25 जुलाई 2026
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धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे पर पवन खेड़ा बोले — 'देश ने हटाया, PM ने नहीं; लड़ाई अभी शुरू हुई'

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धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे पर पवन खेड़ा बोले — 'देश ने हटाया, PM ने नहीं; लड़ाई अभी शुरू हुई'

सारांश

धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा हुआ, लेकिन कांग्रेस के लिए यह अंत नहीं — शुरुआत है। पवन खेड़ा ने साफ कहा: PM मोदी को युवाओं से माफी माँगनी होगी, 20 जुलाई की हिंसा की जवाबदेही तय करनी होगी, और शिक्षा व्यवस्था में ठोस सुधार लाने होंगे।

मुख्य बातें

कांग्रेस सांसद पवन खेड़ा ने कहा — शिक्षा मंत्री को PM मोदी ने नहीं, देश के युवाओं ने हटाया।
20 जुलाई को छात्रों पर हुई हिंसा और पैलेट गन के इस्तेमाल की जवाबदेही तय करने की माँग।
कांग्रेस सांसद कुमारी सैलजा ने इस्तीफे को 'करोड़ों युवाओं की जीत' और 'सरकार के अहंकार की हार' बताया।
नीट पेपर लीक के खिलाफ आंदोलन के दौरान कुछ छात्रों की जान गई — खेड़ा ने PM से उनके लिए भी माफी माँगने की माँग की।
कांग्रेस की माँग: PM की सार्वजनिक माफी, हिंसा के दोषियों पर कार्रवाई, और शिक्षा व्यवस्था में व्यापक सुधार।

कांग्रेस सांसद पवन खेड़ा ने 25 जुलाई को केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे पर तीखी प्रतिक्रिया दी और स्पष्ट किया कि यह संघर्ष का अंत नहीं, बल्कि शुरुआत है। उन्होंने कहा कि शिक्षा मंत्री को प्रधानमंत्री ने नहीं, बल्कि देश के युवाओं ने पद से हटाया है।

पवन खेड़ा का बयान

खेड़ा ने कहा, 'जब तक प्रधानमंत्री देश के युवाओं से माफी नहीं मांग लेते और 20 जुलाई को जो हिंसा हुई, पैलेट गन चलाई गईं, उसकी जवाबदेही तय नहीं होती, संघर्ष खत्म नहीं होगा।' उन्होंने कहा कि छात्रों और कांग्रेस की जो माँगें थीं, उनमें से अभी केवल एक — शिक्षा मंत्री का इस्तीफा — पूरी हुई है।

खेड़ा ने आगे कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी युवाओं को अपना 'फ्रेंड' बताते हैं, लेकिन अगर वे सच में युवाओं के हितैषी होते तो छात्रों पर लाठीचार्ज न होता, आँसू गैस के गोले न दागे जाते और पैलेट गन न चलाई जाती। उन्होंने कहा कि तीन माँगें अभी भी शेष हैं — प्रधानमंत्री की माफी, 20 जुलाई की हिंसा की जवाबदेही, और शिक्षा व्यवस्था में व्यापक सुधार।

कुमारी सैलजा का तंज

कांग्रेस सांसद कुमारी सैलजा ने धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे पर कहा कि 'जिद्दी सरकार को आखिरकार युवाओं के सामने झुकना ही पड़ा।' उन्होंने इसे 'भारत के करोड़ों युवाओं की जीत' बताया और कहा कि यह उन सभी छात्रों, अभिभावकों और परिवारों की विजय है जिन्होंने अन्याय के विरुद्ध आवाज़ उठाई।

सैलजा ने कहा कि नीट पेपर लीक के पहले दिन से ही कांग्रेस नेता राहुल गांधी के नेतृत्व में पार्टी शिक्षा मंत्री के इस्तीफे, जवाबदेही और शिक्षा सुधार की माँग करती रही। उनके अनुसार, संसद से लेकर सड़क तक पूरे विपक्ष ने छात्रों के साथ मिलकर यह लड़ाई लड़ी।

