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NCTF 2026: सहकारी क्षेत्र की क्षमता निर्माण के लिए राष्ट्रीय परामर्श बैठक, गुणवत्ता प्रशिक्षण पर जोर

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NCTF 2026: सहकारी क्षेत्र की क्षमता निर्माण के लिए राष्ट्रीय परामर्श बैठक, गुणवत्ता प्रशिक्षण पर जोर

सारांश

सहकारी क्षेत्र में प्रशिक्षण की गुणवत्ता सुधारने के लिए NCTF 2026 पर राष्ट्रीय परामर्श बैठक नई दिल्ली में हुई। यह प्रक्रिया की पहली राष्ट्रीय बैठक है — इसके बाद देशभर में पाँच क्षेत्रीय बैठकें होंगी।

मुख्य बातें

सहकारिता राज्य मंत्री कृष्ण पाल गुर्जर ने 25 सितंबर 2026 को NCTF 2026 पर राष्ट्रीय परामर्श बैठक का उद्घाटन किया।
बैठक अटल अक्षय ऊर्जा भवन, नई दिल्ली में 'त्रिभुवन' सहकारी विश्वविद्यालय (TSU) और सहकारिता मंत्रालय के सहयोग से आयोजित हुई।
मंत्री गुर्जर ने प्रशिक्षण कार्यक्रमों की संख्या नहीं, गुणवत्ता और परिणामों को प्राथमिकता देने पर जोर दिया।
यह NCTF प्रक्रिया की पहली राष्ट्रीय परामर्श बैठक है; इसके बाद पाँच क्षेत्रीय बैठकें उत्तर, दक्षिण, पूर्व, पश्चिम और पूर्वोत्तर भारत में होंगी।
सिंह ने विभिन्न राज्यों की जरूरतों के अनुरूप साझा प्रशिक्षण ढाँचे की आवश्यकता बताई।

सहकारिता राज्य मंत्री कृष्ण पाल गुर्जर ने 25 सितंबर 2026 को नई दिल्ली के अटल अक्षय ऊर्जा भवन में राष्ट्रीय सहकारी प्रशिक्षण रूपरेखा (NCTF 2026) पर आयोजित राष्ट्रीय परामर्श बैठक का उद्घाटन किया। यह बैठक प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 'सहकार से समृद्धि' के विजन और केंद्रीय सहकारिता मंत्री अमित शाह के नेतृत्व में सहकारी तंत्र को सुदृढ़ और पेशेवर बनाने की दिशा में एक ठोस कदम है।

बैठक का उद्देश्य और आयोजन

'त्रिभुवन' सहकारी विश्वविद्यालय (TSU) ने सहकारिता मंत्रालय, भारत सरकार के सहयोग से यह परामर्श बैठक आयोजित की। बैठक में कौशल विकास एवं उद्यमिता मंत्रालय के वरिष्ठ अधिकारी, राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के प्रतिनिधि, राष्ट्रीय स्तर के सहकारी महासंघ, राज्य सहकारी संघ, सहकारी प्रशिक्षण संस्थान, क्षेत्रीय विकास संगठन और विश्वविद्यालयों के प्रतिनिधि शामिल हुए। यह NCTF प्रक्रिया के अंतर्गत प्रस्तावित दो राष्ट्रीय स्तर की परामर्श बैठकों में से पहली है।

गुणवत्ता और परिणाम पर जोर

बैठक को संबोधित करते हुए सहकारिता राज्य मंत्री कृष्ण पाल गुर्जर ने स्पष्ट किया कि सहकारी प्रशिक्षण का ध्यान केवल कार्यक्रमों की संख्या बढ़ाने पर नहीं, बल्कि गुणवत्ता और परिणामों पर केंद्रित होना चाहिए। उन्होंने इस बात पर विशेष जोर दिया कि प्रशिक्षण संबंधी हस्तक्षेपों से संस्थागत क्षमताएं अधिक मजबूत हों, पेशेवर दक्षताओं में सुधार आए और सहकारी संस्थाओं तथा उनके सदस्यों के लिए बेहतर परिणाम सुनिश्चित किए जाएं।

