23 जुलाई 2026
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पेपर लीक पर मोदी के फास्ट-ट्रैक कोर्ट पोस्ट पर विपक्ष का पलटवार, प्रियंका बोलीं — 'बच्चों का सिस्टम से भरोसा टूटा'

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पेपर लीक पर मोदी के फास्ट-ट्रैक कोर्ट पोस्ट पर विपक्ष का पलटवार, प्रियंका बोलीं — 'बच्चों का सिस्टम से भरोसा टूटा'

सारांश

पीएम मोदी का फास्ट-ट्रैक कोर्ट वाला एक्स पोस्ट विपक्ष को रास नहीं आया। प्रियंका गांधी से लेकर महुआ माजी तक — सभी ने एक सुर में कहा कि यह छात्रों की असल माँगों का जवाब नहीं है। 22 दिनों के आंदोलन और लाठीचार्ज के बाद, सवाल यह है कि क्या एक पोस्ट से भरोसा लौट सकता है।

मुख्य बातें

PM नरेंद्र मोदी ने 23 जुलाई को एक्स पर पेपर लीक मामलों के लिए फास्ट-ट्रैक कोर्ट बनाने की घोषणा की।
कांग्रेस नेता प्रियंका गांधी ने कहा — 'बच्चों का सिस्टम में भरोसा टूट गया है'; धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की माँग दोहराई।
कांग्रेस सांसद केसी वेणुगोपाल ने कहा कि पहले शिक्षा मंत्री को हटाया जाए, फिर छात्रों से संवाद हो।
सपा सांसद आनंद भदौरिया ने सवाल किया कि क्या एक्स पोस्ट से जंतर-मंतर पर 22 दिनों से धरने पर बैठे छात्रों की माँगें पूरी होंगी।
जेएमएम सांसद महुआ माजी ने आरोप लगाया कि सोनम वांगचुक की भूख हड़ताल के दौरान भी सरकार मौन रही।
कांग्रेस सांसद कुमारी शैलजा ने कहा — न इस्तीफा, न लाठीचार्ज पर खेद, न कोई ठोस कार्रवाई।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 23 जुलाई को एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर पोस्ट कर पेपर लीक मामलों की सुनवाई के लिए फास्ट-ट्रैक कोर्ट गठित करने की बात कही, जिसके बाद विपक्षी दलों ने तीखी प्रतिक्रिया दी। कांग्रेस, समाजवादी पार्टी और झारखंड मुक्ति मोर्चा के नेताओं ने एकस्वर में कहा कि सरकार की घोषणा छात्रों की असल माँगों से भटकाव है।

प्रियंका गांधी की प्रतिक्रिया

कांग्रेस नेता प्रियंका गांधी ने कहा, 'ये तो वैसी ही बात है कि बच्चों का कुछ और कहना है और आप (पीएम) कुछ और कह रहे हैं। नेताओं के नेतृत्व दिखाने का समय आ गया है, वे नेतृत्व दिखाएं। बच्चों की बातें सुनें। बच्चों की स्पष्ट मांगें हैं कि धर्मेंद्र प्रधान इस्तीफा दें और जिन्होंने मारा-पीटा है उनके खिलाफ कार्रवाई की जाए। इनको पहले बच्चों की मांगों को माननी चाहिए। बच्चों का सिस्टम में भरोसा टूट गया है।'

उन्होंने आगे कहा कि अगर सिस्टम द्वारा कोई समाधान किया जाएगा तो बच्चे इसे स्वीकार नहीं करेंगे। प्रियंका के अनुसार, समाधान तभी निकलेगा जब प्रधानमंत्री छात्रों की माँगें सुनें और उन्हें पूरा करें।

कांग्रेस और सपा का रुख

कांग्रेस सांसद केसी वेणुगोपाल ने कहा, 'आजकल कोई भी उनकी बातों पर यकीन नहीं करता। उनकी बातों का भरोसा पहले ही खत्म हो चुका है। सबसे पहले, उन्हें धर्मेंद्र प्रधान को शिक्षा मंत्रालय से हटाना होगा। फिर उन्हें छात्रों से बात करनी होगी।'

समाजवादी पार्टी के सांसद आनंद भदौरिया ने सवाल उठाया कि क्या एक एक्स पोस्ट से उन छात्रों की माँगें पूरी होंगी जिन पर जंतर-मंतर पर लाठीचार्ज हुआ और जो लंबे समय से धरने पर बैठे हैं। उन्होंने कहा कि संसद सत्र शुरू होने पर प्रधानमंत्री को स्वयं सदन में आकर युवाओं से संवाद करना चाहिए था।

