धर्मेंद्र प्रधान इस्तीफा वापस लें: छत्तीसगढ़ के शिक्षा मंत्री गजेंद्र यादव की अपील
सारांश
मुख्य बातें
छत्तीसगढ़ के शिक्षा मंत्री गजेंद्र यादव ने 25 जुलाई को दुर्ग में पत्रकारों से बातचीत के दौरान केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान से अपना इस्तीफा वापस लेने का खुला अनुरोध किया। उन्होंने कहा कि प्रधान के कार्यकाल में शिक्षा क्षेत्र में किए गए सुधारों के सकारात्मक परिणाम अब जमीन पर दिखने लगे हैं।
मंत्री यादव का मुख्य तर्क
मंत्री गजेंद्र यादव ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि किसी एक व्यक्ति की गलती की सजा पूरे विभाग को भुगतानी पड़े, यह किसी भी सूरत में न्यायोचित नहीं है। उन्होंने कहा, 'इस देश में कोई भी काम पूरा सिस्टम मिलकर करता है, जिसमें कई लोग शामिल होते हैं।' उनके अनुसार, ऐसी परिस्थिति में इस्तीफा देना सही निर्णय नहीं था।
परीक्षा सुधार और फास्ट ट्रैक जाँच
यादव ने यह भी रेखांकित किया कि परीक्षा प्रणाली में हुई घटना की जाँच की जिम्मेदारी फास्ट ट्रैक कोर्ट को सौंपी गई है, जो पारदर्शिता की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। उन्होंने कहा कि पहली बार ऐसा हुआ है कि किसी परीक्षा-संबंधी मामले की जाँच इतनी तत्परता से की जा रही है।
राष्ट्रीय शिक्षा नीति की सराहना
मंत्री ने राष्ट्रीय शिक्षा नीति (NEP) को लागू करने का श्रेय धर्मेंद्र प्रधान को देते हुए कहा कि लंबे समय बाद किसी ने शिक्षा में वास्तविक बदलाव लाने का साहस किया। उन्होंने दावा किया कि आधुनिक शिक्षा में व्यावसायिक शिक्षा को भी व्यावहारिक रूप से लागू किया गया है, ताकि पढ़कर निकलने वाले विद्यार्थी बेरोजगारी का शिकार न हों।
विद्यार्थियों पर सीधा असर
यादव ने कहा कि वे दावे के साथ कह सकते हैं कि धर्मेंद्र प्रधान ने अपने कार्यकाल में शिक्षा क्षेत्र की बेहतरी के लिए जो कदम उठाए, उनका सीधा लाभ विद्यार्थियों को मिल रहा है। उनके अनुसार, शिक्षा सुधार के मामले में इतिहास में इतने व्यापक प्रयास पहले कभी नहीं हुए।
आगे क्या
यह देखना होगा कि धर्मेंद्र प्रधान इस अपील पर क्या रुख अपनाते हैं और क्या केंद्र सरकार के स्तर पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया आती है। गौरतलब है कि परीक्षा विवाद के बीच इस्तीफे की माँग और समर्थन दोनों राजनीतिक हलकों में चर्चा का विषय बने हुए हैं।