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धर्मेंद्र प्रधान को हटाओ: राहुल गांधी ने मोदी के 'सुझाव' वाले वीडियो को नकारा, तीन मांगें दोहराईं

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धर्मेंद्र प्रधान को हटाओ: राहुल गांधी ने मोदी के 'सुझाव' वाले वीडियो को नकारा, तीन मांगें दोहराईं

सारांश

प्रधानमंत्री मोदी के 'सुझाव' वाले वीडियो के जवाब में राहुल गांधी ने साफ कहा — यह सुझावों का नहीं, जवाबदेही का सवाल है। शिक्षा मंत्री को हटाना, दोषियों को सजा और PM की माफी — ये तीन मांगें हैं जिन पर विपक्ष अड़ा है।

मुख्य बातें

राहुल गांधी ने 25 जुलाई को प्रेस कॉन्फ्रेंस में PM मोदी के छात्र-सुझाव वाले वीडियो को खारिज किया।
पहली मांग: शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान को पद से हटाया जाए — केवल मंत्रालय बदलना स्वीकार नहीं।
दूसरी मांग: छात्रों पर हिंसा करने वालों को जवाबदेह ठहराया जाए और सजा दी जाए ।
तीसरी मांग: प्रधानमंत्री छात्रों के साथ हुई घटनाओं पर सार्वजनिक माफी मांगें।
राहुल गांधी ने कहा — BJP कैबिनेट में प्रधान को दूसरे मंत्रालय भेजने की चर्चा है, लेकिन यह किसी को मंजूर नहीं।

लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने शनिवार, 25 जुलाई को प्रेस कॉन्फ्रेंस में स्पष्ट किया कि छात्रों की असली मांग शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान को पद से हटाने की है — न कि केवल सुझावों पर चर्चा की। यह बयान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के उस वीडियो संदेश के जवाब में आया, जिसमें उन्होंने छात्रों के 'सकारात्मक सुझावों' के लिए धन्यवाद दिया था।

मोदी के वीडियो पर राहुल का पलटवार

प्रधानमंत्री मोदी ने शुक्रवार रात जारी वीडियो संदेश में कहा था, 'कल देर रात आपसे मिलने का मौका मिला। मैंने जो वीडियो पोस्ट किया था, जिस पर आपने जिस प्रकार रिस्पॉन्स किया और सकारात्मक सुझाव दिए, सभी का धन्यवाद। आपका प्यार बना रहेगा। हमारा नाता और अधिक सक्रियता से जुड़ता रहेगा।'

इस पर राहुल गांधी ने तीखी प्रतिक्रिया देते हुए कहा, 'प्रधानमंत्री, जो रात-रात वीडियो बना रहे हैं। कल वीडियो बनाई और कहते हैं कि बहुत अच्छे सुझाव आए। सुझाव से कोई लेना देना नहीं है, बल्कि इनकी मांग धर्मेंद्र प्रधान को हटाने को लेकर है।' उन्होंने यह बात तीन छात्राओं की ओर इशारा करते हुए कही।

तीन मांगें जिन पर कोई समझौता नहीं

राहुल गांधी ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में छात्रों की तीन मांगें एक बार फिर सामने रखीं। उनके अनुसार, पहली मांग शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान को पद से हटाने की है। उन्होंने कहा, 'धर्मेंद्र प्रधान भ्रष्टाचार और भारत के बच्चों के भविष्य के साथ जो हुआ है, उसकी निशानी हैं। उन्हें हटाना ही होगा।'

दूसरी मांग के तहत राहुल गांधी ने कहा कि हजारों ऐसे छात्र हैं जिन्हें मारा, पीटा और धमकाया गया — उन लोगों को जवाबदेह ठहराया जाए और सजा दी जाए। तीसरी मांग यह है कि प्रधानमंत्री छात्रों और देश के भविष्य के साथ जो कुछ हुआ, उसके लिए सार्वजनिक माफी मांगें।