जेएमएम और कांग्रेस के अन्य नेताओं की आवाज़

झारखंड मुक्ति मोर्चा (जेएमएम) की सांसद महुआ माजी ने कहा कि 22 दिनों तक जब छात्र जंतर-मंतर पर शांतिपूर्वक विरोध कर रहे थे और सोनम वांगचुक भूख हड़ताल पर थे, तब सरकार मौन क्यों रही। उन्होंने आरोप लगाया कि आंदोलन को बढ़ने देने में सरकार की बड़ी भूमिका रही है और अब वह दमनकारी रवैया अपना रही है।

कांग्रेस सांसद कुमारी शैलजा ने कहा, 'अभी तक सिर्फ एक्स पोस्ट ही आया है, कोई कार्रवाई नहीं हुई। न तो कोई इस्तीफा हुआ है, न लाठीचार्ज पर अफसोस जताया गया है, और न ही राहुल गांधी की ओर से उठाए गए मुद्दों पर कोई प्रतिक्रिया दी गई है।'

पृष्ठभूमि: छात्र आंदोलन और सरकार की स्थिति

यह ऐसे समय में आया है जब देशभर में पेपर लीक को लेकर छात्रों का गुस्सा चरम पर है। गौरतलब है कि जंतर-मंतर पर चल रहे इस आंदोलन में छात्रों की प्रमुख माँगें शिक्षा मंत्री के इस्तीफे और लाठीचार्ज के दोषियों पर कार्रवाई की रही हैं। सरकार का फास्ट-ट्रैक कोर्ट का प्रस्ताव इन माँगों को सीधे संबोधित नहीं करता, यही विपक्ष की मुख्य आपत्ति है।

आने वाले दिनों में संसद सत्र के भीतर और बाहर दोनों जगह इस मुद्दे पर राजनीतिक तापमान बढ़ने की संभावना है।

संपादकीय दृष्टिकोण

जब तक कि ठोस कदम न उठाए जाएँ।
RashtraPress
23 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

पीएम मोदी ने फास्ट-ट्रैक कोर्ट को लेकर क्या कहा?
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 23 जुलाई को एक्स पर पोस्ट कर पेपर लीक मामलों की सुनवाई के लिए फास्ट-ट्रैक कोर्ट गठित करने की बात कही। यह पोस्ट जंतर-मंतर पर चल रहे छात्र आंदोलन के बीच आई।
प्रियंका गांधी ने मोदी के पोस्ट पर क्या प्रतिक्रिया दी?
प्रियंका गांधी ने कहा कि प्रधानमंत्री छात्रों की असल माँगों को नजरअंदाज कर रहे हैं। उन्होंने माँग की कि पहले धर्मेंद्र प्रधान इस्तीफा दें और लाठीचार्ज के दोषियों पर कार्रवाई हो, तभी कोई समाधान संभव है।
छात्रों की मुख्य माँगें क्या हैं?
छात्रों की प्रमुख माँगें हैं — शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा और जंतर-मंतर पर हुए लाठीचार्ज के दोषी अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई। छात्र 22 दिनों से शांतिपूर्ण विरोध कर रहे हैं।
जेएमएम सांसद महुआ माजी ने सरकार पर क्या आरोप लगाया?
महुआ माजी ने आरोप लगाया कि 22 दिनों तक छात्रों के विरोध और सोनम वांगचुक की भूख हड़ताल के दौरान सरकार मौन रही। उन्होंने कहा कि आंदोलन को बढ़ने देने में सरकार की बड़ी भूमिका रही और अब वह दमनकारी रवैया अपना रही है।
विपक्ष फास्ट-ट्रैक कोर्ट के प्रस्ताव को अपर्याप्त क्यों मान रहा है?
विपक्ष का तर्क है कि फास्ट-ट्रैक कोर्ट छात्रों की माँगों का सीधा जवाब नहीं है। कांग्रेस सांसद कुमारी शैलजा के अनुसार, न कोई इस्तीफा हुआ, न लाठीचार्ज पर खेद जताया गया — केवल एक सोशल मीडिया पोस्ट से जनता संतुष्ट नहीं होगी।
राष्ट्र प्रेस
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