नहीं हुआ। गुर्जर ने कहा, 'जिस तरह नारे लगे, भगवान राम के खिलाफ अपशब्द बोले गए, अगर वहाँ हिंदू होते तो टकराव होता।'

साजिश का आरोप और कड़ी चेतावनी

गुर्जर ने 20 जुलाई की हिंसा को एक सुनियोजित साजिश करार देते हुए कहा कि इस मामले में व्यापक जाँच होगी। उन्होंने चेतावनी दी — 'जिन्होंने साजिश रचने की कोशिश की, उनकी सात पीढ़ियाँ भी याद रखेंगी।' उन्होंने यह भी कहा कि प्रदर्शनकारियों ने प्रधानमंत्री के आवास को घेरने का प्रयास किया और गृह मंत्री अमित शाह दिल्ली में मौजूद हैं — यह बात सभी को ध्यान में रखनी चाहिए।

कांग्रेस पर पलटवार

विपक्ष की आलोचना पर गुर्जर ने कहा कि पेपर लीक की समस्या कांग्रेस के शासनकाल की देन है। उन्होंने दावा किया, 'जब मैं उत्तर प्रदेश में छात्र संघ अध्यक्ष था, तब उत्तर पुस्तिकाएँ खुलेआम पड़ी मिलती थीं। प्रश्न पत्र तीन दिन पहले ही लीक हो जाते थे और पैसे देकर नौकरियाँ मिल जाती थीं।' गुर्जर ने यह भी रेखांकित किया कि जिन राज्यों में कांग्रेस की सरकार है, वहाँ भी पेपर लीक के मामले सामने आए हैं।

आगे क्या

गुर्जर के बयानों के बाद 20 जुलाई की हिंसा और जंतर-मंतर प्रदर्शन को लेकर राजनीतिक बहस और तेज होने के संकेत हैं। जाँच एजेंसियाँ इस मामले में क्या कदम उठाती हैं, यह आने वाले दिनों में स्पष्ट होगा।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन जंतर-मंतर प्रदर्शन को लेकर उनके कई दावे — जैसे भीड़ की धार्मिक संरचना या NEET छात्रों की अनुपस्थिति — स्वतंत्र रूप से सत्यापित नहीं हैं और इन्हें तथ्य की बजाय राजनीतिक आख्यान के रूप में देखा जाना चाहिए। 'सात पीढ़ियों' वाली चेतावनी की भाषा उस समय आई है जब NEET विवाद पहले से ही राष्ट्रीय राजनीति में केंद्रीय मुद्दा बना हुआ है — ऐसे में यह बयान बहस को परीक्षा सुधार से हटाकर कानून-व्यवस्था और सांप्रदायिक ध्रुवीकरण की तरफ ले जाने का प्रयास जान पड़ता है। मुख्यधारा की कवरेज अक्सर ऐसे बयानों को उनके राजनीतिक संदर्भ से काटकर पेश करती है — जबकि असली सवाल यह है कि NEET पेपर लीक की जवाबदेही कब और कैसे तय होगी।
RashtraPress
26 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

भाजपा विधायक नंद किशोर गुर्जर ने 'सात पीढ़ियाँ याद रखेंगी' किस संदर्भ में कहा?
गुर्जर ने 20 जुलाई की हिंसा को सुनियोजित साजिश बताते हुए यह चेतावनी दी। उन्होंने कहा कि इस मामले में व्यापक जाँच होगी और जिन्होंने साजिश रची, उन्हें दीर्घकालिक परिणाम भुगतने होंगे।
धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे पर गुर्जर का क्या कहना है?
गुर्जर ने स्पष्ट किया कि धर्मेंद्र प्रधान ने किसी दबाव में नहीं, बल्कि स्वेच्छा से इस्तीफा दिया है। उन्होंने यह भी कहा कि BJP छात्रों के साथ खड़ी थी, है और रहेगी।
जंतर-मंतर प्रदर्शन पर गुर्जर ने क्या आरोप लगाए?
गुर्जर ने दावा किया कि जंतर-मंतर प्रदर्शन में कोई NEET परीक्षार्थी नहीं था और वहाँ भगवान राम के विरुद्ध नारेबाजी हुई। हालाँकि, ये दावे स्वतंत्र रूप से सत्यापित नहीं हैं।
गुर्जर ने कांग्रेस पर क्या आरोप लगाए?
गुर्जर ने कहा कि पेपर लीक की समस्या कांग्रेस के शासनकाल की देन है। उन्होंने दावा किया कि जब वे उत्तर प्रदेश में छात्र संघ अध्यक्ष थे, तब प्रश्न पत्र तीन दिन पहले लीक हो जाते थे और पैसे देकर नौकरियाँ मिलती थीं।
20 जुलाई की हिंसा क्या थी और इसकी जाँच कहाँ तक पहुँची है?
20 जुलाई को NEET और पेपर लीक विरोध प्रदर्शनों के दौरान हिंसा की घटनाएँ सामने आई थीं। गुर्जर के अनुसार इस मामले में जाँच जारी है, हालाँकि जाँच की वर्तमान स्थिति का आधिकारिक विवरण अभी सार्वजनिक नहीं हुआ है।
राष्ट्र प्रेस
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