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धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे पर कांग्रेस बोली — युवाओं और जेन-Z की जीत, मोदी से माफी की मांग

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धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे पर कांग्रेस बोली — युवाओं और जेन-Z की जीत, मोदी से माफी की मांग

सारांश

नीट पेपर लीक विवाद में घिरे शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के बाद कांग्रेस ने इसे युवाओं की जीत बताया और मोदी से माफी मांगी। प्रधान ने जिम्मेदारी स्वीकार करते हुए कहा कि राष्ट्रसेवा सर्वोच्च है; नीट अब सीबीटी मोड में होगी।

मुख्य बातें

केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने 25 जुलाई को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को इस्तीफा सौंपा।
कांग्रेस ने इस्तीफे को देश के युवाओं और जेन-Z की जीत करार दिया।
पार्टी ने राहुल गांधी के नेतृत्व में नीट विवाद से पहले दिन से न्याय की लड़ाई लड़ने का दावा किया।
कांग्रेस ने PM मोदी से छात्रों पर कथित लाठीचार्ज और पेलेट गन के इस्तेमाल पर माफी मांगने की मांग की।
प्रधान ने बताया कि 3 मई की नीट-यूजी परीक्षा की जांच सीबीआई को सौंपी गई, परीक्षा रद्द हुई और अगले वर्ष से सीबीटी मोड में नीट कराने का फैसला लिया गया।
जंतर-मंतर पर चल रहे विरोध प्रदर्शनों का हवाला देते हुए प्रधान ने कहा कि युवाओं का भविष्य राजनीतिक विवादों में नहीं उलझना चाहिए।

केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान द्वारा 25 जुलाई को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को इस्तीफा सौंपे जाने के तुरंत बाद भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस (कांग्रेस) ने इसे देश के युवाओं और जेन-Z की ऐतिहासिक जीत करार दिया। पार्टी ने एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर पोस्ट कर कहा कि यह जीत उन करोड़ों छात्रों की है जिन्होंने बेहतर शिक्षा व्यवस्था के लिए अपनी आवाज़ उठाई।

कांग्रेस का तीखा बयान

कांग्रेस ने अपनी एक्स पोस्ट में लिखा, 'धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा देश के युवाओं और भारत की जेन-Z की जीत है। यह जीत देशभर के उन करोड़ों युवा छात्रों की है, जिन्होंने बेहतर शिक्षा व्यवस्था की मांग के लिए संघर्ष किया।' पार्टी ने आगे कहा कि 'नरेंद्र मोदी का अहंकार टूट गया है और उनके झूठ की हार हुई है। युवाओं ने एक अक्षम और भ्रष्ट शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान को इस्तीफा देने के लिए मजबूर कर दिया।'

कांग्रेस ने यह भी दावा किया कि नीट पेपर लीक मामले के पहले दिन से ही लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी और पार्टी छात्रों के लिए न्याय की लड़ाई लड़ रहे हैं — सड़क से लेकर संसद तक।

मोदी से माफी की मांग

कांग्रेस ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से छात्रों पर कथित लाठीचार्ज और पेलेट गन के इस्तेमाल को लेकर सार्वजनिक माफी मांगने की मांग की। पार्टी ने कहा, 'नरेंद्र मोदी को देश के युवाओं से माफी मांगनी चाहिए।' पार्टी ने स्पष्ट किया कि शिक्षा व्यवस्था में व्यापक सुधार होने तक यह संघर्ष जारी रहेगा।

प्रधान ने क्यों दिया इस्तीफा

धर्मेंद्र प्रधान ने इस्तीफा सौंपते हुए एक्स पर लिखा कि 'राष्ट्रसेवा मेरे जीवन की सर्वोच्च प्राथमिकता है।' उन्होंने कहा कि वे पिछले चार दशकों से छात्र, शिक्षक और शिक्षा सुधार के लिए समर्पित रहे हैं। प्रधान ने बताया कि 3 मई को आयोजित नीट-यूजी परीक्षा में अनियमितताएं सामने आने के बाद केंद्र सरकार ने तत्काल जांच सीबीआई को सौंपी, परीक्षा रद्द की और दोबारा परीक्षा कराने का फैसला लिया।

