14 अक्टूबर 2026
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एसआईआर पर शायना एनसी का विपक्ष पर तंज: 'राहुल गांधी 2029 की हार का बहाना अभी से ढूंढ रहे'

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एसआईआर पर शायना एनसी का विपक्ष पर तंज: 'राहुल गांधी 2029 की हार का बहाना अभी से ढूंढ रहे'

सारांश

शिवसेना प्रवक्ता शायना एनसी ने एसआईआर का विरोध कर रहे विपक्ष को आड़े हाथों लिया और राहुल गांधी पर 2029 की हार का बहाना अभी से तैयार करने का आरोप लगाया। उनका कहना था कि संवैधानिक प्रक्रिया पर सवाल उठाना विपक्ष की बहानेबाजी है, असली मुद्दे से ध्यान भटकाने की कोशिश।

मुख्य बातें

शिवसेना प्रवक्ता शायना एनसी ने 14 अक्टूबर 2026 को मुंबई से एसआईआर पर विपक्ष की आलोचना की।
उन्होंने आरोप लगाया कि विपक्ष एसआईआर का विरोध कर अवैध रूप से रह रहे लोगों के हित साधना चाहता है।
राहुल गांधी पर निशाना — 2029 लोकसभा चुनाव में हार का बहाना अभी से तलाशने का आरोप।
जंतर-मंतर विरोध प्रदर्शन पर कहा — कोई भी दल कानून तोड़कर प्रदर्शन का अधिकारी नहीं।
कर्नाटक कांग्रेस की गुटबाजी पर भी हमला — कई गुटों में बँटी पार्टी की कलह सार्वजनिक हो रही है।

शिवसेना नेता और प्रवक्ता शायना एनसी ने 14 अक्टूबर 2026 को मुंबई में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) को लेकर विपक्ष पर तीखा हमला बोला। उन्होंने आरोप लगाया कि विपक्ष इस संवैधानिक प्रक्रिया का विरोध कर अवैध रूप से रह रहे लोगों के हितों की रक्षा करने की कोशिश कर रहा है। साथ ही उन्होंने कांग्रेस नेता राहुल गांधी पर निशाना साधते हुए कहा कि विपक्ष 2029 के लोकसभा चुनाव में संभावित हार के लिए अभी से बहाने तलाश रहा है।

एसआईआर पर शायना एनसी का रुख

शायना एनसी ने कहा कि एसआईआर एक संवैधानिक जिम्मेदारी है, जिसे कानून के अनुसार पूरा किया जा रहा है। उनके अनुसार यदि विपक्ष को इस प्रक्रिया पर आपत्ति है, तो उसे संबंधित अधिकारियों के समक्ष अपनी शिकायत दर्ज करानी चाहिए, न कि सार्वजनिक मंचों पर विरोध का नाटक करना चाहिए।

उन्होंने आरोप लगाया कि विपक्ष उन मतदाताओं को बचाना चाहता है जिनके नाम मतदाता सूची में कथित तौर पर अवैध रूप से शामिल हैं। उनका कहना था कि राहुल गांधी का एजेंडा घुसपैठियों, रोहिंग्या और बांग्लादेशी नागरिकों के हितों की रक्षा करना है — हालाँकि ये आरोप शायना एनसी की अपनी राय है, जिसकी स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है।

2029 चुनाव और विपक्ष की 'बहानेबाजी'

शायना एनसी ने कहा कि चुनाव में हार होने पर विपक्ष एसआईआर, इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीन (ईवीएम), चुनाव आयोग, सर्वोच्च न्यायालय, प्रधानमंत्री और यहाँ तक कि जनता को भी जिम्मेदार ठहराने से नहीं चूकता। उन्होंने इन रवैयों को विपक्ष की 'बहानेबाजी' करार दिया।

उन्होंने यह भी कहा कि कांग्रेस को आगामी लोकसभा चुनाव में लगातार चौथी हार का सामना करना पड़ सकता है। उनके अनुसार विपक्ष को संवैधानिक प्रक्रियाओं पर सवाल उठाने के बजाय अपनी राजनीतिक स्थिति और चुनावी रणनीति पर आत्ममंथन करना चाहिए। यह ऐसे समय में आया है जब राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (एनडीए) 2029 के चुनाव में भारी बहुमत से जीत का दावा कर रहा है।

जंतर-मंतर प्रदर्शन पर टिप्पणी

जंतर-मंतर पर हो रहे विरोध प्रदर्शन के मुद्दे पर शायना एनसी ने स्पष्ट किया कि किसी भी राजनीतिक दल को कानून तोड़कर प्रदर्शन करने का अधिकार नहीं है। उन्होंने कहा कि कानून का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ नियमानुसार एहतियाती कार्रवाई की जा सकती है।

