नीट पेपर लीक: राहुल गांधी ने PM मोदी के आधी रात के वीडियो को बताया छात्रों का अपमान, धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा माँगा
सारांश
मुख्य बातें
लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने शुक्रवार, 24 जुलाई को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर आरोप लगाया कि नीट पेपर लीक विवाद पर आधी रात को जारी किए गए वीडियो के ज़रिए छात्रों की समझ का अपमान किया गया है। उन्होंने केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के तत्काल इस्तीफे की माँग दोहराई और सरकार से माफी माँगने का आग्रह किया।
राहुल गांधी का सीधा हमला
राहुल गांधी ने एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर लिखा, "प्रधानमंत्री मोदी, हमारे छात्र धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की माँग कर रहे हैं। आधी रात को जारी इस तरह के वीडियो से उनकी समझदारी का अपमान न करें। धर्मेंद्र प्रधान को हटाएं। छात्रों की पिटाई करने वालों को सजा दें। माफी माँगें।" यह बयान तब आया जब PM मोदी ने घोषणा की थी कि शुक्रवार की कैबिनेट बैठक में 'पेपर लीक के खिलाफ और सख्त कार्रवाई' पर चर्चा होगी।
नीट विवाद की पृष्ठभूमि
राष्ट्रीय पात्रता-सह-प्रवेश परीक्षा (नीट) में कथित अनियमितताओं को लेकर देशभर में व्यापक विरोध प्रदर्शन हो रहे हैं। विपक्षी दलों ने केंद्र सरकार से बार-बार जवाबदेही की माँग की है। यह ऐसे समय में आया है जब छात्रों का भविष्य दाँव पर लगा है और परीक्षा प्रणाली की विश्वसनीयता पर गंभीर सवाल उठ रहे हैं।
सीजेपी का जंतर-मंतर पर विरोध जारी
कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) के नेता अभिजीत दिपके ने कहा कि धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफा देने तक जंतर-मंतर पर पार्टी का शांतिपूर्ण विरोध प्रदर्शन जारी रहेगा। दिपके ने यह भी कहा कि उन्हें राहत है कि सोनम वांगचुक ने 26 दिनों की भूख हड़ताल समाप्त कर दी है।
सोनम वांगचुक ने तोड़ा उपवास
वांगचुक ने गुरुग्राम के एक निजी अस्पताल में केंद्रीय मंत्री जे.पी. नड्डा और जितेंद्र सिंह, लेह-लद्दाख की एपेक्स बॉडी के वरिष्ठ नेताओं, डॉक्टरों और परिवार के सदस्यों की मौजूदगी में अपना उपवास तोड़ा। उनके 26 दिनों के अनशन ने देशभर का ध्यान खींचा और संसद के 65 सदस्यों ने उनसे हड़ताल समाप्त करने का आग्रह किया था।
आगे क्या होगा
नीट विवाद पर राजनीतिक दबाव लगातार बढ़ रहा है। कैबिनेट बैठक में पेपर लीक रोकने के लिए सख्त उपायों पर विचार होने की उम्मीद है, हालाँकि विपक्ष का कहना है कि जब तक शिक्षा मंत्री पद पर बने हैं, तब तक कोई भी कदम पर्याप्त नहीं होगा।