24 जुलाई 2026
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पेपर लीक पर केंद्रीय कैबिनेट का बड़ा फैसला: सख्त सजा वाले विधेयक को मंजूरी, अगले हफ्ते संसद में पेश होने की संभावना

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पेपर लीक पर केंद्रीय कैबिनेट का बड़ा फैसला: सख्त सजा वाले विधेयक को मंजूरी, अगले हफ्ते संसद में पेश होने की संभावना

सारांश

नीट और अन्य प्रतियोगी परीक्षाओं में पेपर लीक के बढ़ते मामलों पर लगाम लगाने के लिए केंद्रीय कैबिनेट ने सख्त सजा वाले विधेयक को हरी झंडी दे दी। PM मोदी के वीडियो संदेश के ठीक अगले दिन आए इस फैसले के साथ अब नीट लीक में 13 गिरफ्तारियाँ हो चुकी हैं और शिक्षा मंत्रालय में बड़ा फेरबदल भी किया गया है।

मुख्य बातें

केंद्रीय कैबिनेट ने 24 जुलाई को पेपर लीक के दोषियों को सख्त सजा देने वाले विधेयक को मंजूरी दी।
विधेयक में फास्ट ट्रैक कोर्ट के गठन और कठोर दंड का प्रावधान प्रस्तावित है।
सूत्रों के अनुसार यह विधेयक अगले सप्ताह संसद में पेश किया जा सकता है।
PM मोदी ने गुरुवार देर रात 3 मिनट के वीडियो संदेश में इस कदम के संकेत दिए थे।
नीट पेपर लीक मामले में अब तक 13 लोगों को गिरफ्तार किया जा चुका है।
शिक्षा मंत्रालय में नरेश पाल गंगवार को उच्च शिक्षा विभाग का नया सचिव नियुक्त किया गया, उन्होंने विनीत जोशी की जगह ली।

केंद्रीय कैबिनेट ने शुक्रवार, 24 जुलाई को प्रतियोगी परीक्षाओं में पेपर लीक के दोषियों को कड़ी सजा दिलाने वाले विधेयक को औपचारिक मंजूरी दे दी। नई दिल्ली में हुई इस कैबिनेट बैठक का फैसला ऐसे समय आया है जब नीट पेपर लीक मामले को लेकर देशभर में छात्र सड़कों पर हैं और संसद के भीतर भी हंगामे का माहौल है। सूत्रों के अनुसार, यह विधेयक अगले सप्ताह संसद में पेश किया जा सकता है।

प्रधानमंत्री का पूर्व-संकेत और कैबिनेट की कार्रवाई

कैबिनेट बैठक से एक दिन पहले गुरुवार देर रात प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने तीन मिनट का एक वीडियो संदेश जारी कर स्पष्ट संकेत दिए थे कि सरकार इस मुद्दे पर ठोस कदम उठाने जा रही है। उन्होंने कहा था कि शुक्रवार की कैबिनेट बैठक में पेपर लीक के लिए फास्ट ट्रैक कोर्ट और दोषियों को कड़ी सजा देने वाले कानून के मसौदे पर चर्चा होगी।

इससे पहले गुरुवार सुबह भी प्रधानमंत्री मोदी ने फास्ट ट्रैक कोर्ट बनाने का ऐलान किया था और संबंधित विभागों के अधिकारियों को तत्काल कार्रवाई के निर्देश दिए थे। इस प्रकार कैबिनेट की मंजूरी एक सुनियोजित और क्रमबद्ध कार्यवाही का हिस्सा प्रतीत होती है।

पेपर लीक को लेकर PM मोदी का सख्त रुख

प्रधानमंत्री ने अपने वीडियो संदेश में कहा था कि 'पेपर लीक कोई मामूली मुद्दा नहीं है।' उन्होंने स्वीकार किया कि इससे देश के लाखों छात्रों और उनके माता-पिता को गहरा दुख पहुँचा है। मोदी ने यह भी स्पष्ट किया कि सरकार भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए मजबूत कानूनी ढाँचा तैयार करने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है।

गौरतलब है कि यह ऐसे समय में आया है जब नीट-यूजी 2024 पेपर लीक मामले में अब तक 13 लोगों को गिरफ्तार किया जा चुका है और मामला सर्वोच्च न्यायालय तक पहुँच चुका है। छात्र संगठनों और विपक्षी दलों का दबाव सरकार पर लगातार बना हुआ था।