उनका तर्क था कि आम जनता को परेशानी में डालने से कोई भी राजनीतिक दल कानून से ऊपर नहीं हो जाता। उन्होंने प्रदर्शनकारियों को अपने उद्देश्य पर आत्ममंथन करने की सलाह दी।

कर्नाटक कांग्रेस की अंदरूनी कलह

शायना एनसी ने कर्नाटक में कांग्रेस की गुटबाजी पर भी निशाना साधा। उन्होंने कहा कि पार्टी में केवल दो नहीं, बल्कि कई गुट हैं और नेता एक-दूसरे को नीचा दिखाने में लगे हैं। उनके अनुसार पार्टी की अंदरूनी कलह सार्वजनिक हो रही है और आने वाले दिनों में इस खींचतान से जुड़ी और बातें सामने आ सकती हैं।

गौरतलब है कि यह बयान ऐसे समय में आया है जब एसआईआर की प्रक्रिया को लेकर राष्ट्रीय स्तर पर राजनीतिक बहस तेज़ हो रही है और विपक्षी दल इस पर अपनी आपत्तियाँ दर्ज कराने के लिए सड़क से लेकर संसद तक सक्रिय हैं।

संपादकीय दृष्टिकोण

विपक्ष की मंशा को घुसपैठियों की रक्षा से जोड़ दो। समस्या यह है कि एसआईआर पर आपत्तियाँ केवल विपक्षी दलों ने नहीं, बल्कि कई निर्वाचन विशेषज्ञों और नागरिक समाज संगठनों ने भी उठाई हैं। राहुल गांधी पर '2029 का बहाना' वाला तंज राजनीतिक रूप से धारदार ज़रूर है, लेकिन यह एसआईआर की प्रक्रिया की पारदर्शिता और समावेशिता पर उठ रहे ठोस सवालों का जवाब नहीं देता। असली बहस यह होनी चाहिए कि मतदाता सूची शुद्धिकरण में वैध मतदाताओं का नाम गलती से न हटे — और उस जवाबदेही से ध्यान हटाने के लिए घुसपैठी-विमर्श का इस्तेमाल सूचनाप्रद नहीं, भ्रामक है।
RashtraPress
14 अक्टूबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

एसआईआर (विशेष गहन पुनरीक्षण) क्या है और इसका विरोध क्यों हो रहा है?
एसआईआर यानी विशेष गहन पुनरीक्षण मतदाता सूची को अद्यतन और शुद्ध करने की एक संवैधानिक प्रक्रिया है, जिसमें अपात्र या अवैध नाम हटाए और नए पात्र नाम जोड़े जाते हैं। विपक्षी दलों का आरोप है कि इस प्रक्रिया में वैध मतदाताओं के नाम भी गलती से हटाए जा सकते हैं, जबकि शायना एनसी जैसे सत्तारूढ़ नेताओं का कहना है कि विरोध अवैध मतदाताओं को बचाने की कोशिश है।
शायना एनसी ने राहुल गांधी पर क्या आरोप लगाए?
शायना एनसी ने आरोप लगाया कि राहुल गांधी और विपक्ष एसआईआर का विरोध कर घुसपैठियों, रोहिंग्या और बांग्लादेशी नागरिकों के हितों की रक्षा कर रहे हैं। उन्होंने यह भी कहा कि विपक्ष 2029 के लोकसभा चुनाव में संभावित हार के लिए अभी से बहाने तैयार कर रहा है।
जंतर-मंतर प्रदर्शन पर शायना एनसी का क्या कहना था?
शायना एनसी ने कहा कि किसी भी राजनीतिक दल को कानून तोड़कर प्रदर्शन करने का अधिकार नहीं है और कानून उल्लंघन पर नियमानुसार एहतियाती कार्रवाई की जा सकती है। उन्होंने कहा कि आम जनता को परेशान करने से कोई दल कानून से ऊपर नहीं हो जाता।
कर्नाटक कांग्रेस की गुटबाजी पर शायना एनसी ने क्या कहा?
शायना एनसी ने कहा कि कर्नाटक कांग्रेस में केवल दो नहीं, बल्कि कई गुट हैं और नेता आपस में एक-दूसरे को नीचा दिखाने में लगे हैं। उनके अनुसार यह अंदरूनी कलह अब सार्वजनिक हो रही है और आने वाले दिनों में और खुलासे हो सकते हैं।
2029 के लोकसभा चुनाव को लेकर शायना एनसी ने क्या दावा किया?
शायना एनसी ने दावा किया कि 2029 के लोकसभा चुनाव में राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (एनडीए) भारी बहुमत से जीत हासिल करेगा। उन्होंने यह भी कहा कि कांग्रेस को लगातार चौथी हार का सामना करना पड़ सकता है।
राष्ट्र प्रेस
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