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शायना एनसी का तीखा प्रहार: संजय राउत 'फुल टाइम साजिशकर्ता, पार्ट टाइम सांसद'

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शायना एनसी का तीखा प्रहार: संजय राउत 'फुल टाइम साजिशकर्ता, पार्ट टाइम सांसद'

सारांश

शिवसेना प्रवक्ता शायना एनसी ने संजय राउत को 'फुल टाइम साजिशकर्ता, पार्ट टाइम सांसद' कहकर सीधा निशाना साधा। ईवीएम, एसआईआर, जमुई घटना और यूसीसी समेत कई मुद्दों पर उनके बयान ने महाराष्ट्र की राजनीति में नई बहस छेड़ दी है।

मुख्य बातें

शायना एनसी ने 23 सितंबर 2026 को संजय राउत को 'फुल टाइम कॉन्सपिरेसी थ्योरिस्ट और पार्ट टाइम सांसद' करार दिया।
उन्होंने कहा कि राउत ईवीएम और चुनाव आयोग पर लगातार सवाल उठाकर लोकतांत्रिक प्रक्रिया को कमजोर कर रहे हैं।
जमुई नाबालिग घटना को 'दुखद और शर्मनाक' बताते हुए दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की माँग की।
मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार की एसआईआर प्रक्रिया का बचाव करते हुए मतदाता सूची शुद्धि को जरूरी बताया।
मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस और उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे महाराष्ट्र सूखा प्रभावित जिलों का दौरा कर रहे हैं।
यूसीसी की आवश्यकता पर जोर देते हुए बेटे-बेटी को उत्तराधिकार में समान अधिकार की वकालत की।

शिवसेना प्रवक्ता शायना एनसी ने 23 सितंबर 2026 को मुंबई में शिवसेना (यूबीटी) के वरिष्ठ नेता संजय राउत पर तीखा हमला बोलते हुए कहा कि वे 'फुल टाइम कॉन्सपिरेसी थ्योरिस्ट और पार्ट टाइम सांसद' बन चुके हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि राउत हर सुबह प्रेस कॉन्फ्रेंस कर चुनाव आयोग, ईवीएम और चुनावी प्रक्रिया पर अनावश्यक सवाल उठाते हैं।

ईवीएम और चुनाव आयोग पर विवाद

शायना एनसी ने कहा कि राउत को चुनाव आयोग, ईवीएम और चुनावी प्रक्रिया से लगातार आपत्ति रहती है। उन्होंने सवाल उठाया कि जब जनता ईवीएम पर वोट देती है तो उस पर प्रश्नचिह्न लगाए जाते हैं, और जब जनता किसी नेता को चुनती है तो उस जनादेश पर भी आपत्ति जताई जाती है। उनके अनुसार, यह रवैया लोकतांत्रिक प्रक्रिया के प्रति अविश्वास का प्रतीक है।

एसआईआर प्रक्रिया और मुख्य चुनाव आयुक्त पर टिप्पणी

मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार और विशेष सारांश पुनरीक्षण (एसआईआर) प्रक्रिया पर विपक्ष के सवालों पर शायना ने कहा कि विपक्ष का काम केवल निशाना साधना नहीं होना चाहिए। उन्होंने एसआईआर को मतदाता सूची की शुद्धि की आवश्यक प्रक्रिया बताया — जिसमें मृत मतदाताओं, स्थानांतरित नागरिकों और कथित फर्जी मतदाताओं के नामों की जाँच शामिल है। उन्होंने स्पष्ट किया कि किसी को आपत्ति है तो निर्धारित अवधि में शिकायत दर्ज कराई जा सकती है।

जमुई घटना और महिला सुरक्षा पर कड़ा रुख

बिहार के जमुई में नाबालिग से जुड़ी घटना को शायना एनसी ने दुखद और शर्मनाक करार दिया। उन्होंने कहा कि घटना के दौरान मदद करने के बजाय कुछ लोग वीडियो बनाते रहे, जो नैतिक रूप से अक्षम्य है। उनके अनुसार, उपस्थित लोगों की भी नैतिक जिम्मेदारी बनती है और महिलाओं के प्रति पुरुष प्रधान मानसिकता को किसी भी कीमत पर स्वीकार नहीं किया जा सकता। दोषियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की माँग करते हुए उन्होंने इसे समाज की सामूहिक जिम्मेदारी बताया।

