धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे पर राहुल गांधी बोले — 'इस सरकार को हटाने का वक्त आ गया'
सारांश
मुख्य बातें
लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने 25 जुलाई को केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे को शिक्षा व्यवस्था की बहाली की दिशा में 'बहुत बड़ा कदम' करार दिया और साथ ही सरकार पर हमला बोलते हुए कहा कि अब इस सरकार को सत्ता से बाहर करने का वक्त आ गया है।
राहुल गांधी का एक्स पर बयान
राहुल गांधी ने एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर पोस्ट करते हुए लिखा, 'धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा शिक्षा व्यवस्था को फिर से संवारने की दिशा में बहुत बड़ा कदम है। शाबाश देशभर के छात्रों, आप सभी पर गर्व है। सड़कों पर आकर लोकतंत्र, संविधान और अपने भविष्य की रक्षा में डटकर खड़े होने वाले हर एक युवा, हर छात्र को बहुत-बहुत बधाई।' उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि अभी 2 मांगें शेष हैं — प्रधानमंत्री छात्रों से माफी माँगें और छात्रों पर हुई हिंसा के दोषियों पर कार्रवाई हो।
गांधी ने किसानों, मजदूरों और गरीबों का उल्लेख करते हुए कहा कि समाज के हर उस वर्ग को, जिसे इस सरकार ने दबाया है, संवैधानिक तरीके से अपने सम्मान के लिए खड़े होना चाहिए। उन्होंने पोस्ट का समापन इन शब्दों से किया — 'इस सरकार को हटाने का वक्त आ गया है।'
प्रियंका गांधी वाड्रा की प्रतिक्रिया
कांग्रेस सांसद प्रियंका गांधी वाड्रा ने इस घटनाक्रम पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए कहा कि भारत के युवाओं ने उन लोगों से अपना देश वापस लेना शुरू कर दिया है जिन्होंने उनकी आवाज़ दबाने की कोशिश की थी। उन्होंने कहा, 'आज वह दिन है जब एक अलोकतांत्रिक और दमनकारी सरकार को भारत की जनता की इच्छा के आगे झुकना पड़ा।' उन्होंने युवाओं को संबोधित करते हुए कहा कि वे इस देश की आत्मा हैं और उन्हें अपनी हिम्मत कभी न दबने देनी चाहिए।
अशोक गहलोत का तीखा हमला
कांग्रेस के वरिष्ठ नेता अशोक गहलोत ने एक्स पर पोस्ट करते हुए इस घटनाक्रम को 'लोकतंत्र की जीत और तानाशाही की हार' बताया। उन्होंने कहा कि पेपर लीक के खिलाफ राहुल गांधी और लाखों छात्रों के संघर्ष की आज जीत हुई है और भारी दबाव में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को अंततः शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा स्वीकार करना पड़ा। गहलोत ने यह भी कहा कि पीएम मोदी ने काफी समय तक उनका बचाव किया, लेकिन अंत में वे उन्हें बचा नहीं पाए।
उन्होंने छात्रों पर पैलेट गन के इस्तेमाल जैसी घटनाओं का उल्लेख करते हुए कहा कि यह इतिहास में दर्ज हो गया है। गहलोत ने चेतावनी दी कि युवाओं के भविष्य से खिलवाड़ करने वाली इस सरकार को जनता माफ नहीं करेगी और यह संघर्ष छात्रों को न्याय मिलने तक जारी रहेगा।
पृष्ठभूमि और संदर्भ
यह घटनाक्रम ऐसे समय में आया है जब देशभर में पेपर लीक और परीक्षा प्रणाली की पारदर्शिता को लेकर छात्रों का आंदोलन चल रहा था। गौरतलब है कि कांग्रेस समेत विपक्षी दलों ने लंबे समय से शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की माँग की थी। धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के बाद विपक्ष ने इसे जनआंदोलन की जीत के रूप में पेश किया है, हालांकि सरकार की ओर से अभी कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।
आगे देखना होगा कि सरकार शेष मांगों — प्रधानमंत्री की माफी और दोषियों पर कार्रवाई — पर क्या रुख अपनाती है, क्योंकि विपक्ष ने संकेत दिया है कि उसका दबाव जारी रहेगा।