आगे की माँगें

कांग्रेस ने स्पष्ट किया कि लड़ाई यहाँ नहीं रुकेगी। पार्टी की तीन प्रमुख माँगें हैं — प्रधानमंत्री देश के युवाओं से सार्वजनिक माफी माँगें; 20 जुलाई को छात्रों पर लाठीचार्ज और पैलेट गन चलाने वालों के विरुद्ध कठोर कार्रवाई हो; और शिक्षा व्यवस्था में ऐसे सुधार सुनिश्चित किए जाएँ जिससे कोई भी छात्र का भविष्य भ्रष्टाचार और पेपर लीक की भेंट न चढ़े।

पृष्ठभूमि

यह घटनाक्रम नीट पेपर लीक विवाद के बाद उपजे देशव्यापी छात्र आंदोलन की पृष्ठभूमि में सामने आया है। 20 जुलाई को प्रदर्शनकारी छात्रों पर कथित तौर पर बल प्रयोग किया गया था, जिसमें पैलेट गन के इस्तेमाल के आरोप लगे। इस आंदोलन के दौरान कुछ छात्रों की जान जाने की भी खबरें आईं, जिन्हें खेड़ा ने अपने बयान में रेखांकित किया। धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा इस दबाव के बीच आया, जिसे विपक्ष आंशिक जीत मान रहा है।

संपादकीय दृष्टिकोण

जवाबदेही देने का नहीं। विपक्ष इसे आंशिक जीत मान रहा है, लेकिन असली सवाल यह है कि क्या नीट विवाद के मूल कारणों — परीक्षा प्रणाली की खामियाँ, भ्रष्टाचार के तंत्र — पर कोई ठोस कार्रवाई होगी। 20 जुलाई की हिंसा की जवाबदेही अभी तक अनुत्तरित है, और जब तक यह सवाल खुला रहेगा, राजनीतिक तापमान बना रहेगा। मंत्री की कुर्बानी से संस्थागत सुधार नहीं आता — और यही वह अंतर है जिसे मुख्यधारा की कवरेज अक्सर नज़रअंदाज़ कर देती है।
RashtraPress
25 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे पर कांग्रेस की क्या प्रतिक्रिया है?
कांग्रेस ने इस्तीफे को युवाओं की आंशिक जीत बताया है, लेकिन कहा है कि लड़ाई अभी खत्म नहीं हुई। पार्टी PM मोदी से सार्वजनिक माफी, 20 जुलाई की हिंसा की जवाबदेही और शिक्षा व्यवस्था में सुधार की माँग कर रही है।
पवन खेड़ा ने 20 जुलाई की हिंसा के बारे में क्या कहा?
पवन खेड़ा ने कहा कि 20 जुलाई को प्रदर्शनकारी छात्रों पर पैलेट गन चलाई गई और जब तक इस हिंसा की जवाबदेही तय नहीं होती, कांग्रेस का संघर्ष जारी रहेगा। उन्होंने PM मोदी से उन छात्रों के लिए भी माफी माँगने की माँग की जिन्होंने आंदोलन के दौरान जान गंवाई।
नीट पेपर लीक विवाद क्या है?
नीट पेपर लीक विवाद देश की सबसे बड़ी मेडिकल प्रवेश परीक्षा में धाँधली के आरोपों से जुड़ा है, जिसने देशव्यापी छात्र आंदोलन को जन्म दिया। इस विवाद के केंद्र में शिक्षा मंत्रालय की जवाबदेही और परीक्षा प्रणाली की विश्वसनीयता पर सवाल हैं।
कांग्रेस की अब आगे क्या माँगें हैं?
कांग्रेस की तीन प्रमुख माँगें हैं — प्रधानमंत्री देश के युवाओं से सार्वजनिक माफी माँगें; 20 जुलाई को छात्रों पर बल प्रयोग करने वालों के विरुद्ध कठोर कार्रवाई हो; और शिक्षा व्यवस्था में ऐसे सुधार हों जिससे भविष्य में पेपर लीक और भ्रष्टाचार की पुनरावृत्ति न हो।
कुमारी सैलजा ने धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे को कैसे देखा?
कांग्रेस सांसद कुमारी सैलजा ने इसे 'सत्य की जीत और सरकार के अहंकार की हार' बताया। उन्होंने कहा कि जिद्दी सरकार को अंततः युवाओं के सामने झुकना पड़ा, लेकिन लड़ाई यहाँ समाप्त नहीं होती।
राष्ट्र प्रेस
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