एनसीडब्ल्यू का 'शक्ति संवाद' श्रीनगर में: 20 राज्यों के महिला आयोगों के बीच समन्वय पर मंथन

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एनसीडब्ल्यू का 'शक्ति संवाद' श्रीनगर में: 20 राज्यों के महिला आयोगों के बीच समन्वय पर मंथन

सारांश

राष्ट्रीय महिला आयोग का 'शक्ति संवाद' इस बार श्रीनगर में — 20 राज्यों के आयोगों को एक मंच पर लाकर संस्थागत समन्वय और जवाबदेही की नई नींव रखने की कोशिश। एनसीडब्ल्यू प्रमुख विजया राहटकर का संदेश साफ था: शिकायत निवारण से आगे बढ़कर विश्वास और न्याय का केंद्र बनना होगा।

मुख्य बातें

राष्ट्रीय महिला आयोग (एनसीडब्ल्यू) ने 17 मई 2026 को श्रीनगर में दो दिवसीय 'शक्ति संवाद' कार्यक्रम आयोजित किया।
20 राज्यों के महिला आयोगों की अध्यक्षों, सदस्यों और सदस्य सचिवों ने भाग लिया।
एनसीडब्ल्यू अध्यक्ष विजया राहटकर ने जवाबदेह इकोसिस्टम निर्माण और महिला आयोगों को विश्वास व न्याय के केंद्र बनाने पर जोर दिया।
केंद्रीय राज्य मंत्री जितेंद्र सिंह ने जम्मू-कश्मीर की महिलाओं की शिक्षा, सिविल सेवाओं और नवाचार में भूमिका को रेखांकित किया।
कार्यस्थल गरिमा, बदलते कानूनी ढाँचे और संस्थागत प्रतिक्रिया तंत्र पर विशेषज्ञों ने सुझाव साझा किए।

राष्ट्रीय महिला आयोग (एनसीडब्ल्यू) ने 17 मई 2026 को श्रीनगर में दो दिवसीय 'शक्ति संवाद' कार्यक्रम का आयोजन किया, जिसमें 20 राज्यों के महिला आयोगों की अध्यक्षों, सदस्यों और सदस्य सचिवों ने सक्रिय भागीदारी की। इस सम्मेलन का केंद्रीय उद्देश्य संस्थागत समन्वय को सुदृढ़ करना, क्षमता निर्माण को गति देना और महिला सशक्तिकरण के लिए नीतिगत संवाद को व्यापक बनाना था।

कार्यक्रम का उद्देश्य और फोकस

'शक्ति संवाद' केवल एक नियमित बैठक नहीं, बल्कि देशभर के महिला आयोगों को एक साझा मंच पर लाने का प्रयास था। कार्यक्रम में बदलते कानूनी ढाँचों, कार्यस्थल पर गरिमा और संस्थागत प्रतिक्रियाओं जैसे विषयों पर विशेषज्ञों और प्रतिभागियों ने विचार-विमर्श किया। यह ऐसे समय में आया है जब महिलाओं के विरुद्ध अपराधों और कार्यस्थल उत्पीड़न की शिकायतों में राष्ट्रीय स्तर पर वृद्धि दर्ज की जा रही है।

एनसीडब्ल्यू प्रमुख का संबोधन

एनसीडब्ल्यू की अध्यक्ष विजया राहटकर ने उद्घाटन सत्र को संबोधित करते हुए कहा कि आज न केवल योजनाएं और नीतियां बनाने की आवश्यकता है, बल्कि एक जवाबदेह इकोसिस्टम बनाने की भी जरूरत है — एक ऐसा परिवेश जहाँ एनसीडब्ल्यू केवल शिकायत निवारण का मंच न बनकर विश्वास, न्याय और समर्थन का केंद्र बन जाए।

राहटकर ने आगे कहा कि 'शक्ति संवाद' केवल एक कार्यक्रम नहीं है, बल्कि यह भारत की नारी शक्ति के सामूहिक संकल्प का एक जीवंत प्रतीक है — वह मंच जहाँ विचार मिलते हैं, अनुभव जुड़ते हैं और संकल्प शक्ति में बदल जाते हैं। उन्होंने रेखांकित किया कि महिलाएं शासन, न्यायपालिका, विज्ञान, मीडिया और सार्वजनिक जीवन में उल्लेखनीय योगदान दे रही हैं, फिर भी उनकी सुरक्षा, गरिमा और समान अवसर सुनिश्चित करना सामूहिक जिम्मेदारी बनी हुई है।

