23 जुलाई 2026
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पेपर लीक पर राहुल गांधी का पलटवार: 'धर्मेंद्र प्रधान को हटाएं, छात्रों से मांगें माफी'

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पेपर लीक पर राहुल गांधी का पलटवार: 'धर्मेंद्र प्रधान को हटाएं, छात्रों से मांगें माफी'

सारांश

पीएम मोदी ने पेपर लीक मामलों में फास्ट ट्रैक कोर्ट का ऐलान किया, लेकिन राहुल गांधी ने इसे नाकाफी बताते हुए शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान को तत्काल हटाने और छात्रों से माफी माँगने की माँग दोहराई। नीट विवाद अब सीधे मंत्री की कुर्सी तक पहुँच गया है।

मुख्य बातें

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 23 जुलाई को पेपर लीक के सभी मामलों के त्वरित निस्तारण के लिए फास्ट ट्रैक कोर्ट्स गठन की घोषणा की।
लोकसभा नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने एक्स पर पोस्ट कर धर्मेंद्र प्रधान को शिक्षा मंत्री पद से हटाने की माँग दोहराई।
गांधी ने छात्रों से सार्वजनिक माफी और छात्रों पर हिंसा करने वालों के खिलाफ कार्रवाई की भी माँग की।
यह विवाद नीट-यूजी 2024 पेपर लीक प्रकरण से उपजा है, जिसने देशभर में परीक्षा प्रणाली की विश्वसनीयता पर सवाल खड़े किए हैं।
फास्ट ट्रैक कोर्ट गठन की समयसीमा सरकार ने अभी तक स्पष्ट नहीं की है।

नई दिल्ली, 23 जुलाई — लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की फास्ट ट्रैक कोर्ट घोषणा के तुरंत बाद केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान को पद से हटाने और छात्रों से सार्वजनिक माफी माँगने की माँग फिर से दोहराई। यह प्रतिक्रिया नीट पेपर लीक विवाद के बीच आई है, जिसने देशभर में लाखों परीक्षार्थियों को प्रभावित किया है।

पीएम मोदी की घोषणा

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गुरुवार, 23 जुलाई को एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर पोस्ट करते हुए कहा कि पेपर लीक के सभी मामलों में दोषियों को कठोर दंड दिलाने के लिए फास्ट ट्रैक कोर्ट्स का गठन किया जाएगा। उन्होंने लिखा, 'देश के युवाओं का हित और उनका भविष्य हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता है। पेपर लीक के सभी मामलों में दोषियों को जल्द से जल्द कठोर दंड देने के लिए, केस के त्वरित निस्तारण के लिए फास्ट ट्रैक कोर्ट्स का गठन किया जाएगा।' मोदी ने यह भी स्पष्ट किया कि संबंधित विभागों को आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दे दिए गए हैं।

उन्होंने आगे कहा, 'विद्यार्थियों के हितों को सुरक्षित करने के लिए सरकार की ओर से लिए जा रहे निर्णयों की श्रृंखला में यह एक महत्वपूर्ण कदम है। युवाओं के भविष्य के साथ खिलवाड़ करने वाले किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा।'

राहुल गांधी का पलटवार

पीएम की घोषणा के कुछ ही घंटों बाद राहुल गांधी ने एक्स पर लिखा, 'आपने ही हमारे युवाओं के भविष्य को सबसे अधिक नुकसान पहुंचाया है। आपने हमारी शिक्षा व्यवस्था पर पूरा कब्जा होने और उसे बर्बाद होने दिया। उसे बढ़ावा भी दिया और इसके जिम्मेदार हर व्यक्ति को संरक्षण दिया।'

गांधी ने तीन स्पष्ट माँगें रखीं — धर्मेंद्र प्रधान को शिक्षा मंत्री पद से हटाया जाए, छात्रों से सार्वजनिक माफी माँगी जाए, और छात्रों के साथ हिंसा करने वालों के खिलाफ ठोस कार्रवाई की जाए।