ईडी जाँच, यूसीसी और अन्य मुद्दे

सोनिया गांधी और राहुल गांधी द्वारा प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) की कार्रवाई पर आपत्ति जताए जाने के सवाल पर शायना एनसी ने कहा कि जाँच एजेंसियों को अपना काम करने देना चाहिए। उन्होंने कहा कि यदि कोई गलत काम नहीं हुआ है तो जाँच प्रक्रिया में सहयोग करना चाहिए और साक्ष्यों के आधार पर स्थिति स्पष्ट हो जाएगी। मुस्लिम पर्सनल लॉ के उत्तराधिकार प्रावधानों पर शायना ने बेटे और बेटी को समान अधिकार देने की वकालत करते हुए समान नागरिक संहिता (यूसीसी) की आवश्यकता पर जोर दिया।

महाराष्ट्र सूखा और दिल्ली अवैध निर्माण

महाराष्ट्र में सूखे जैसी स्थिति पर शायना एनसी ने बताया कि मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस और उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे विभिन्न जिलों का दौरा कर हालात का जायजा ले रहे हैं। उनके अनुसार, जमीनी समीक्षा के बाद सरकार किसानों के हित में उचित निर्णय लेगी। दिल्ली में अवैध निर्माण पर कार्रवाई के सवाल पर उन्होंने कहा कि चाहे मंदिर हो या मस्जिद, प्रशासन को कानून के अनुसार ही कदम उठाने चाहिए। प्रधानमंत्री की मिमिक्री विवाद पर उनका कहना था कि हास्य की अपनी जगह है, लेकिन प्रधानमंत्री पद की संवैधानिक गरिमा का सम्मान भी अनिवार्य है।

संपादकीय दृष्टिकोण

जो 2022 की पार्टी टूट के बाद से लगातार तेज होती जा रही है। राउत पर 'साजिशकर्ता' का ठप्पा लगाना एक सुनियोजित राजनीतिक कथा है — लेकिन इसकी काट यह है कि ईवीएम और एसआईआर जैसे मुद्दे केवल उद्धव गुट तक सीमित नहीं, बल्कि कई राष्ट्रीय विपक्षी दलों की साझा चिंता है। सत्तारूढ़ शिवसेना के लिए असली चुनौती यह है कि वह महाराष्ट्र के सूखे और किसान संकट जैसे ठोस जमीनी मुद्दों पर जनता को जवाब दे — विपक्षी नेताओं को लेबल करने से वोटर की समस्या हल नहीं होती।
RashtraPress
24 सितंबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

शायना एनसी ने संजय राउत को 'फुल टाइम साजिशकर्ता' क्यों कहा?
शिवसेना प्रवक्ता शायना एनसी ने 23 सितंबर 2026 को कहा कि संजय राउत हर सुबह प्रेस कॉन्फ्रेंस कर ईवीएम, चुनाव आयोग और चुनावी जनादेश पर सवाल उठाते हैं, जिससे वे 'फुल टाइम कॉन्सपिरेसी थ्योरिस्ट और पार्ट टाइम सांसद' बन गए हैं। उनके अनुसार, यह रवैया लोकतांत्रिक प्रक्रिया के प्रति अनावश्यक अविश्वास पैदा करता है।
एसआईआर (SIR) प्रक्रिया क्या है और इस पर विवाद क्यों है?
एसआईआर यानी विशेष सारांश पुनरीक्षण, मतदाता सूची को अद्यतन करने की चुनाव आयोग की प्रक्रिया है जिसमें मृत, स्थानांतरित और कथित फर्जी मतदाताओं के नाम हटाए जाते हैं। विपक्षी दलों ने इस पर आपत्ति जताई है, जबकि शायना एनसी ने इसे जरूरी और पारदर्शी प्रक्रिया बताया है।
जमुई नाबालिग घटना पर शायना एनसी का क्या कहना है?
शायना एनसी ने बिहार के जमुई में नाबालिग से जुड़ी घटना को दुखद और शर्मनाक बताया। उन्होंने कहा कि घटना के दौरान मदद के बजाय वीडियो बनाना नैतिक रूप से अक्षम्य है और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई होनी चाहिए।
महाराष्ट्र में सूखे की स्थिति पर सरकार क्या कर रही है?
शायना एनसी के अनुसार, मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस और उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे सूखा प्रभावित जिलों का दौरा कर जमीनी स्थिति का जायजा ले रहे हैं। समीक्षा के बाद सरकार किसानों के हित में उचित निर्णय लेगी।
शायना एनसी ने यूसीसी पर क्या कहा?
शायना एनसी ने मुस्लिम पर्सनल लॉ के उत्तराधिकार प्रावधानों का जिक्र करते हुए कहा कि बेटे और बेटी को संपत्ति में समान अधिकार मिलना चाहिए। उन्होंने समानता के आधार पर समान नागरिक संहिता (यूसीसी) लागू करने की जरूरत पर जोर दिया।
राष्ट्र प्रेस
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