मुख्य अतिथि की बात

केंद्रीय राज्य मंत्री जितेंद्र सिंह कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। उन्होंने कहा कि जम्मू-कश्मीर की महिलाएं प्रगति और नेतृत्व की एक मजबूत शक्ति के रूप में उभर रही हैं और हमारी बेटियाँ शिक्षा, सिविल सेवाओं और नवाचार में उत्कृष्ट प्रदर्शन कर रही हैं। सिंह ने विज्ञान और प्रौद्योगिकी को सामाजिक परिवर्तन के सशक्त माध्यम बताते हुए कहा कि ये शिक्षा, स्वास्थ्य सेवा, उद्यमिता और डिजिटल अवसरों तक महिलाओं की पहुँच बढ़ाने में निर्णायक भूमिका निभा सकते हैं।

विशेषज्ञों की भागीदारी और सुझाव

गौरतलब है कि इस सम्मेलन में विशेषज्ञों और प्रतिभागियों ने महिलाओं को प्रभावित करने वाली उभरती चुनौतियों पर केंद्रित सत्रों में अपने सुझाव साझा किए। कार्यस्थल पर गरिमा, बदलते कानूनी ढाँचे और संस्थागत प्रतिक्रिया तंत्र को मजबूत करने पर विशेष चर्चा हुई। आयोगों के बीच इस प्रकार का संवाद भविष्य में नीति-निर्माण को अधिक समावेशी और प्रभावशाली बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।

संपादकीय दृष्टिकोण

निवारण दूसरे स्तर पर अटक जाता है। विजया राहटकर का 'जवाबदेह इकोसिस्टम' का विज़न सही दिशा में है, लेकिन इसके लिए केवल संवाद नहीं, बल्कि आयोगों को बजटीय स्वायत्तता और कानूनी अधिकार देने की भी जरूरत है।
RashtraPress
18 मई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

'शक्ति संवाद' कार्यक्रम क्या है?
'शक्ति संवाद' राष्ट्रीय महिला आयोग (एनसीडब्ल्यू) द्वारा आयोजित एक राष्ट्रीय सम्मेलन है, जिसका उद्देश्य राज्य महिला आयोगों के बीच संस्थागत समन्वय और क्षमता निर्माण को मजबूत करना है। इसका ताजा संस्करण 17 मई 2026 को श्रीनगर में आयोजित किया गया।
इस कार्यक्रम में किन राज्यों ने भाग लिया?
कार्यक्रम में 20 राज्यों के महिला आयोगों की अध्यक्षों, सदस्यों और सदस्य सचिवों ने भाग लिया। स्रोत में राज्यों के नाम अलग से सूचीबद्ध नहीं किए गए हैं।
एनसीडब्ल्यू अध्यक्ष विजया राहटकर ने क्या कहा?
विजया राहटकर ने कहा कि एनसीडब्ल्यू को केवल शिकायत निवारण मंच नहीं, बल्कि विश्वास, न्याय और समर्थन का केंद्र बनना होगा। उन्होंने एक जवाबदेह इकोसिस्टम निर्माण की जरूरत पर जोर दिया जहाँ हर महिला को गरिमा के साथ न्याय मिले।
कार्यक्रम में किन विषयों पर चर्चा हुई?
विशेषज्ञों और प्रतिभागियों ने बदलते कानूनी ढाँचों, कार्यस्थल पर गरिमा और संस्थागत प्रतिक्रिया तंत्र पर विचार-विमर्श किया। महिलाओं की शिक्षा, स्वास्थ्य, उद्यमिता और डिजिटल अवसरों तक पहुँच बढ़ाने पर भी सुझाव साझा किए गए।
जम्मू-कश्मीर में इस कार्यक्रम का क्या महत्व है?
केंद्रीय राज्य मंत्री जितेंद्र सिंह ने रेखांकित किया कि जम्मू-कश्मीर की महिलाएं शिक्षा, सिविल सेवाओं और नवाचार में उत्कृष्ट प्रदर्शन कर रही हैं। श्रीनगर में इस आयोजन को जम्मू-कश्मीर के विकास में महिलाओं की भूमिका को राष्ट्रीय मंच पर रेखांकित करने के रूप में देखा जा रहा है।
राष्ट्र प्रेस
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