धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे पर मुरली मनोहर जोशी बोले — 'देर आए दुरुस्त आए', PM से शीघ्र निर्णय की अपील
सारांश
मुख्य बातें
केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के बाद 25 जुलाई को राजनीतिक जगत में प्रतिक्रियाओं का सिलसिला शुरू हो गया। भारतीय जनता पार्टी (BJP) के वरिष्ठ नेता मुरली मनोहर जोशी ने एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर पोस्ट करते हुए इस इस्तीफे को 'देर से सही, लेकिन एक महत्वपूर्ण कदम' बताया और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से शीघ्र उचित निर्णय लेने की अपेक्षा जताई।
जोशी का बयान: क्या कहा उन्होंने
जोशी ने अपनी एक्स पोस्ट में लिखा, 'देर आए दुरुस्त आए। धर्मेंद्र प्रधान ने त्यागपत्र दे दिया है। आशा करता हूं कि प्रधानमंत्री भी इस पर शीघ्र ही समयोचित निर्णय लेंगे।' उन्होंने आंदोलनरत छात्रों को शांतिपूर्ण तरीके से आंदोलन समाप्त करने पर बधाई दी और उम्मीद जताई कि 'भारतीय शिक्षा जगत में शीघ्र शांति स्थापित होगी और छात्रों को अपने उज्ज्वल भविष्य तथा प्रगति के लिए व्यापक अवसर प्राप्त होंगे।'
ओडिशा के मुख्यमंत्री ने की प्रशंसा
ओडिशा के मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी ने प्रधान के शिक्षा मंत्री के रूप में कार्यकाल की सराहना की। माझी ने कहा कि प्रधान के नेतृत्व में राष्ट्रीय शिक्षा नीति (NEP-2020) सहित कई महत्वपूर्ण सुधार लागू हुए, जिनसे देशभर के लाखों छात्रों के भविष्य को नई दिशा मिली।
मुख्यमंत्री माझी ने अपने संदेश में कहा, 'केंद्रीय शिक्षा मंत्री के तौर पर धर्मेंद्र प्रधान ने ऐतिहासिक राष्ट्रीय शिक्षा नीति (NEP-2020) समेत कई बड़े और अहम सुधार किए, जिससे देशभर के लाखों छात्रों के भविष्य की मजबूत नींव पड़ी। ऊंचे नैतिक मूल्यों को सबसे ऊपर रखते हुए उनका इस्तीफा देने का फैसला उनके मजबूत सिद्धांतों और जनसेवा के प्रति अटूट समर्पण को दिखाता है।'
भविष्य के लिए शुभकामनाएं
मुख्यमंत्री माझी ने धर्मेंद्र प्रधान के आगामी सार्वजनिक जीवन के लिए शुभकामनाएं देते हुए कामना की कि भगवान जगन्नाथ की कृपा उनकी नई जिम्मेदारियों पर बनी रहे। यह ऐसे समय में आया है जब शिक्षा क्षेत्र में छात्र आंदोलन के बाद जवाबदेही को लेकर व्यापक बहस छिड़ी हुई है।
आगे क्या
गौरतलब है कि जोशी की अपील के बाद अब सभी की निगाहें प्रधानमंत्री मोदी के अगले कदम पर टिकी हैं — विशेष रूप से शिक्षा मंत्रालय में नए नेतृत्व की नियुक्ति को लेकर। छात्र समुदाय और शिक्षा जगत दोनों को उम्मीद है कि नया नेतृत्व सुधारों की निरंतरता बनाए रखेगा।