उन्होंने यह भी बताया कि अगले वर्ष से नीट परीक्षा को कंप्यूटर आधारित टेस्ट (सीबीटी) मोड में आयोजित करने का निर्णय लिया गया है। प्रधान ने कहा कि उन्होंने शुरू से ही पूरे मामले की जिम्मेदारी ली और यह सुनिश्चित करने का प्रयास किया कि परीक्षा माफिया की वजह से किसी भी मेधावी छात्र का भविष्य प्रभावित न हो।

जंतर-मंतर विरोध का संदर्भ

अपने इस्तीफे में प्रधान ने जंतर-मंतर पर पिछले कई दिनों से चल रहे विरोध प्रदर्शनों का उल्लेख करते हुए कहा कि वे नहीं चाहते कि देश के युवाओं का भविष्य राजनीतिक विवादों या कानूनी पेचीदगियों में उलझे। यह ऐसे समय में आया है जब नीट विवाद ने पूरे देश में शिक्षा व्यवस्था की पारदर्शिता पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। गौरतलब है कि यह मामला सर्वोच्च न्यायालय में भी विचाराधीन है।

आने वाले दिनों में नए शिक्षा मंत्री की नियुक्ति और नीट सुधारों की दिशा पर सरकार का रुख स्पष्ट होना बाकी है।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन असली सवाल यह है कि क्या मंत्री बदलने से परीक्षा तंत्र की संरचनात्मक खामियां दूर होंगी। सीबीटी मोड की घोषणा स्वागत योग्य है, मगर बिना मज़बूत निगरानी ढांचे के यह भी एक और नीतिगत वादा बनकर रह सकती है। कांग्रेस का 'जीत' का दावा राजनीतिक रूप से सुविधाजनक है, लेकिन यह नहीं बताता कि पार्टी के पास परीक्षा सुधार का कोई ठोस वैकल्पिक खाका है या नहीं। जंतर-मंतर से संसद तक गूंजा यह आक्रोश असली बदलाव तभी लाएगा जब जवाबदेही व्यक्ति तक सीमित न रहकर पूरी परीक्षा प्रशासन प्रणाली तक पहुंचे।
RashtraPress
25 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

धर्मेंद्र प्रधान ने इस्तीफा क्यों दिया?
धर्मेंद्र प्रधान ने 25 जुलाई को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को इस्तीफा सौंपा, जिसकी पृष्ठभूमि में 3 मई को आयोजित नीट-यूजी परीक्षा में सामने आई अनियमितताएं और देशभर में हुए छात्र विरोध प्रदर्शन थे। उन्होंने कहा कि वे नहीं चाहते कि युवाओं का भविष्य राजनीतिक विवादों में उलझे।
कांग्रेस ने प्रधान के इस्तीफे पर क्या कहा?
कांग्रेस ने इसे देश के युवाओं और जेन-Z की जीत बताया और कहा कि राहुल गांधी के नेतृत्व में पार्टी पहले दिन से छात्रों के लिए न्याय की लड़ाई लड़ रही है। पार्टी ने प्रधानमंत्री मोदी से छात्रों पर कथित लाठीचार्ज और पेलेट गन के इस्तेमाल पर माफी मांगने की भी मांग की।
नीट-यूजी परीक्षा में क्या अनियमितताएं सामने आईं?
3 मई को आयोजित नीट-यूजी परीक्षा में पेपर लीक की अनियमितताएं सामने आईं, जिसके बाद केंद्र सरकार ने जांच सीबीआई को सौंपी और परीक्षा रद्द कर दोबारा परीक्षा कराने का फैसला लिया। यह मामला सर्वोच्च न्यायालय में भी विचाराधीन है।
नीट परीक्षा में आगे क्या बदलाव होंगे?
सरकार ने घोषणा की है कि अगले वर्ष से नीट परीक्षा कंप्यूटर आधारित टेस्ट (सीबीटी) मोड में आयोजित की जाएगी। यह बदलाव परीक्षा की पारदर्शिता और सुरक्षा सुनिश्चित करने के उद्देश्य से किया जा रहा है।
जंतर-मंतर पर किस बात का विरोध हो रहा था?
नीट पेपर लीक और परीक्षा अनियमितताओं के विरोध में छात्र जंतर-मंतर पर कई दिनों से प्रदर्शन कर रहे थे। प्रधान ने अपने इस्तीफे में इन्हीं विरोध प्रदर्शनों का उल्लेख करते हुए कहा कि वे युवाओं के भविष्य को विवादों में नहीं उलझाना चाहते।
राष्ट्र प्रेस
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