धर्मेंद्र प्रधान का राहुल गांधी पर हमला: 'झूठ फैलाकर घड़ियाली आंसू बहाना है'
सारांश
मुख्य बातें
भारतीय जनता पार्टी (BJP) के सांसद और पूर्व केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने 11 अगस्त को कांग्रेस नेता राहुल गांधी पर तीखा हमला बोला, उन पर छात्र हितों के मुद्दे पर झूठ फैलाने और संसद की कार्यवाही बाधित करने का आरोप लगाया। प्रधान ने एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर पोस्ट कर कांग्रेस के रवैये को 'राजनीतिक हताशा' करार दिया।
एक्स पर क्या लिखा प्रधान ने
प्रधान ने अपनी पोस्ट में लिखा, 'छात्रों के हितों को लेकर कांग्रेस लगातार झूठ फैला रही है। राहुल गांधी के पास तथ्य नहीं है। आदतन झूठ बोलने वाले नेता प्रतिपक्ष को न संसद में आना है और न जवाब सुनना है। इन्हें तो बस अपना झूठ फैलाकर घड़ियाली आंसू बहाना है।'
उन्होंने आगे लिखा कि गृह मंत्री अमित शाह पर 'बेवजह बिना किसी तथ्य के झूठे आरोप लगाना' कांग्रेस की राजनीतिक हताशा को दर्शाता है। प्रधान ने कहा कि सरकार हर मुद्दे पर संसद में चर्चा के लिए तैयार है, लेकिन कांग्रेस 'लोकतंत्र के मंदिर' को बाधित कर देश और युवाओं के हितों को नुकसान पहुँचा रही है।
झारखंड और 'दोहरे चरित्र' पर निशाना
प्रधान ने कांग्रेस पर 'सेलेक्टिव लोकतंत्र' का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि जहाँ कांग्रेस की सरकार है, वहाँ युवाओं पर हिंसा होती है, और जहाँ राजनीति चमकानी हो, वहाँ झूठ और हंगामा किया जाता है। उन्होंने झारखंड में छात्रों के साथ हुई 'बर्बरता' का उल्लेख करते हुए सवाल उठाया कि हर मुद्दे पर प्रेस कॉन्फ्रेंस करने वाले राहुल गांधी इस पर चुप क्यों हैं।
प्रधान ने कहा, 'देश का युवा कांग्रेस के इस दोहरे चरित्र को अच्छी तरह समझ चुका है। लोकतंत्र में तानाशाही के लिए कोई जगह नहीं — यह राहुल गांधी और आपातकाल वाली सोच से चलने वाली कांग्रेस पार्टी को अच्छी तरह समझ लेना चाहिए।'
संबलपुर में जेन-जी पर दिया था बयान
गौरतलब है कि इससे पहले 9 अगस्त को प्रधान ने संबलपुर के गंगाधर मेहर विश्वविद्यालय में एक कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा था कि कुछ लोगों ने देश के जेन-जी को गुमराह करने की कोशिश की। उन्होंने कहा था कि देश के करीब 20 करोड़ जेन-जी ही वह शक्ति हैं जो भारत को 'विश्वगुरु' बनाने में सहायक होंगे।
राजनीतिक संदर्भ
यह टकराव ऐसे समय में सामने आया है जब संसद के मानसून सत्र में विपक्ष और सत्तापक्ष के बीच शिक्षा नीति, छात्र आंदोलन और कानून-व्यवस्था जैसे मुद्दों पर तनाव चरम पर है। कांग्रेस की ओर से अभी तक प्रधान के इन आरोपों पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं आई है। आने वाले दिनों में संसद में इस मुद्दे पर और तीखी बहस की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता।