धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे पर पिनाराई विजयन बोले — छात्रों की जीत, NTA सुधार की माँग अभी बाकी
सारांश
मुख्य बातें
केरल विधानसभा में विपक्ष के नेता पिनाराई विजयन ने 25 जुलाई को केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे को छात्र आंदोलन की निर्णायक जीत करार दिया, लेकिन साथ ही स्पष्ट किया कि राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी (NTA) में बुनियादी सुधार हुए बिना यह संघर्ष समाप्त नहीं होगा। उन्होंने कहा कि देशभर के छात्रों ने दमन और दबाव के बावजूद लोकतांत्रिक तरीके से अपनी माँगें सामने रखीं, और यह इस्तीफा उसी अडिग संघर्ष का परिणाम है।
विजयन की प्रतिक्रिया और आरोप
विजयन ने एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर पोस्ट कर लिखा, "धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा उन छात्रों की जीत है, जो दमन के बावजूद अपने अधिकारों के लिए डटे रहे।" उन्होंने केंद्र सरकार पर यह आरोप भी लगाया कि सरकार ने छात्रों को न्याय देने के बजाय एक बदनाम व्यवस्था के बचाव का रास्ता चुना। उनके अनुसार, यह इस्तीफा केंद्र के लिए एक बड़ा राजनीतिक झटका है।
NTA सुधार की माँग
विजयन ने जोर देकर कहा कि केवल शिक्षा मंत्री के इस्तीफे से समस्या का समाधान नहीं होगा। उन्होंने NTA में बुनियादी स्तर पर पुनर्गठन और सुधार की माँग की। उनके अनुसार परीक्षा व्यवस्था में पारदर्शिता, जवाबदेही और विश्वसनीयता सुनिश्चित करना अनिवार्य है, ताकि छात्रों का संस्थाओं पर भरोसा पुनः स्थापित हो सके।
राष्ट्रीय शिक्षा नीति पर आपत्ति
विजयन ने इस अवसर पर राष्ट्रीय शिक्षा नीति (NEP) को लेकर भी अपनी आपत्ति दोहराई। उनका कहना है कि मौजूदा नीति सत्ता के केंद्रीकरण को बढ़ावा देती है और राज्यों के संवैधानिक अधिकारों को कमज़ोर करती है। उन्होंने भारत के लिए ऐसी शिक्षा व्यवस्था की आवश्यकता बताई जो देश के संघीय ढाँचे के अनुरूप हो।
छात्रों और आंदोलनकारियों को सम्मान
विजयन ने अपने संदेश में उन तमाम छात्रों, संगठनों और आम नागरिकों को सम्मान दिया जिन्होंने इस आंदोलन में भाग लिया। उन्होंने कहा कि इन लोगों ने हिम्मत और अटूट विश्वास के साथ लड़ाई जारी रखी। गौरतलब है कि शिक्षा व्यवस्था और परीक्षा प्रक्रिया से जुड़ी खामियों को लेकर देश के विभिन्न हिस्सों में छात्र विरोध प्रदर्शन कर रहे थे।
आगे क्या होगा
विपक्षी दलों के नेताओं ने धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे को छात्र आंदोलन की सफलता बताया है, जबकि कुछ नेताओं ने इसे नैतिक जिम्मेदारी का कदम माना है। विजयन ने स्पष्ट किया कि शिक्षा व्यवस्था से जुड़े मुद्दों पर संघर्ष आगे भी जारी रहेगा। अब सबकी नज़रें इस बात पर टिकी हैं कि केंद्र सरकार NTA के पुनर्गठन और परीक्षा सुधार पर क्या ठोस कदम उठाती है।