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NEET पेपर लीक: धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा नहीं तो कड़े कदम उठाएंगे — आशुतोष रांका

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NEET पेपर लीक: धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा नहीं तो कड़े कदम उठाएंगे — आशुतोष रांका

सारांश

NTA के 47 अधिकारियों को हटाना विरोधियों को नाकाफी लगा। आशुतोष रांका ने साफ कहा — जब तक धर्मेंद्र प्रधान इस्तीफा नहीं देते, बैठकों का कोई अर्थ नहीं। NEET पेपर लीक विवाद अब सीधे मंत्री की कुर्सी पर आ टिका है।

मुख्य बातें

सरकार ने NTA के 47 अधिकारियों को 25 जुलाई को हटाया।
प्रवक्ता आशुतोष रांका ने कहा — अधिकारियों की बर्खास्तगी से असली जवाबदेही तय नहीं होती; शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा ज़रूरी है।
कॉन्स्टिट्यूशन क्लब, नई दिल्ली में शुक्रवार को हुई बैठक में मुआवजे और कानूनी मामलों पर 'सैद्धांतिक सहमति' मिली।
जेपी नड्डा और जितेंद्र सिंह ने आंदोलनकारियों से मुलाकात की; शनिवार दोपहर अगली बैठक तय हुई।
रांका ने चेतावनी दी — इस्तीफा नहीं मिला तो 'कठोर निर्णय' लिए जाएंगे।

नई दिल्ली, 25 जुलाई को राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी (NTA) के 47 अधिकारियों को हटाए जाने के बाद विपक्षी दल के प्रवक्ता आशुतोष रांका ने केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की माँग दोहराते हुए चेतावनी दी कि यदि सरकार अपना रुख नहीं बदलती तो वे अगली रणनीति पर आगे बढ़ेंगे।

अधिकारियों की बर्खास्तगी पर सवाल

रांका ने मीडिया से बातचीत में कहा, 'अब हमें यह देखना होगा कि किन 47 अधिकारियों को बर्खास्त किया गया है और किस मकसद से यह कार्रवाई की गई है।' उन्होंने स्पष्ट किया कि महज अधिकारियों को हटाने से असली जवाबदेही तय नहीं होती। उनके अनुसार, NEET पेपर लीक और उसके बाद छात्रों द्वारा की गई आत्महत्याओं की नैतिक जिम्मेदारी सीधे शिक्षा मंत्री पर है।

इस्तीफे की माँग पर अड़े विरोधी

रांका ने सरकार के रवैये को 'पूरी तरह अड़ियल' बताते हुए कहा, 'जब पूरे देश को धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा चाहिए और आप कह रहे हैं कि वह इस्तीफा नहीं देंगे, तो यह तो सबसे आसान काम है — पहले यही कर लीजिए।' उन्होंने आगाह किया कि यदि सरकार यही रुख बनाए रखती है तो उन्हें 'कठोर निर्णय' लेने पड़ेंगे।

बैठक का हासिल और आगे की राह

रांका ने बताया कि शुक्रवार को नई दिल्ली स्थित कॉन्स्टिट्यूशन क्लब में हुई बैठक में मुआवजे और कानूनी मामलों पर 'सैद्धांतिक सहमति' मिली और लिखित समझौते की उम्मीद जताई गई। हालाँकि, उनकी प्रमुख माँग — शिक्षा मंत्री का इस्तीफा — पर कोई ठोस आश्वासन नहीं मिला। उन्होंने कहा, 'अगर धर्मेंद्र प्रधान इस्तीफा नहीं देने वाले हैं, तो ऐसी बैठकों का क्या अर्थ है?'

सरकार की प्रतिक्रिया

उक्त बैठक में सरकार की ओर से भारतीय जनता पार्टी (BJP) के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा और केंद्रीय राज्य मंत्री जितेंद्र सिंह उपस्थित रहे। बैठक के बाद नड्डा ने कहा, 'बैठक लगभग 2 घंटे तक चली। उनकी 3 मुख्य माँगें और परीक्षाओं के लिए 5 सुधार सुझाव थे। हमने उन्हें बताया कि शनिवार दोपहर फिर मिलकर सरकार के भीतर हुई चर्चा की जानकारी देंगे।'

आगे क्या होगा

NEET पेपर लीक विवाद अब राजनीतिक टकराव का केंद्र बन चुका है। आंदोलनकारियों ने स्पष्ट किया है कि लिखित समझौते और मंत्री के इस्तीफे के बिना वे आंदोलन जारी रखेंगे। सरकार की अगली प्रतिक्रिया और शनिवार की बैठक के नतीजे इस विवाद की दिशा तय करेंगे।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन यह उस राजनीतिक दबाव का जवाब नहीं है जो शिक्षा मंत्री की कुर्सी पर केंद्रित है। NEET पेपर लीक के बाद छात्रों की आत्महत्याओं का संदर्भ इस विवाद को महज नौकरशाही विफलता से ऊपर उठाता है — यह मंत्रिस्तरीय जवाबदेही का सवाल बन चुका है। सरकार की 'बैठक करते रहो, इस्तीफा नहीं' की रणनीति अल्पकाल में आंदोलन को थका सकती है, लेकिन दीर्घकाल में परीक्षा प्रणाली की विश्वसनीयता पर गहरा सवाल छोड़ती है।
RashtraPress
25 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

NTA के 47 अधिकारियों को क्यों हटाया गया?
सरकार ने NEET पेपर लीक विवाद के बाद राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी (NTA) के 47 अधिकारियों को 25 जुलाई को हटाया। यह कार्रवाई परीक्षा प्रणाली में जवाबदेही सुनिश्चित करने के उद्देश्य से की गई बताई जा रही है।
आशुतोष रांका धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा क्यों माँग रहे हैं?
रांका का कहना है कि NEET पेपर लीक और उसके बाद छात्रों द्वारा की गई आत्महत्याओं की नैतिक जिम्मेदारी सीधे शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान पर है। उनके अनुसार, केवल अधिकारियों को हटाने से मंत्रिस्तरीय जवाबदेही तय नहीं होती।
कॉन्स्टिट्यूशन क्लब की बैठक में क्या हुआ?
नई दिल्ली के कॉन्स्टिट्यूशन क्लब में शुक्रवार को लगभग 2 घंटे चली बैठक में जेपी नड्डा और जितेंद्र सिंह ने आंदोलनकारियों की 3 मुख्य माँगें और 5 परीक्षा सुधार सुझाव सुने। मुआवजे और कानूनी मामलों पर सैद्धांतिक सहमति बनी, लेकिन इस्तीफे पर कोई ठोस आश्वासन नहीं मिला।
NEET पेपर लीक विवाद में आगे क्या होगा?
शनिवार दोपहर सरकार और आंदोलनकारियों के बीच अगली बैठक तय है, जिसमें सरकार अपनी आधिकारिक स्थिति स्पष्ट करेगी। यदि धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे पर कोई फैसला नहीं हुआ, तो रांका ने 'कठोर निर्णय' लेने की चेतावनी दी है।
क्या सरकार ने NEET सुधारों पर कोई प्रतिबद्धता जताई है?
बैठक में मुआवजे और कानूनी मामलों पर सैद्धांतिक सहमति मिली और लिखित समझौते की उम्मीद जताई गई। हालाँकि, परीक्षा सुधारों के 5 सुझावों पर सरकार की औपचारिक प्रतिक्रिया शनिवार की बैठक में अपेक्षित है।
राष्ट्र प्रेस
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