NDA 'मंगल मिलन' में PM मोदी ने NEET पेपर लीक को बताया राष्ट्रीय चिंता, किसानों के हित पर भी दिया जोर
सारांश
मुख्य बातें
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 21 जुलाई को संसद के मानसून सत्र के दौरान आयोजित राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (NDA) की 'मंगल मिलन' बैठक में सभी सहयोगी दलों के सांसदों को संबोधित किया। इस बैठक में पेपर लीक को एक गंभीर राष्ट्रीय चिंता का विषय बताते हुए मोदी ने सांसदों का मार्गदर्शन किया। केंद्रीय संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने बाद में मीडिया को बैठक की विस्तृत जानकारी दी।
मुख्य घटनाक्रम
बैठक की शुरुआत हाल ही में निर्वाचित नए राज्यसभा सदस्यों के स्वागत से हुई। प्रधानमंत्री ने नए सांसदों का अभिनंदन करते हुए उनसे जनहित में प्रभावी और सकारात्मक भूमिका निभाने का आग्रह किया। इसके बाद बैठक में देश के कई महत्वपूर्ण राष्ट्रीय मुद्दों पर विस्तार से चर्चा हुई।
पेपर लीक पर सरकार की प्रतिक्रिया
केंद्रीय मंत्री किरेन रिजिजू ने बताया कि NEET पेपर लीक मामले में जैसे ही सरकार को जानकारी मिली, तत्काल कार्रवाई की गई। इस मामले में अब तक 13 आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेजा जा चुका है। छात्रों के भविष्य को ध्यान में रखते हुए सरकार ने प्राथमिकता के आधार पर दोबारा परीक्षा आयोजित की और परिणाम भी बिना किसी देरी के घोषित किया गया।
रिजिजू ने स्पष्ट किया कि पेपर लीक केवल किसी एक राज्य या केंद्र सरकार का मुद्दा नहीं है — यह पूरे देश के युवाओं के भविष्य से जुड़ा गंभीर अपराध है। उन्होंने कहा कि सभी राज्यों और राजनीतिक दलों को दलगत राजनीति से ऊपर उठकर इस अपराध के विरुद्ध एकजुट होना चाहिए। सरकार भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए एक फूलप्रूफ व्यवस्था तैयार कर रही है।
किसानों के हित और मुक्त व्यापार समझौते
बैठक में प्रधानमंत्री मोदी ने हाल के महीनों में भारत द्वारा विभिन्न देशों के साथ किए गए मुक्त व्यापार समझौतों (FTA) की भी विस्तार से चर्चा की। रिजिजू के अनुसार, मोदी ने स्पष्ट रूप से कहा कि किसी भी व्यापार समझौते में किसानों के हितों को सर्वोच्च प्राथमिकता दी गई है और किसी भी FTA से किसानों को नुकसान नहीं पहुँचने दिया जाएगा। यह ऐसे समय में आया है जब कुछ विपक्षी दल FTA को लेकर किसानों की आजीविका पर सवाल उठा रहे हैं।
मानसून सत्र और विपक्ष से सहयोग की अपील
प्रधानमंत्री ने मानसून सत्र के संदर्भ में NDA सांसदों से सकारात्मक भूमिका निभाने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि सरकार जो भी विधेयक और महत्वपूर्ण कार्य संसद में लाएगी, सभी सहयोगी दल मिलकर उन्हें आगे बढ़ाएंगे। गौरतलब है कि मोदी ने विपक्षी दलों से भी संसद की गरिमा बनाए रखते हुए देशहित के मुद्दों पर सहयोग की अपील की।
प्रधानमंत्री ने कहा कि राजनीतिक मतभेद लोकतंत्र का स्वाभाविक हिस्सा हैं, किंतु संसद देश, युवाओं और राष्ट्र के भविष्य के लिए कार्य करने का सर्वोच्च मंच है। इस बैठक ने NDA की आंतरिक एकजुटता को भी प्रदर्शित किया, जो मानसून सत्र की चुनौतियों के बीच महत्वपूर्ण मानी जा रही है।
आगे की राह
सरकार ने संकेत दिए हैं कि पेपर लीक रोकने के लिए कानूनी और तकनीकी दोनों स्तरों पर कड़े कदम उठाए जाएंगे, ताकि भविष्य में कोई भी इस तरह के अपराध की हिम्मत न कर सके। NDA सांसदों से अपेक्षा है कि वे मानसून सत्र में सरकार के विधायी एजेंडे को प्रभावी ढंग से आगे बढ़ाएंगे।