24 जुलाई 2026
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पेपर लीक पर PM मोदी का वीडियो संदेश: कैबिनेट बैठक में फास्ट ट्रैक कोर्ट और कठोर सजा का मसौदा

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पेपर लीक पर PM मोदी का वीडियो संदेश: कैबिनेट बैठक में फास्ट ट्रैक कोर्ट और कठोर सजा का मसौदा

सारांश

पेपर लीक पर PM मोदी का रात को वीडियो संदेश — महज़ आश्वासन नहीं, बल्कि एक समयबद्ध कार्ययोजना। फास्ट ट्रैक कोर्ट और कठोर दंड का मसौदा शुक्रवार को कैबिनेट में, फिर संसद में विधेयक। 22 लाख छात्रों की परीक्षा पहले ही हो चुकी है — अब बारी है दोषियों को सज़ा दिलाने की।

मुख्य बातें

PM नरेंद्र मोदी ने 24 जुलाई की देर रात वीडियो संदेश जारी कर पेपर लीक पर सख्त कार्रवाई का भरोसा दिलाया।
फास्ट ट्रैक कोर्ट गठन और कठोर सजा के प्रावधान वाला मसौदा शुक्रवार की केंद्रीय कैबिनेट बैठक में पेश होगा।
सरकार ने पिछले ढाई महीनों में 22 लाख छात्रों की परीक्षा आयोजित कराई और 19 जुलाई को परिणाम घोषित किए।
पेपर लीक में शामिल दोषियों को गिरफ्तार कर जेल भेजा जा चुका है।
कैबिनेट की मंजूरी के बाद संसद के दूसरे सप्ताह में विधेयक पारित कराने का प्रयास होगा।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 24 जुलाई की देर रात एक वीडियो संदेश जारी कर देश के युवाओं को आश्वस्त किया कि पेपर लीक मामले में सरकार सख्त कदम उठाने के लिए पूरी तरह तैयार है। उन्होंने बताया कि इस संबंध में तैयार किया गया मसौदा शुक्रवार को होने वाली केंद्रीय कैबिनेट की बैठक में प्रस्तुत किया जाएगा, जिसमें फास्ट ट्रैक कोर्ट के गठन और कठोर दंड के प्रावधान शामिल हैं।

पीएम मोदी ने क्या कहा

वीडियो संदेश में प्रधानमंत्री मोदी ने स्वीकार किया कि पेपर लीक कोई मामूली विषय नहीं है और यह लाखों छात्रों तथा उनके अभिभावकों के लिए अत्यंत पीड़ादायक है। उन्होंने कहा, 'पेपर लीक की घटना से निपटने को लेकर अब तक पिछले ढाई महीने में अनेक कदम उठाए गए। गुनाहगारों को पकड़ा गया है, वे जेल में हैं।' मोदी ने यह भी रेखांकित किया कि सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता यह सुनिश्चित करना था कि किसी भी छात्र का एक साल बर्बाद न हो।

22 लाख छात्रों की परीक्षा का प्रबंध

प्रधानमंत्री ने बताया कि सरकार ने पूरी शक्ति का उपयोग करते हुए कम से कम समय में 22 लाख छात्रों की परीक्षा आयोजित कराई। उन्होंने कहा कि 19 जुलाई को परीक्षा परिणाम भी घोषित हो गए और देश भर से उत्तीर्ण छात्रों की खुशियों की खबरें आ रही हैं। हालांकि मोदी ने स्पष्ट किया कि सरकार इससे संतुष्ट नहीं है और आगे और कड़े कदम उठाए जाएंगे।

कैबिनेट में मसौदे पर चर्चा

प्रधानमंत्री ने बताया कि उनके निर्देश पर संबंधित विभागों ने देर रात तक काम करके अपने मसौदे तैयार कर दिए। इस मसौदे में फास्ट ट्रैक कोर्ट के गठन और कठोर सजा के प्रावधान शामिल हैं। शुक्रवार की कैबिनेट बैठक में इस पर विस्तार से चर्चा होगी और कैबिनेट सहयोगियों के सुझावों के बाद इसे अंतिम रूप दिया जाएगा।

