9 अगस्त 2026
LIVE
Get it on Google Play Download on the App Store

नीट विवाद पर धर्मेंद्र प्रधान का बयान: 'कुछ लोगों ने जेन-जी को गुमराह करने की कोशिश की'

शेयर करें:
ऑडियो वॉइस लोड हो रही है…
नीट विवाद पर धर्मेंद्र प्रधान का बयान: 'कुछ लोगों ने जेन-जी को गुमराह करने की कोशिश की'

सारांश

नीट पेपर लीक विवाद में इस्तीफे के बाद पहले सार्वजनिक भाषण में धर्मेंद्र प्रधान ने संबलपुर में कहा कि कुछ तत्वों ने देश के 20 करोड़ युवाओं को भटकाने की कोशिश की। साथ ही उन्होंने ओडिशा के सम्मान और जेन-जी की ताकत में अपना अटूट विश्वास जताया।

मुख्य बातें

पूर्व केंद्रीय मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने 9 अगस्त को संबलपुर के गंगाधर मेहर विश्वविद्यालय में नीट विवाद के बाद अपना पहला सार्वजनिक भाषण दिया।
प्रधान ने कहा कि कुछ लोगों ने नीट विरोध प्रदर्शन के दौरान देश के 20 करोड़ जेन-जी को गुमराह करने की कोशिश की।
उन्होंने बताया कि युवाओं की ताकत की बात उन्होंने प्रधानमंत्री से साझा की, जिसके बाद PM ने युवाओं से सीधे संवाद का निर्णय लिया।
प्रधान ने 12 वर्षों की केंद्रीय मंत्री सेवा का हवाला देते हुए 4.5 करोड़ ओडिया लोगों के सम्मान की रक्षा का संकल्प दोहराया।
नीट-यूजी पेपर लीक विवाद में छात्र आंदोलन के बाद प्रधान ने शिक्षा मंत्री पद से इस्तीफा दिया था।

वरिष्ठ भारतीय जनता पार्टी (BJP) नेता और पूर्व केंद्रीय मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने 9 अगस्त को संबलपुर के गंगाधर मेहर विश्वविद्यालय में आयोजित एक कार्यक्रम में कहा कि नीट पेपर लीक विवाद के दौरान हुए विरोध प्रदर्शनों में कुछ तत्वों ने देश की युवा पीढ़ी — जेन-जी — को भटकाने का प्रयास किया। नीट विवाद में छात्रों के विरोध के बाद केंद्रीय मंत्री पद से इस्तीफा देने के बाद यह उनका पहला प्रमुख सार्वजनिक संबोधन था।

मुख्य बयान और संदर्भ

प्रधान ने कार्यक्रम में कहा, 'मेरा मानना है कि कुछ लोगों ने हमारे जेन-जी को गुमराह करने की कोशिश की।' उन्होंने स्पष्ट किया कि यह मसला उनके लिए व्यक्तिगत प्रतिष्ठा का नहीं था। उनके अनुसार देश के करीब 20 करोड़ युवा ही वह शक्ति हैं जो भारत को 'विश्वगुरु' बनाने में निर्णायक भूमिका निभाएंगे।

उन्होंने कहा, 'अगर 20 करोड़ युवा एकजुट होकर दृढ़ निश्चय कर लें, तो उनके सामूहिक संकल्प के सामने मेरी भूमिका बहुत छोटी हो जाती है।' यह टिप्पणी उस समय आई जब नीट पेपर लीक को लेकर देशभर में छात्रों का आक्रोश चरम पर था।

प्रधानमंत्री से संवाद और युवाओं की भूमिका

प्रधान ने बताया कि उन्होंने युवाओं की इस ताकत की बात प्रधानमंत्री से भी साझा की थी, जिसके बाद प्रधानमंत्री ने स्वयं युवाओं से सीधे संवाद करने का निर्णय लिया। उन्होंने यह भी कहा कि देश के स्वतंत्रता सेनानी भी अपने समय के जेन-जी थे, जिन्होंने राष्ट्र के लिए सर्वोच्च बलिदान दिया। प्रधान ने माना कि जेन-जी की ऊर्जा और सक्रियता ने उन्हें भी प्रभावित किया है।

ओडिशा और राज्य के सम्मान पर बयान

इसी दिन संबलपुर में एक अन्य सार्वजनिक कार्यक्रम में प्रधान ने कहा कि भगवान जगन्नाथ और ओडिशा की जनता के आशीर्वाद से उन्होंने 12 वर्षों तक केंद्रीय मंत्री के रूप में सेवा की। उन्होंने कहा, 'मैंने कभी 4.5 करोड़ ओडिया लोगों का सिर शर्म से नहीं झुकाया। मुझे भगवान जगन्नाथ और माँ समलेश्वरी का आशीर्वाद प्राप्त है। जब तक मैं जिंदा हूं, मैं राज्य के सम्मान को कभी ठेस नहीं पहुंचाऊंगा।'

