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पेपर लीक पर PM मोदी सख्त: वरिष्ठ वकील आगे आएं, 13 गिरफ्तार, दोषियों को मिले कड़ी सजा

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पेपर लीक पर PM मोदी सख्त: वरिष्ठ वकील आगे आएं, 13 गिरफ्तार, दोषियों को मिले कड़ी सजा

सारांश

पेपर लीक पर PM मोदी का दो-टूक संदेश — यह किसी एक सरकार का नहीं, पूरे देश के युवाओं के भविष्य का सवाल है। 13 गिरफ्तारियों के बाद अब वरिष्ठ वकीलों से अपील कि दोषियों को इतनी कड़ी सजा दिलाएँ कि कानून का डर स्थायी हो।

मुख्य बातें

PM नरेंद्र मोदी ने 21 जुलाई को एनडीए 'मंगल मिलन' बैठक में पेपर लीक पर सख्त रुख अपनाया।
अब तक पेपर लीक रैकेट में 13 आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेजा जा चुका है।
प्रधानमंत्री ने देश के वरिष्ठ अधिवक्ताओं से आग्रह किया कि वे दोषियों को कड़ी सजा दिलाने के लिए आगे आएँ।
NEET की पुनः परीक्षा और परिणाम बिना देरी के जारी किए गए ताकि छात्रों का भविष्य प्रभावित न हो।
PM ने पेपर लीक को दलगत राजनीति से परे राष्ट्रीय मुद्दा बताते हुए सभी राज्यों और दलों से एकजुट कार्रवाई की अपील की।
मानसून सत्र में एनडीए सकारात्मक भूमिका निभाएगा; विपक्ष से भी सहयोग का आग्रह।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 21 जुलाई को स्पष्ट संदेश दिया कि पेपर लीक जैसे गंभीर अपराध में शामिल दोषियों को अधिकतम सजा दिलाने के लिए देश के वरिष्ठ अधिवक्ताओं को भी सक्रिय भूमिका निभानी चाहिए। एनडीए के 'मंगल मिलन' कार्यक्रम के बाद केंद्रीय संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने मीडिया को बताया कि अब तक इस मामले में 13 आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेजा जा चुका है और सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता छात्रों का भविष्य सुरक्षित करना है।

मुख्य घटनाक्रम

केंद्रीय मंत्री किरेन रिजिजू ने बताया कि प्रधानमंत्री ने 'मंगल मिलन' बैठक में पेपर लीक रैकेट पर विस्तार से चर्चा की। उन्होंने कहा कि जैसे ही सरकार को लीक की जानकारी मिली, तत्काल कार्रवाई की गई। पहचाने गए आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेजा जा चुका है।

प्रधानमंत्री ने यह भी स्पष्ट किया कि नीट की पुनः परीक्षा बिना देरी के कराई गई और उसका परिणाम भी शीघ्र घोषित किया गया, ताकि छात्रों का शैक्षणिक वर्ष प्रभावित न हो।

वरिष्ठ वकीलों से अपील

रिजिजू के अनुसार, प्रधानमंत्री का मानना है कि केवल गिरफ्तारी पर्याप्त नहीं — दोषियों को इतनी सख्त सजा मिलनी चाहिए कि भविष्य में कोई भी इस तरह का अपराध करने की हिम्मत न कर सके। इसी उद्देश्य से उन्होंने देश के वरिष्ठ अधिवक्ताओं से आग्रह किया कि वे आगे आकर अभियोजन प्रक्रिया को मज़बूत बनाएँ।

यह ऐसे समय में आया है जब NEET-UG 2024 पेपर लीक विवाद ने पूरे देश में छात्रों और अभिभावकों में गहरी बेचैनी पैदा की है। आलोचकों का कहना है कि परीक्षा प्रणाली में संरचनात्मक सुधार के बिना केवल गिरफ्तारियाँ दीर्घकालिक समाधान नहीं हैं।

राष्ट्रीय एकजुटता की अपील

प्रधानमंत्री ने स्पष्ट किया कि पेपर लीक किसी एक राज्य या केंद्र सरकार का मुद्दा नहीं, बल्कि यह पूरे देश के युवाओं के भविष्य से जुड़ा सवाल है। उन्होंने सभी राज्यों और राजनीतिक दलों से दलगत भेद से ऊपर उठकर इस अपराध के विरुद्ध एकजुट कार्रवाई का आह्वान किया।

गौरतलब है कि विपक्षी दलों ने पेपर लीक मामले को संसद के मानसून सत्र में प्रमुखता से उठाने की घोषणा पहले ही कर दी है, जिससे सत्र के दौरान तीखी बहस की संभावना है।