संसद में विधेयक पारित कराने की योजना

मोदी ने यह भी जानकारी दी कि सोमवार से संसद का दूसरा सप्ताह शुरू हो रहा है और सरकार इस विधेयक को जल्द से जल्द संसद में पारित कराने का प्रयास करेगी। इससे पहले उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक पोस्ट में कहा था कि युवाओं के भविष्य के साथ खिलवाड़ करने वाले किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा।

आगे क्या होगा

यह ऐसे समय में आया है जब पेपर लीक के मुद्दे पर विपक्ष सरकार पर लगातार दबाव बना रहा है और छात्र संगठन देश भर में प्रदर्शन कर रहे हैं। गौरतलब है कि यह पहली बार है जब प्रधानमंत्री ने स्वयं वीडियो संदेश के ज़रिए सीधे छात्रों को संबोधित किया और कानूनी कार्रवाई की समयसीमा भी बताई। फास्ट ट्रैक कोर्ट और कठोर दंड प्रावधानों वाला यह विधेयक आने वाले दिनों में परीक्षा प्रणाली की विश्वसनीयता को बहाल करने की दिशा में एक निर्णायक कदम साबित हो सकता है।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन असली परीक्षा यह होगी कि विधेयक में परीक्षा एजेंसियों की जवाबदेही और प्रश्नपत्र सुरक्षा के लिए संरचनात्मक सुधार शामिल हैं या नहीं। केवल दंड का प्रावधान पर्याप्त नहीं — पिछले कई राज्यों में पेपर लीक के बावजूद दोषसिद्धि दर बेहद कम रही है। जब तक जाँच एजेंसियों की क्षमता और साक्ष्य संग्रह की प्रक्रिया नहीं सुधरती, फास्ट ट्रैक अदालतें भी खाली हाथ रह सकती हैं।
RashtraPress
24 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

PM मोदी ने पेपर लीक पर क्या ऐलान किया?
PM मोदी ने 24 जुलाई की देर रात वीडियो संदेश में कहा कि पेपर लीक मामले में फास्ट ट्रैक कोर्ट के गठन और कठोर सजा के प्रावधान वाला मसौदा शुक्रवार की कैबिनेट बैठक में पेश किया जाएगा। कैबिनेट की मंजूरी के बाद इसे संसद में विधेयक के रूप में पारित कराने का प्रयास होगा।
पेपर लीक मामले में अब तक क्या कार्रवाई हुई है?
PM मोदी के अनुसार पिछले ढाई महीनों में दोषियों को गिरफ्तार कर जेल भेजा जा चुका है। इसके अलावा सरकार ने 22 लाख छात्रों की परीक्षा पुनः आयोजित कराई और 19 जुलाई को परिणाम भी घोषित कर दिए।
फास्ट ट्रैक कोर्ट से छात्रों को क्या फायदा होगा?
फास्ट ट्रैक कोर्ट के ज़रिए पेपर लीक मामलों का त्वरित निपटारा होगा और दोषियों को जल्द से जल्द कठोर दंड मिल सकेगा। इससे भविष्य में ऐसे अपराधों पर अंकुश लगाने और परीक्षा प्रणाली में छात्रों का विश्वास बहाल करने में मदद मिलने की उम्मीद है।
पेपर लीक विधेयक संसद में कब पेश होगा?
PM मोदी ने कहा कि सोमवार से संसद का दूसरा सप्ताह शुरू हो रहा है और शुक्रवार की कैबिनेट बैठक में मसौदे को अंतिम रूप मिलने के बाद इसे जल्द से जल्द संसद में पारित कराने का प्रयास किया जाएगा।
PM मोदी ने एक्स पर पेपर लीक को लेकर क्या लिखा?
PM मोदी ने एक्स पर पोस्ट कर कहा कि देश के युवाओं का हित और उनका भविष्य सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। उन्होंने यह भी कहा कि युवाओं के भविष्य के साथ खिलवाड़ करने वाले किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा।
राष्ट्र प्रेस
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