क्या राहुल गांधी को एसआईआर का अर्थ नहीं पता? साध्वी प्राची ने उठाया सवाल
सारांश
Key Takeaways
- एसआईआर प्रक्रिया का उद्देश्य नागरिकों की पहचान को मजबूत करना है।
- साध्वी प्राची ने राहुल गांधी पर गंभीर सवाल उठाए हैं।
- विपक्ष का विरोध राजनीतिक लाभ के लिए हो सकता है।
- घुसपैठियों का मुद्दा भी एसआईआर के संदर्भ में महत्वपूर्ण है।
- गृह मंत्रालय ने घुसपैठियों के खिलाफ कार्रवाई की योजना बनाई है।
हरिद्वार, 29 नवंबर (राष्ट्र प्रेस)। चुनाव आयोग देश के विभिन्न राज्यों में मतदाता सूची की विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) प्रक्रिया को प्रभावी ढंग से लागू कर रहा है। इस पर विपक्ष लगातार विरोध प्रदर्शन कर रहा है। इस पर हिंदूवादी नेता साध्वी प्राची ने विपक्ष को निशाने पर लिया है। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी को एसआईआर का सही अर्थ नहीं पता है।
साध्वी प्राची ने समाचार एजेंसी राष्ट्र प्रेस से बातचीत में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी पर तंज करते हुए कहा कि उन्हें यह तक नहीं पता कि एसआईआर का क्या मतलब है। उन्होंने आरोप लगाया कि राहुल गांधी का एकमात्र उद्देश्य प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का विरोध करना है, और अब यह विरोध देश के खिलाफ खड़े होने जैसा बन गया है। साध्वी प्राची ने यह भी कहा कि वे न केवल भारत में, बल्कि विदेशों में जाकर भी देश की छवि को नुकसान पहुंचाने वाले बयान देते हैं।
साध्वी प्राची ने कहा कि राहुल गांधी पहले यह स्पष्ट करें कि क्या उनके पास खुद एसआईआर के लिए आवश्यक दस्तावेज मौजूद हैं या नहीं। कहीं ऐसा न हो कि दस्तावेजों की कमी के कारण वे इसका विरोध कर रहे हों और देश में अनावश्यक हल्ला मचा रहे हों।
उन्होंने कहा कि विपक्ष एसआईआर को लेकर जनता के बीच भ्रम उत्पन्न कर रहा है, जबकि एसआईआर होने से नागरिकों की पहचान और अधिकारों को मजबूत आधार मिलेगा। उन्होंने यह भी दाव किया कि विपक्ष इसकी आड़ में राजनीति कर रहा है और लोगों को गुमराह करने की कोशिश की जा रही है।
साध्वी प्राची ने आरोप लगाया कि पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी और उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव भी इसलिए एसआईआर का विरोध कर रहे हैं क्योंकि उनका वोट बैंक घुसपैठियों पर आधारित है। उन्होंने कहा कि गृह मंत्रालय पहले ही स्पष्ट कर चुका है कि घुसपैठिए भारतीय नागरिकों का अधिकार छीन रहे हैं और उन्हें देश से बाहर निकालना आवश्यक है।
साध्वी प्राची ने कहा कि जैसे ही एसआईआर प्रक्रिया शुरू होती है, देश की सीमाओं पर घुसपैठियों की आवाजाही बढ़ जाती है, क्योंकि उनके पास भारत में रहने का कोई कानूनी आधार नहीं है। उन्होंने यह भी कहा कि राहुल गांधी, ममता बनर्जी और अखिलेश यादव ने राजनीतिक लाभ के लिए इन घुसपैठियों को शरण दी, लेकिन अब एसआईआर के लागू होने से उन्हें बाहर करने की प्रक्रिया तेज हो गई है।