मंत्रालय बदलने का विकल्प अस्वीकार

राहुल गांधी ने यह भी कहा कि भाजपा (भारतीय जनता पार्टी) की कैबिनेट में चर्चा है कि धर्मेंद्र प्रधान को शिक्षा विभाग से हटाकर किसी अन्य मंत्रालय में भेज दिया जाए। उन्होंने इस विकल्प को सिरे से नकारते हुए कहा, 'यह किसी को भी मंजूर नहीं है।' गौरतलब है कि यह विवाद परीक्षा प्रणाली और शिक्षा नीति से जुड़े व्यापक छात्र असंतोष की पृष्ठभूमि में उभरा है।

राजनीतिक संदर्भ

यह ऐसे समय में आया है जब देशभर में छात्र आंदोलन की आवाज़ें तेज़ हो रही हैं और विपक्ष इस मुद्दे को संसद से सड़क तक ले जाने की कोशिश में है। आलोचकों का कहना है कि सरकार की ओर से वीडियो संदेश जारी करना एक संवाद की कोशिश है, लेकिन विपक्ष इसे ठोस कार्रवाई का विकल्प नहीं मानता। राहुल गांधी ने स्पष्ट किया कि इन तीन मांगों पर कोई समझौता नहीं होगा।

आगे देखना होगा कि केंद्र सरकार इन मांगों पर क्या रुख अपनाती है और क्या कैबिनेट स्तर पर कोई फेरबदल होता है।

संपादकीय दृष्टिकोण

जबकि विपक्ष 'जवाबदेही' की माँग पर टिका है। असली सवाल यह है कि क्या मंत्रालय फेरबदल जैसे प्रशासनिक कदम से छात्रों का गुस्सा शांत होगा, या यह विवाद संसद के अगले सत्र तक और गहरा होगा। विपक्ष की तीन-सूत्री मांगें राजनीतिक रूप से स्पष्ट हैं, लेकिन सरकार की ओर से अभी तक कोई ठोस प्रतिक्रिया नहीं आई है — यह चुप्पी खुद एक बयान है।
RashtraPress
25 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

राहुल गांधी ने धर्मेंद्र प्रधान को हटाने की मांग क्यों की?
राहुल गांधी का कहना है कि धर्मेंद्र प्रधान भ्रष्टाचार और छात्रों के भविष्य के साथ हुई घटनाओं के प्रतीक हैं, इसलिए उन्हें शिक्षा मंत्री पद से हटाना अनिवार्य है। केवल मंत्रालय बदलना उन्हें और छात्रों को स्वीकार नहीं।
PM मोदी के वीडियो संदेश में क्या कहा गया था?
प्रधानमंत्री मोदी ने शुक्रवार रात जारी वीडियो में छात्रों के 'सकारात्मक सुझावों' के लिए धन्यवाद दिया और कहा कि उनका नाता और अधिक सक्रियता से जुड़ता रहेगा। राहुल गांधी ने इस संदेश को अपर्याप्त बताते हुए कहा कि सुझावों से नहीं, जवाबदेही से मतलब है।
राहुल गांधी की तीन मांगें क्या हैं?
पहली — शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान को पद से हटाया जाए। दूसरी — छात्रों पर हिंसा करने वालों को जवाबदेह ठहराया जाए और सजा दी जाए। तीसरी — प्रधानमंत्री छात्रों के साथ हुई घटनाओं पर सार्वजनिक माफी मांगें।
क्या BJP कैबिनेट में धर्मेंद्र प्रधान का मंत्रालय बदलने पर विचार हो रहा है?
राहुल गांधी ने दावा किया कि BJP कैबिनेट में धर्मेंद्र प्रधान को शिक्षा विभाग से किसी अन्य मंत्रालय में भेजने की चर्चा है। उन्होंने स्पष्ट किया कि यह विकल्प किसी को भी मंजूर नहीं — पूर्ण बर्खास्तगी ही एकमात्र स्वीकार्य कदम है।
यह विवाद किस व्यापक मुद्दे से जुड़ा है?
यह विवाद परीक्षा प्रणाली और शिक्षा नीति से जुड़े छात्र असंतोष की पृष्ठभूमि में उभरा है। विपक्ष इसे संसद से सड़क तक ले जाने की कोशिश में है, जबकि सरकार वीडियो संदेशों के ज़रिए संवाद का संकेत दे रही है।
राष्ट्र प्रेस
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