शिक्षा मंत्रालय में बड़ा प्रशासनिक फेरबदल

इसी क्रम में केंद्र सरकार ने गुरुवार को शिक्षा मंत्रालय में अहम प्रशासनिक बदलाव किया। 1994 बैच के राजस्थान कैडर के वरिष्ठ आईएएस अधिकारी नरेश पाल गंगवार को उच्च शिक्षा विभाग का नया सचिव नियुक्त किया गया है। उन्होंने विनीत जोशी की जगह यह पद संभाला है। यह नियुक्ति पेपर लीक संकट के बीच हुई है, जिसे आलोचक मंत्रालय में जवाबदेही सुनिश्चित करने की दिशा में एक कदम मान रहे हैं।

आम जनता और छात्रों पर असर

प्रस्तावित विधेयक में फास्ट ट्रैक अदालतों के गठन और दोषियों के लिए कठोर दंड का प्रावधान होने की संभावना है। यदि यह कानून बनता है, तो परीक्षा माफिया के खिलाफ कार्रवाई में तेजी आ सकती है। लाखों छात्र जो वर्षों की मेहनत के बाद प्रतियोगी परीक्षाओं में बैठते हैं, उनके लिए यह एक महत्वपूर्ण सुरक्षा कवच साबित हो सकता है।

आगे क्या होगा

अब सभी की नजर अगले सप्ताह होने वाले संसद सत्र पर है, जहाँ इस विधेयक को पेश किए जाने की संभावना है। विधेयक के पारित होने के बाद फास्ट ट्रैक कोर्ट के गठन की प्रक्रिया शुरू होगी। नीट पेपर लीक मामले में जाँच एजेंसियाँ अपनी कार्रवाई जारी रखे हुए हैं और आने वाले दिनों में और गिरफ्तारियों की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता।

संपादकीय दृष्टिकोण

फिर भी मौजूदा कानूनी ढाँचे के तहत दोषसिद्धि दर निराशाजनक रही है। फास्ट ट्रैक कोर्ट का विचार सराहनीय है, लेकिन जब तक परीक्षा संचालन प्रणाली में संरचनात्मक सुधार — जैसे डिजिटल सुरक्षा, प्रश्नपत्र वितरण की निगरानी और परीक्षा एजेंसियों की जवाबदेही — नहीं होते, तब तक यह विधेयक लक्षण का उपचार करेगा, बीमारी का नहीं।
RashtraPress
24 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

पेपर लीक पर केंद्रीय कैबिनेट ने क्या फैसला किया है?
केंद्रीय कैबिनेट ने 24 जुलाई को प्रतियोगी परीक्षाओं में पेपर लीक के दोषियों को सख्त सजा दिलाने वाले विधेयक को मंजूरी दी है। इस विधेयक में फास्ट ट्रैक कोर्ट के गठन और कठोर दंड का प्रावधान प्रस्तावित है।
यह विधेयक संसद में कब पेश होगा?
सूत्रों के अनुसार यह विधेयक अगले सप्ताह संसद में पेश किया जा सकता है। हालाँकि सरकार की ओर से अभी आधिकारिक तारीख की घोषणा नहीं की गई है।
PM मोदी ने पेपर लीक पर क्या कहा था?
PM मोदी ने गुरुवार देर रात जारी 3 मिनट के वीडियो संदेश में कहा था कि 'पेपर लीक कोई मामूली मुद्दा नहीं है' और इससे लाखों छात्रों व उनके परिवारों को गहरा दुख पहुँचा है। उन्होंने फास्ट ट्रैक कोर्ट और सख्त कानून बनाने की प्रतिबद्धता जताई थी।
नीट पेपर लीक मामले में अब तक कितने लोग गिरफ्तार हुए हैं?
नीट पेपर लीक मामले में अब तक कुल 13 लोगों को गिरफ्तार किया जा चुका है। जाँच एजेंसियाँ मामले की जाँच जारी रखे हुए हैं।
शिक्षा मंत्रालय में क्या प्रशासनिक बदलाव हुआ है?
केंद्र सरकार ने 1994 बैच के राजस्थान कैडर के वरिष्ठ आईएएस अधिकारी नरेश पाल गंगवार को उच्च शिक्षा विभाग का नया सचिव नियुक्त किया है। उन्होंने विनीत जोशी की जगह यह जिम्मेदारी संभाली है।
राष्ट्र प्रेस
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