27 जुलाई 2026
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धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे पर मुरली मनोहर जोशी बोले — 'देर आए दुरुस्त आए', PM से शीघ्र निर्णय की अपील

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धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे पर मुरली मनोहर जोशी बोले — 'देर आए दुरुस्त आए', PM से शीघ्र निर्णय की अपील

सारांश

धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा महज एक मंत्री का जाना नहीं — यह छात्र आंदोलन के दबाव में जवाबदेही की एक दुर्लभ मिसाल है। BJP के वरिष्ठ नेता जोशी की 'देर आए दुरुस्त आए' वाली टिप्पणी ने पार्टी के भीतर भी असंतोष की झलक दे दी।

मुख्य बातें

BJP वरिष्ठ नेता मुरली मनोहर जोशी ने 25 जुलाई को एक्स पर धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे को 'देर से सही, महत्वपूर्ण कदम' बताया।
जोशी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से शिक्षा मंत्रालय पर शीघ्र 'समयोचित निर्णय' लेने की अपील की।
आंदोलन समाप्त करने वाले छात्रों को जोशी ने बधाई दी और शिक्षा जगत में शांति की उम्मीद जताई।
ओडिशा के मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी ने प्रधान के कार्यकाल की सराहना करते हुए NEP-2020 को उनकी बड़ी उपलब्धि बताया।
माझी ने प्रधान के इस्तीफे को 'उच्च नैतिक मूल्यों और जवाबदेही की भावना' का प्रतीक कहा।

केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के बाद 25 जुलाई को राजनीतिक जगत में प्रतिक्रियाओं का सिलसिला शुरू हो गया। भारतीय जनता पार्टी (BJP) के वरिष्ठ नेता मुरली मनोहर जोशी ने एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर पोस्ट करते हुए इस इस्तीफे को 'देर से सही, लेकिन एक महत्वपूर्ण कदम' बताया और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से शीघ्र उचित निर्णय लेने की अपेक्षा जताई।

जोशी का बयान: क्या कहा उन्होंने

जोशी ने अपनी एक्स पोस्ट में लिखा, 'देर आए दुरुस्त आए। धर्मेंद्र प्रधान ने त्यागपत्र दे दिया है। आशा करता हूं कि प्रधानमंत्री भी इस पर शीघ्र ही समयोचित निर्णय लेंगे।' उन्होंने आंदोलनरत छात्रों को शांतिपूर्ण तरीके से आंदोलन समाप्त करने पर बधाई दी और उम्मीद जताई कि 'भारतीय शिक्षा जगत में शीघ्र शांति स्थापित होगी और छात्रों को अपने उज्ज्वल भविष्य तथा प्रगति के लिए व्यापक अवसर प्राप्त होंगे।'

ओडिशा के मुख्यमंत्री ने की प्रशंसा

ओडिशा के मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी ने प्रधान के शिक्षा मंत्री के रूप में कार्यकाल की सराहना की। माझी ने कहा कि प्रधान के नेतृत्व में राष्ट्रीय शिक्षा नीति (NEP-2020) सहित कई महत्वपूर्ण सुधार लागू हुए, जिनसे देशभर के लाखों छात्रों के भविष्य को नई दिशा मिली।

मुख्यमंत्री माझी ने अपने संदेश में कहा, 'केंद्रीय शिक्षा मंत्री के तौर पर धर्मेंद्र प्रधान ने ऐतिहासिक राष्ट्रीय शिक्षा नीति (NEP-2020) समेत कई बड़े और अहम सुधार किए, जिससे देशभर के लाखों छात्रों के भविष्य की मजबूत नींव पड़ी। ऊंचे नैतिक मूल्यों को सबसे ऊपर रखते हुए उनका इस्तीफा देने का फैसला उनके मजबूत सिद्धांतों और जनसेवा के प्रति अटूट समर्पण को दिखाता है।'

भविष्य के लिए शुभकामनाएं

मुख्यमंत्री माझी ने धर्मेंद्र प्रधान के आगामी सार्वजनिक जीवन के लिए शुभकामनाएं देते हुए कामना की कि भगवान जगन्नाथ की कृपा उनकी नई जिम्मेदारियों पर बनी रहे। यह ऐसे समय में आया है जब शिक्षा क्षेत्र में छात्र आंदोलन के बाद जवाबदेही को लेकर व्यापक बहस छिड़ी हुई है।

आगे क्या

गौरतलब है कि जोशी की अपील के बाद अब सभी की निगाहें प्रधानमंत्री मोदी के अगले कदम पर टिकी हैं — विशेष रूप से शिक्षा मंत्रालय में नए नेतृत्व की नियुक्ति को लेकर। छात्र समुदाय और शिक्षा जगत दोनों को उम्मीद है कि नया नेतृत्व सुधारों की निरंतरता बनाए रखेगा।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

मुरली मनोहर जोशी ने धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे पर क्या कहा?
BJP वरिष्ठ नेता मुरली मनोहर जोशी ने एक्स पर पोस्ट करते हुए कहा कि 'देर आए दुरुस्त आए' — यानी इस्तीफा देर से आया, लेकिन सही कदम है। उन्होंने प्रधानमंत्री मोदी से इस पर शीघ्र समयोचित निर्णय लेने की अपील की और शांतिपूर्ण आंदोलन समाप्त करने वाले छात्रों को बधाई दी।
धर्मेंद्र प्रधान ने शिक्षा मंत्री पद से इस्तीफा क्यों दिया?
स्रोत सामग्री के अनुसार प्रधान ने केंद्रीय शिक्षा मंत्री पद से इस्तीफा दिया, जो छात्र आंदोलन और शिक्षा क्षेत्र में जवाबदेही की मांगों के बीच आया। ओडिशा के मुख्यमंत्री माझी ने इसे 'उच्च नैतिक मूल्यों और जवाबदेही की भावना' का प्रतीक बताया।
ओडिशा के CM मोहन चरण माझी ने क्या कहा?
मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी ने प्रधान के कार्यकाल की सराहना करते हुए NEP-2020 को उनकी प्रमुख उपलब्धि बताया। उन्होंने कहा कि प्रधान का इस्तीफा उनके मजबूत सिद्धांतों और जनसेवा के प्रति समर्पण को दर्शाता है और भगवान जगन्नाथ की कृपा उनके भविष्य पर बनी रहे।
धर्मेंद्र प्रधान के कार्यकाल में शिक्षा क्षेत्र में क्या बड़े बदलाव हुए?
प्रधान के कार्यकाल में राष्ट्रीय शिक्षा नीति (NEP-2020) सहित कई महत्वपूर्ण सुधार लागू किए गए, जिनसे देशभर के लाखों छात्रों के भविष्य को नई दिशा मिली। मुख्यमंत्री माझी के अनुसार इन सुधारों ने छात्रों के भविष्य की मजबूत नींव रखी।
अब शिक्षा मंत्रालय में आगे क्या होगा?
जोशी की अपील के बाद सभी की निगाहें प्रधानमंत्री मोदी के अगले कदम पर हैं। नए शिक्षा मंत्री की नियुक्ति और NEP-2020 सुधारों की निरंतरता को लेकर शिक्षा जगत और छात्र समुदाय दोनों प्रतीक्षा में हैं।
राष्ट्र प्रेस
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