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क्या अमित शाह राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के सहकारिता मंत्रियों की 'मंथन बैठक' की अध्यक्षता करेंगे?

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क्या अमित शाह राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के सहकारिता मंत्रियों की 'मंथन बैठक' की अध्यक्षता करेंगे?

सारांश

नई दिल्ली में आयोजित 'मंथन बैठक' में अमित शाह सहकारिता मंत्रियों की प्रगति की समीक्षा करेंगे। यह बैठक सहकारी क्षेत्र को सशक्त बनाने और कृषि एवं डेयरी क्षेत्रों में नई समितियों की स्थापना पर केंद्रित है। जानें इस बैठक का महत्व और इसके उद्देश्य क्या हैं।

मुख्य बातें

केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह की अध्यक्षता में बैठक।
सहकारी क्षेत्र की प्रगति की समीक्षा।
नई बहुउद्देशीय प्राथमिक कृषि ऋण समितियों की स्थापना।
डेयरी और मत्स्य पालन में सहकारी समितियों का विकास।
सहकारी संघवाद को बढ़ावा देना।

नई दिल्ली, 30 जून (राष्ट्र प्रेस)। केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह सोमवार को नई दिल्ली के भारत मंडपम में सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के सहकारिता मंत्रियों की 'मंथन बैठक' की अध्यक्षता करेंगे।

सहकारिता मंत्रालय द्वारा आयोजित इस उच्च स्तरीय बैठक में कार्य प्रगति की समीक्षा की जाएगी और पूरे भारत में सहकारी क्षेत्र को सशक्त बनाने की योजना बनाई जाएगी। बैठक में सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के सहकारिता मंत्री, अतिरिक्त मुख्य सचिव, प्रधान सचिव और सहकारिता विभाग के सचिव उपस्थित रहेंगे।

इसका मुख्य लक्ष्य प्रमुख योजनाओं के कार्यान्वयन की समीक्षा करना, सर्वोत्तम प्रथाओं को साझा करना और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 'सहकार से समृद्धि' के दृष्टिकोण को बढ़ावा देना है।

बैठक का मुख्य ध्यान दो लाख नई बहुउद्देशीय प्राथमिक कृषि ऋण समितियों (पीएसीएस) की स्थापना और डेयरी एवं मत्स्य पालन क्षेत्र में सहकारी समितियों की स्थापना पर होगा। इन प्रयासों का उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्रों में सेवा पहुंचाना और किसानों, मछुआरों और स्थानीय उद्यमियों को सशक्त बनाना है।

बैठक में सहकारी क्षेत्र में विश्व की सबसे बड़ी अनाज भंडारण योजना की प्रगति की समीक्षा की जाएगी, जिससे देश में कृषि बुनियादी ढांचे और खाद्य सुरक्षा को बढ़ावा मिलेगा।

इसके अलावा, तीन नवगठित राष्ट्रीय बहु-राज्य सहकारी समितियों, राष्ट्रीय सहकारी निर्यात लिमिटेड (एनसीईएल), राष्ट्रीय सहकारी जैविक लिमिटेड (एनसीओएल) और भारतीय बीज सहकारी समिति लिमिटेड (बीबीएसएसएल) को समर्थन देने में राज्यों की भूमिका पर चर्चा की जाएगी।

सहकारिता मंत्रालय द्वारा जारी प्रेस विज्ञप्ति में बताया गया, "राज्य, 'सहकारिता के बीच सहयोग' अभियान और 'अंतर्राष्ट्रीय सहकारिता वर्ष 2025' के तहत अपनी प्रगति और व्यापक सहभागिता की अपेक्षाएं प्रस्तुत करेंगे।"

"यह 'मंथन बैठक' सहकारी संघवाद की भावना के साथ केंद्र और राज्यों के बीच घनिष्ठ सहयोग के माध्यम से राज्य स्तरीय सहकारी समितियों को मजबूत आर्थिक संस्थाओं में परिवर्तित करने में राज्यों/केंद्र शासित प्रदेशों की महत्वपूर्ण भूमिका को उजागर करने में उत्प्रेरक का कार्य करेगी।"

संपादकीय दृष्टिकोण

यह बैठक सहकारिता के महत्व को उजागर करती है। केंद्र और राज्यों का सहयोग कृषि और ग्रामीण विकास के लिए जरूरी है। यह पहल न केवल किसानों को सशक्त बनाएगी, बल्कि खाद्य सुरक्षा और कृषि बुनियादी ढांचे को भी मजबूत करेगी।
RashtraPress
15 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

इस बैठक का मुख्य उद्देश्य क्या है?
बैठक का मुख्य उद्देश्य सहकारी क्षेत्र की प्रगति की समीक्षा करना और नई योजनाओं की स्थापना पर चर्चा करना है।
कौन-कौन से मंत्री इस बैठक में शामिल होंगे?
बैठक में सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के सहकारिता मंत्री, अतिरिक्त मुख्य सचिव और सहकारिता विभाग के सचिव शामिल होंगे।
राष्ट्र प्रेस
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