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धर्मेंद्र प्रधान का राहुल गांधी पर हमला: 'झूठ फैलाकर घड़ियाली आंसू बहाना है'

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धर्मेंद्र प्रधान का राहुल गांधी पर हमला: 'झूठ फैलाकर घड़ियाली आंसू बहाना है'

सारांश

पूर्व शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने राहुल गांधी पर एक्स के ज़रिए सीधा हमला बोला — कांग्रेस पर छात्र हितों की आड़ में झूठ फैलाने, संसद बाधित करने और झारखंड हिंसा पर चुप्पी साधने का आरोप लगाया। यह बयान मानसून सत्र में दोनों दलों के बीच बढ़ते टकराव की नई कड़ी है।

मुख्य बातें

धर्मेंद्र प्रधान ने 11 अगस्त को एक्स पर पोस्ट कर राहुल गांधी पर छात्र हितों के नाम पर झूठ फैलाने का आरोप लगाया।
प्रधान ने कहा कि गृह मंत्री अमित शाह पर बिना तथ्य के आरोप लगाना कांग्रेस की 'राजनीतिक हताशा' दर्शाता है।
उन्होंने झारखंड में छात्रों पर हुई कथित बर्बरता पर राहुल गांधी की चुप्पी को 'दोहरा चरित्र' बताया।
9 अगस्त को संबलपुर के गंगाधर मेहर विश्वविद्यालय में प्रधान ने कहा था कि देश के 20 करोड़ जेन-जी भारत को 'विश्वगुरु' बनाएंगे।
कांग्रेस की ओर से इन आरोपों पर अभी तक कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं आई है।

भारतीय जनता पार्टी (BJP) के सांसद और पूर्व केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने 11 अगस्त को कांग्रेस नेता राहुल गांधी पर तीखा हमला बोला, उन पर छात्र हितों के मुद्दे पर झूठ फैलाने और संसद की कार्यवाही बाधित करने का आरोप लगाया। प्रधान ने एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर पोस्ट कर कांग्रेस के रवैये को 'राजनीतिक हताशा' करार दिया।

एक्स पर क्या लिखा प्रधान ने

प्रधान ने अपनी पोस्ट में लिखा, 'छात्रों के हितों को लेकर कांग्रेस लगातार झूठ फैला रही है। राहुल गांधी के पास तथ्य नहीं है। आदतन झूठ बोलने वाले नेता प्रतिपक्ष को न संसद में आना है और न जवाब सुनना है। इन्हें तो बस अपना झूठ फैलाकर घड़ियाली आंसू बहाना है।'

उन्होंने आगे लिखा कि गृह मंत्री अमित शाह पर 'बेवजह बिना किसी तथ्य के झूठे आरोप लगाना' कांग्रेस की राजनीतिक हताशा को दर्शाता है। प्रधान ने कहा कि सरकार हर मुद्दे पर संसद में चर्चा के लिए तैयार है, लेकिन कांग्रेस 'लोकतंत्र के मंदिर' को बाधित कर देश और युवाओं के हितों को नुकसान पहुँचा रही है।

झारखंड और 'दोहरे चरित्र' पर निशाना

प्रधान ने कांग्रेस पर 'सेलेक्टिव लोकतंत्र' का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि जहाँ कांग्रेस की सरकार है, वहाँ युवाओं पर हिंसा होती है, और जहाँ राजनीति चमकानी हो, वहाँ झूठ और हंगामा किया जाता है। उन्होंने झारखंड में छात्रों के साथ हुई 'बर्बरता' का उल्लेख करते हुए सवाल उठाया कि हर मुद्दे पर प्रेस कॉन्फ्रेंस करने वाले राहुल गांधी इस पर चुप क्यों हैं।

प्रधान ने कहा, 'देश का युवा कांग्रेस के इस दोहरे चरित्र को अच्छी तरह समझ चुका है। लोकतंत्र में तानाशाही के लिए कोई जगह नहीं — यह राहुल गांधी और आपातकाल वाली सोच से चलने वाली कांग्रेस पार्टी को अच्छी तरह समझ लेना चाहिए।'

