पेपर लीक पर PM मोदी का वीडियो संदेश: कैबिनेट बैठक में फास्ट ट्रैक कोर्ट और कठोर सजा का मसौदा
सारांश
मुख्य बातें
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 24 जुलाई की देर रात एक वीडियो संदेश जारी कर देश के युवाओं को आश्वस्त किया कि पेपर लीक मामले में सरकार सख्त कदम उठाने के लिए पूरी तरह तैयार है। उन्होंने बताया कि इस संबंध में तैयार किया गया मसौदा शुक्रवार को होने वाली केंद्रीय कैबिनेट की बैठक में प्रस्तुत किया जाएगा, जिसमें फास्ट ट्रैक कोर्ट के गठन और कठोर दंड के प्रावधान शामिल हैं।
पीएम मोदी ने क्या कहा
वीडियो संदेश में प्रधानमंत्री मोदी ने स्वीकार किया कि पेपर लीक कोई मामूली विषय नहीं है और यह लाखों छात्रों तथा उनके अभिभावकों के लिए अत्यंत पीड़ादायक है। उन्होंने कहा, 'पेपर लीक की घटना से निपटने को लेकर अब तक पिछले ढाई महीने में अनेक कदम उठाए गए। गुनाहगारों को पकड़ा गया है, वे जेल में हैं।' मोदी ने यह भी रेखांकित किया कि सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता यह सुनिश्चित करना था कि किसी भी छात्र का एक साल बर्बाद न हो।
22 लाख छात्रों की परीक्षा का प्रबंध
प्रधानमंत्री ने बताया कि सरकार ने पूरी शक्ति का उपयोग करते हुए कम से कम समय में 22 लाख छात्रों की परीक्षा आयोजित कराई। उन्होंने कहा कि 19 जुलाई को परीक्षा परिणाम भी घोषित हो गए और देश भर से उत्तीर्ण छात्रों की खुशियों की खबरें आ रही हैं। हालांकि मोदी ने स्पष्ट किया कि सरकार इससे संतुष्ट नहीं है और आगे और कड़े कदम उठाए जाएंगे।
कैबिनेट में मसौदे पर चर्चा
प्रधानमंत्री ने बताया कि उनके निर्देश पर संबंधित विभागों ने देर रात तक काम करके अपने मसौदे तैयार कर दिए। इस मसौदे में फास्ट ट्रैक कोर्ट के गठन और कठोर सजा के प्रावधान शामिल हैं। शुक्रवार की कैबिनेट बैठक में इस पर विस्तार से चर्चा होगी और कैबिनेट सहयोगियों के सुझावों के बाद इसे अंतिम रूप दिया जाएगा।
संसद में विधेयक पारित कराने की योजना
मोदी ने यह भी जानकारी दी कि सोमवार से संसद का दूसरा सप्ताह शुरू हो रहा है और सरकार इस विधेयक को जल्द से जल्द संसद में पारित कराने का प्रयास करेगी। इससे पहले उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक पोस्ट में कहा था कि युवाओं के भविष्य के साथ खिलवाड़ करने वाले किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा।
आगे क्या होगा
यह ऐसे समय में आया है जब पेपर लीक के मुद्दे पर विपक्ष सरकार पर लगातार दबाव बना रहा है और छात्र संगठन देश भर में प्रदर्शन कर रहे हैं। गौरतलब है कि यह पहली बार है जब प्रधानमंत्री ने स्वयं वीडियो संदेश के ज़रिए सीधे छात्रों को संबोधित किया और कानूनी कार्रवाई की समयसीमा भी बताई। फास्ट ट्रैक कोर्ट और कठोर दंड प्रावधानों वाला यह विधेयक आने वाले दिनों में परीक्षा प्रणाली की विश्वसनीयता को बहाल करने की दिशा में एक निर्णायक कदम साबित हो सकता है।