विश्वविद्यालय की भूमिका और साझा ढाँचे की आवश्यकता

'त्रिभुवन' सहकारी विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. (डॉ.) एस.पी. सिंह ने 'सहकार से समृद्धि' के विजन को साकार करने में NCTF की भूमिका को रेखांकित किया। उन्होंने कहा कि सहकारी प्रशिक्षण और क्षमता निर्माण से जुड़ी संस्थाओं को एक साझा और भविष्य की आवश्यकताओं के अनुरूप ढाँचे के माध्यम से एकजुट करना ज़रूरी है। यह ढाँचा अधिक समन्वय, गुणवत्ता, प्रासंगिकता, पहुँच और निरंतरता सुनिश्चित करे तथा विभिन्न राज्यों एवं क्षेत्रों की विविध जरूरतों के प्रति उत्तरदायी भी बना रहे।

आगे की प्रक्रिया

इस राष्ट्रीय परामर्श बैठक के बाद NCTF प्रक्रिया के तहत पाँच क्षेत्रीय स्तर की परामर्श बैठकें आयोजित की जाएंगी, जो उत्तर, दक्षिण, पूर्व, पश्चिम और पूर्वोत्तर भारत को कवर करेंगी। इसके उपरांत दूसरी राष्ट्रीय परामर्श बैठक भी प्रस्तावित है। यह ऐसे समय में आया है जब केंद्र सरकार देशभर में सहकारी संस्थाओं को आधुनिक प्रबंधन और डिजिटल दक्षता से लैस करने पर जोर दे रही है।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन NCTF 2026 की यह प्रक्रिया तभी सार्थक होगी जब क्षेत्रीय विविधताओं को सचमुच ढाँचे में समाहित किया जाए। गौरतलब है कि देश में सहकारी संस्थाओं की संख्या लाखों में है, फिर भी प्रशिक्षण संस्थानों की पहुँच और गुणवत्ता में भारी असमानता बनी हुई है। पाँच क्षेत्रीय परामर्श बैठकों की योजना सही दिशा में है, लेकिन असली कसौटी यह होगी कि इन सुझावों का अंतिम ढाँचे में कितना प्रतिबिंब होता है। केवल संख्या नहीं, बल्कि जमीनी परिणाम — यही 'सहकार से समृद्धि' को वास्तविक बनाएगा।
RashtraPress
25 सितंबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

इस परामर्श बैठक में कौन-कौन शामिल हुए?
बैठक में सहकारिता मंत्रालय और कौशल विकास एवं उद्यमिता मंत्रालय के वरिष्ठ अधिकारी, राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के प्रतिनिधि, राष्ट्रीय सहकारी महासंघ, राज्य सहकारी संघ, सहकारी प्रशिक्षण संस्थान, विश्वविद्यालय और क्षेत्रीय विकास संगठनों के प्रतिनिधि उपस्थित थे।
आगे क्षेत्रीय बैठकें कहाँ-कहाँ होंगी?
NCTF प्रक्रिया के तहत पाँच क्षेत्रीय परामर्श बैठकें उत्तर, दक्षिण, पूर्व, पश्चिम और पूर्वोत्तर भारत को कवर करते हुए आयोजित की जाएंगी। इसके बाद एक और राष्ट्रीय स्तर की परामर्श बैठक भी प्रस्तावित है।
'सहकार से समृद्धि' विजन से NCTF का क्या संबंध है?
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का 'सहकार से समृद्धि' विजन सहकारी संस्थाओं को देश की आर्थिक प्रगति का मुख्य आधार बनाने की परिकल्पना करता है। NCTF 2026 इस विजन को जमीनी स्तर पर साकार करने के लिए सहकारी कर्मियों को प्रशिक्षित और सक्षम बनाने का साधन है।
इस बैठक में गुणवत्ता पर क्यों जोर दिया गया?
सहकारिता राज्य मंत्री कृष्ण पाल गुर्जर ने स्पष्ट किया कि प्रशिक्षण कार्यक्रमों की मात्र संख्या बढ़ाने से संस्थागत सुधार नहीं होगा। असली लक्ष्य यह है कि प्रशिक्षण से पेशेवर दक्षता में सुधार आए और सहकारी संस्थाओं के सदस्यों को मापनीय फायदा मिले।
राष्ट्र प्रेस
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