संबलपुर में जेन-जी पर दिया था बयान

गौरतलब है कि इससे पहले 9 अगस्त को प्रधान ने संबलपुर के गंगाधर मेहर विश्वविद्यालय में एक कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा था कि कुछ लोगों ने देश के जेन-जी को गुमराह करने की कोशिश की। उन्होंने कहा था कि देश के करीब 20 करोड़ जेन-जी ही वह शक्ति हैं जो भारत को 'विश्वगुरु' बनाने में सहायक होंगे।

राजनीतिक संदर्भ

यह टकराव ऐसे समय में सामने आया है जब संसद के मानसून सत्र में विपक्ष और सत्तापक्ष के बीच शिक्षा नीति, छात्र आंदोलन और कानून-व्यवस्था जैसे मुद्दों पर तनाव चरम पर है। कांग्रेस की ओर से अभी तक प्रधान के इन आरोपों पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं आई है। आने वाले दिनों में संसद में इस मुद्दे पर और तीखी बहस की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता।

संपादकीय दृष्टिकोण

बल्कि BJP की उस रणनीति का हिस्सा है जो विपक्ष को 'संसद बाधक' के रूप में स्थापित करना चाहती है — खासकर तब, जब मानसून सत्र में छात्र आंदोलन और कानून-व्यवस्था के मुद्दे राजनीतिक रूप से संवेदनशील हो चुके हैं। झारखंड का संदर्भ जोड़कर प्रधान ने कांग्रेस-शासित राज्यों की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाने की कोशिश की है, जो आगामी राज्य चुनावों की दृष्टि से भी महत्वपूर्ण है। हालाँकि, आलोचकों का कहना है कि सत्तापक्ष भी संसद में सार्थक बहस से बचने के लिए 'बाधा' का नैरेटिव इस्तेमाल करता है। असली परीक्षा यह है कि क्या दोनों पक्ष छात्र हितों पर ठोस नीतिगत बहस करने को तैयार हैं, या यह टकराव केवल सोशल मीडिया तक सीमित रहेगा।
RashtraPress
11 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

धर्मेंद्र प्रधान ने राहुल गांधी पर क्या आरोप लगाए?
प्रधान ने राहुल गांधी पर छात्र हितों के नाम पर झूठ फैलाने, संसद में जवाब सुनने से बचने और 'घड़ियाली आंसू' बहाने का आरोप लगाया। उन्होंने यह भी कहा कि गृह मंत्री अमित शाह पर बिना तथ्य के आरोप लगाना कांग्रेस की राजनीतिक हताशा को दर्शाता है।
प्रधान ने झारखंड का ज़िक्र क्यों किया?
प्रधान ने झारखंड में छात्रों के साथ हुई कथित बर्बरता का उल्लेख करते हुए राहुल गांधी की चुप्पी पर सवाल उठाया। उनका तर्क था कि कांग्रेस का लोकतंत्र 'सेलेक्टिव' है — जहाँ उनकी सरकार हो, वहाँ युवाओं पर हिंसा को नज़रअंदाज़ किया जाता है।
धर्मेंद्र प्रधान ने जेन-जी को लेकर क्या कहा था?
9 अगस्त को संबलपुर के गंगाधर मेहर विश्वविद्यालय में प्रधान ने कहा था कि देश के करीब 20 करोड़ जेन-जी वह शक्ति हैं जो भारत को 'विश्वगुरु' बनाने में मदद करेंगे। उन्होंने यह भी कहा था कि कुछ लोगों ने इस पीढ़ी को गुमराह करने की कोशिश की।
कांग्रेस ने प्रधान के आरोपों पर क्या कहा?
प्रधान के इन आरोपों पर कांग्रेस की ओर से अभी तक कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं आई है। यह विवाद मानसून सत्र में दोनों दलों के बीच बढ़ते राजनीतिक तनाव की पृष्ठभूमि में सामने आया है।
यह विवाद किस बड़े राजनीतिक संदर्भ में है?
यह टकराव संसद के मानसून सत्र के दौरान उभरा है, जब शिक्षा नीति, छात्र आंदोलन और कानून-व्यवस्था जैसे मुद्दों पर सत्तापक्ष और विपक्ष के बीच तनाव चरम पर है। BJP विपक्ष को 'संसद बाधक' के रूप में स्थापित करने की कोशिश कर रही है, जबकि कांग्रेस सरकार पर जवाबदेही से बचने का आरोप लगाती रही है।
राष्ट्र प्रेस
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