युवाओं के लिए व्यापक दृष्टिकोण

बैठक में प्रधानमंत्री ने स्काईरूट एयरोस्पेस के विक्रम-1 रॉकेट के सफल प्रक्षेपण की सराहना करते हुए कहा कि भारतीय युवा विज्ञान, तकनीक और नवाचार में नई ऊँचाइयाँ छू रहे हैं। उन्होंने विभिन्न देशों के साथ हुए मुक्त व्यापार समझौतों (FTA) का भी उल्लेख किया और कहा कि ये किसानों व देश, दोनों के हित में हैं।

मानसून सत्र पर संदेश

प्रधानमंत्री ने एनडीए सांसदों को मानसून सत्र में सकारात्मक और सक्रिय भूमिका निभाने का निर्देश दिया। रिजिजू ने बताया कि प्रधानमंत्री ने विपक्ष से भी सहयोग की अपील की और कहा कि संसद देश के भविष्य के लिए काम करने का सर्वोच्च मंच है — इसलिए सभी दलों को मिलकर संसद की कार्यवाही सुचारु रूप से चलानी चाहिए।

आने वाले मानसून सत्र में पेपर लीक विरोधी कानून और परीक्षा सुधार से जुड़े विधेयकों पर चर्चा की उम्मीद है, जो इस पूरे विवाद की असली कसौटी होगी।

संपादकीय दृष्टिकोण

जो यह संकेत देता है कि मौजूदा सरकारी तंत्र पर्याप्त नहीं समझा जा रहा। 13 गिरफ्तारियाँ प्रतिक्रियात्मक हैं; असली सवाल यह है कि परीक्षा प्रणाली में वह संरचनात्मक खामी कब दूर होगी जो बार-बार लीक को संभव बनाती है। पेपर लीक को 'राष्ट्रीय मुद्दा' कहना राजनीतिक रूप से चतुर है — इससे किसी एक सरकार पर जवाबदेही केंद्रित नहीं होती। मानसून सत्र में यदि ठोस विधायी सुधार नहीं आए, तो यह बयान भी पिछले आश्वासनों की भाँति सुर्खियों तक सीमित रह सकता है।
RashtraPress
21 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

PM मोदी ने पेपर लीक पर क्या कहा?
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि पेपर लीक पूरे देश और युवाओं के भविष्य से जुड़ा मुद्दा है, किसी एक राज्य या सरकार तक सीमित नहीं। उन्होंने वरिष्ठ वकीलों से आग्रह किया कि दोषियों को अधिकतम सजा दिलाने के लिए आगे आएँ ताकि भविष्य में ऐसे अपराधों पर अंकुश लगे।
पेपर लीक मामले में अब तक कितने लोग गिरफ्तार हुए हैं?
सरकार के अनुसार पेपर लीक रैकेट में अब तक 13 आरोपियों की पहचान कर उन्हें गिरफ्तार कर जेल भेजा जा चुका है। सरकार का कहना है कि जैसे ही लीक की जानकारी मिली, तत्काल कार्रवाई की गई।
NEET पेपर लीक के बाद परीक्षा दोबारा कब हुई?
प्रधानमंत्री के अनुसार NEET की पुनः परीक्षा जल्द से जल्द कराई गई और परिणाम भी बिना देरी के घोषित किया गया, ताकि छात्रों का शैक्षणिक भविष्य प्रभावित न हो। सटीक तिथि का उल्लेख बैठक के बयान में नहीं किया गया।
मानसून सत्र में एनडीए का क्या रुख रहेगा?
प्रधानमंत्री ने एनडीए सांसदों को निर्देश दिया कि मानसून सत्र में सकारात्मक भूमिका निभाएँ और सरकार के सभी विधेयकों को एकजुट होकर आगे बढ़ाएँ। उन्होंने विपक्षी दलों से भी दलगत राजनीति से ऊपर उठकर संसद की कार्यवाही सुचारु चलाने की अपील की।
पेपर लीक को राष्ट्रीय मुद्दा क्यों कहा जा रहा है?
प्रधानमंत्री मोदी के अनुसार पेपर लीक किसी एक राज्य या केंद्र सरकार की विफलता नहीं, बल्कि यह देश भर के युवाओं के भविष्य को प्रभावित करता है। इसीलिए उन्होंने सभी राज्यों और राजनीतिक दलों से एकजुट होकर इस अपराध के खिलाफ कार्रवाई करने का आह्वान किया।
राष्ट्र प्रेस
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