विवाद की पृष्ठभूमि

यह ऐसे समय में आया है जब नीट-यूजी 2024 पेपर लीक को लेकर देशभर में छात्र आंदोलन जारी है। गौरतलब है कि इस विवाद ने न केवल परीक्षा प्रणाली की विश्वसनीयता पर सवाल उठाए हैं, बल्कि केंद्र सरकार की शिक्षा नीति पर भी राजनीतिक बहस तेज कर दी है। आलोचकों का कहना है कि फास्ट ट्रैक कोर्ट की घोषणा मात्र से छात्रों का भरोसा बहाल नहीं होगा।

विपक्ष की माँगें

कांग्रेस नेता राहुल गांधी लगातार शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की माँग करते आ रहे हैं। उनका तर्क है कि जब तक मंत्री स्तर पर जवाबदेही तय नहीं होती, तब तक न्यायिक प्रक्रिया अधूरी रहेगी। भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस (कांग्रेस / INC) ने यह भी माँग की है कि छात्रों पर हुई कथित पुलिस कार्रवाई की स्वतंत्र जाँच हो।

आगे क्या

सरकार की ओर से फास्ट ट्रैक कोर्ट के गठन की समयसीमा अभी स्पष्ट नहीं की गई है। राजनीतिक दबाव और छात्र आंदोलन के बीच यह देखना अहम होगा कि केंद्र सरकार शिक्षा मंत्री के भविष्य पर क्या रुख अपनाती है।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन यह मूल सवाल को टालती है — शिक्षा मंत्रालय के भीतर प्रशासनिक विफलता की जिम्मेदारी कौन लेगा? राहुल गांधी की माँगें राजनीतिक हैं, पर वे उस जवाबदेही के खालीपन को उजागर करती हैं जो सरकार की घोषणा में नहीं दिखती। गौरतलब है कि यह पहली बार नहीं है जब परीक्षा लीक के बाद न्यायिक कार्रवाई का वादा हुआ हो — असली परीक्षा यह होगी कि क्या इस बार दोषी वाकई कठघरे में आते हैं।
RashtraPress
23 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

राहुल गांधी ने धर्मेंद्र प्रधान को हटाने की माँग क्यों की?
राहुल गांधी का कहना है कि नीट पेपर लीक विवाद में शिक्षा मंत्रालय की विफलता की सीधी जिम्मेदारी केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान पर है। उनके अनुसार, जब तक मंत्री स्तर पर जवाबदेही तय नहीं होती, छात्रों का भरोसा बहाल नहीं होगा।
पीएम मोदी ने पेपर लीक पर क्या घोषणा की?
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 23 जुलाई को एक्स पर पोस्ट कर कहा कि पेपर लीक के सभी मामलों में दोषियों को कठोर दंड दिलाने के लिए फास्ट ट्रैक कोर्ट्स का गठन किया जाएगा और संबंधित विभागों को आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दे दिए गए हैं।
नीट पेपर लीक विवाद क्या है?
नीट-यूजी 2024 परीक्षा के प्रश्नपत्र के लीक होने के आरोपों ने देशभर में छात्रों में आक्रोश पैदा किया है। इस विवाद ने केंद्रीय परीक्षा प्रणाली और शिक्षा मंत्रालय की विश्वसनीयता पर गंभीर सवाल खड़े किए हैं।
फास्ट ट्रैक कोर्ट कब तक बनेंगे?
सरकार ने फास्ट ट्रैक कोर्ट गठन की कोई निश्चित समयसीमा अभी तक सार्वजनिक नहीं की है। प्रधानमंत्री ने केवल यह कहा है कि संबंधित विभागों को आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं।
कांग्रेस की तीन मुख्य माँगें क्या हैं?
कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने तीन माँगें रखी हैं — धर्मेंद्र प्रधान को शिक्षा मंत्री पद से हटाया जाए, सरकार छात्रों से सार्वजनिक माफी माँगे, और छात्रों के साथ हिंसा करने वालों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की जाए।
राष्ट्र प्रेस
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