दोनों कार्यक्रमों में बड़ी संख्या में छात्र और स्थानीय नागरिक उपस्थित थे।

नीट विवाद की पृष्ठभूमि

गौरतलब है कि नीट-यूजी 2024 पेपर लीक विवाद ने देशभर में व्यापक छात्र आंदोलन को जन्म दिया था। इस विवाद के केंद्र में रहते हुए धर्मेंद्र प्रधान ने तत्कालीन शिक्षा मंत्री के रूप में इस्तीफा दिया था। यह ऐसे समय में आया जब परीक्षा प्रणाली की विश्वसनीयता पर गंभीर सवाल उठ रहे थे और लाखों छात्रों का भविष्य दांव पर था।

आगे की राह

प्रधान के इस पहले सार्वजनिक संबोधन को राजनीतिक हलकों में उनकी सक्रिय वापसी के संकेत के रूप में देखा जा रहा है। उन्होंने राष्ट्रहित को सर्वोपरि बताते हुए युवाओं के प्रति अपनी प्रतिबद्धता दोहराई, जो आने वाले समय में उनकी राजनीतिक भूमिका की दिशा तय कर सकती है।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन यह उस मूल प्रश्न को टालता है जो लाखों छात्र पूछ रहे थे: परीक्षा प्रणाली में सेंध कैसे लगी? विरोध को 'बाहरी प्रभाव' का परिणाम बताना उस वैध आक्रोश को कमज़ोर करता है जो पेपर लीक की पुष्टि के बाद स्वाभाविक रूप से उभरा था। यह ऐसे समय में आया है जब सरकार परीक्षा सुधारों पर काम कर रही है — और जवाबदेही से ध्यान हटाकर युवाओं की 'ताकत' पर केंद्रित करना एक सुविधाजनक कथा-बदलाव है जिसे मीडिया को बारीकी से परखना चाहिए।
RashtraPress
9 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

धर्मेंद्र प्रधान ने जेन-जी को गुमराह करने वाली बात क्यों कही?
प्रधान ने संबलपुर में कहा कि नीट पेपर लीक विवाद के दौरान हुए विरोध प्रदर्शनों में कुछ तत्वों ने देश के युवाओं को भटकाने की कोशिश की। यह बयान नीट विवाद में शिक्षा मंत्री पद से इस्तीफे के बाद उनके पहले सार्वजनिक भाषण का हिस्सा था।
धर्मेंद्र प्रधान ने नीट विवाद में इस्तीफा क्यों दिया था?
नीट-यूजी 2024 पेपर लीक विवाद के बाद देशभर में छात्रों का व्यापक विरोध प्रदर्शन हुआ था। इस दबाव के बीच धर्मेंद्र प्रधान ने केंद्रीय शिक्षा मंत्री पद से इस्तीफा दिया था।
प्रधान ने देश के युवाओं के बारे में क्या कहा?
प्रधान ने कहा कि देश के करीब 20 करोड़ जेन-जी ही वह शक्ति हैं जो भारत को 'विश्वगुरु' बनाएंगे। उन्होंने यह भी कहा कि यदि ये युवा एकजुट होकर संकल्प लें, तो उनके सामने किसी भी मंत्री की भूमिका गौण हो जाती है।
धर्मेंद्र प्रधान ने ओडिशा के बारे में क्या कहा?
प्रधान ने कहा कि भगवान जगन्नाथ और ओडिशा की जनता के आशीर्वाद से उन्होंने 12 वर्षों तक केंद्रीय मंत्री के रूप में सेवा की और कभी 4.5 करोड़ ओडिया लोगों का सिर शर्म से नहीं झुकने दिया। उन्होंने राज्य के सम्मान की रक्षा का संकल्प दोहराया।
क्या प्रधानमंत्री ने नीट विवाद के बाद युवाओं से संवाद किया?
धर्मेंद्र प्रधान के अनुसार उन्होंने युवाओं की ताकत की बात प्रधानमंत्री से साझा की, जिसके बाद प्रधानमंत्री ने स्वयं युवाओं से सीधे संवाद करने का निर्णय लिया। हालांकि इस संवाद का विस्तृत ब्यौरा उन्होंने सार्वजनिक रूप से नहीं दिया।
राष्ट्र प्रेस
सिलसिला

जुड़े बिंदु

इस ख़बर के पीछे की कड़ियाँ — सबसे नई पहले।

8 बिंदु
  1. नवीनतम 1 सप्ताह पहले
  2. 1 सप्ताह पहले
  3. 2 सप्ताह पहले
  4. 2 सप्ताह पहले
  5. 2 सप्ताह पहले
  6. 2 सप्ताह पहले
  7. 2 सप्ताह पहले
  8. 2 सप्ताह पहले