3 अगस्त 2026
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संजय राउत उद्धव की पार्टी तोड़ने पर तुले हैं: मनीषा कायंदे का तीखा हमला

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संजय राउत उद्धव की पार्टी तोड़ने पर तुले हैं: मनीषा कायंदे का तीखा हमला

सारांश

शिवसेना एमएलसी मनीषा कायंदे ने संजय राउत पर सीधा आरोप लगाया कि वह उद्धव ठाकरे की पार्टी पर ताला लगाने की कोशिश कर रहे हैं। राउत की कथित अभद्र भाषा और महायुति की एमएलसी रणनीति — दोनों मुद्दे एक साथ महाराष्ट्र की राजनीति को गरमा रहे हैं।

मुख्य बातें

मनीषा कायंदे ने 18 जून 2026 को संजय राउत पर आरोप लगाया कि वह उद्धव ठाकरे की पार्टी को भीतर से खत्म करने पर तुले हैं।
राउत की 'बागी' सांसदों के खिलाफ कथित अभद्र टिप्पणी — जिसमें माताओं-बहनों का उल्लेख था — पर कायंदे ने कड़ी आपत्ति जताई।
कायंदे ने जी-7 शिखर सम्मेलन में ट्रंप की मोदी-प्रशंसा को 'असली दोस्ती' की कसौटी पर परखा — टैरिफ और वीज़ा समस्याओं के समाधान की माँग की।
शिवसेना की 60वीं वर्षगांठ पर कायंदे ने एकनाथ शिंदे को बालासाहेब ठाकरे की विचारधारा का असली वारिस बताया।
महायुति गठबंधन ने एमएलसी चुनाव में सभी सीटें जीतने का दावा किया; कुछ सीटें पहले ही निर्विरोध जीती जा चुकी हैं।

शिवसेना एमएलसी मनीषा कायंदे ने 18 जून 2026 को शिवसेना (यूबीटी) सांसद संजय राउत पर तीखा हमला बोलते हुए आरोप लगाया कि राउत ने उद्धव ठाकरे की पार्टी को भीतर से खत्म करने की ठान ली है। यह विवाद राउत की 'बागी' सांसदों के खिलाफ कथित अभद्र टिप्पणी के बाद मुंबई की राजनीति में नई गर्मी ले आया है।

मनीषा कायंदे का सीधा आरोप

कायंदे ने कहा, 'यूबीटी में संजय राउत नाम के एक व्यक्ति की व्यवस्था है। ऐसा लगता है कि उन्होंने ठान लिया है कि जब तक वह उद्धव ठाकरे की पार्टी पर ताला नहीं लगवा देते, तब तक रुकेंगे नहीं।' उन्होंने आगे कहा कि राउत जिस तरह की अभद्र भाषा का इस्तेमाल करते हैं — जिसमें माताओं और बहनों के बारे में टिप्पणियाँ भी शामिल हैं — वह चिंताजनक है। कायंदे ने सवाल उठाया कि क्या पार्टी में बने शिवसैनिकों और सांसदों को ऐसे व्यक्ति का प्रतिनिधित्व स्वीकार्य है।

ट्रंप-मोदी प्रशंसा पर कायंदे की शर्त

फ्रांस में आयोजित जी-7 शिखर सम्मेलन में अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की तारीफ किए जाने पर कायंदे ने कहा कि यदि ट्रंप वाकई पीएम मोदी को अपना मित्र और महान नेता मानते हैं, तो उन्हें असल में भारत की मदद करनी चाहिए। उन्होंने कहा, 'उन्हें भारत पर लगाए गए टैरिफ के मुद्दे पर ध्यान देना चाहिए और अमेरिका में काम कर रहे लाखों भारतीय नागरिकों की वीज़ा से जुड़ी समस्याओं को हल करने में मदद करनी चाहिए। अगर वह सच में दोस्त हैं, तो इन मामलों में मदद जरूर करेंगे।'

शिवसेना की 60वीं वर्षगांठ और एकनाथ शिंदे का नेतृत्व

शिवसेना स्थापना दिवस की पूर्व संध्या पर कायंदे ने कहा कि यह 60वीं वर्षगांठ है और आज शिवसेना का नेतृत्व एकनाथ शिंदे कर रहे हैं, जो बालासाहेब ठाकरे की विचारधारा और विजन को आगे बढ़ा रहे हैं। उनके अनुसार, 'भटकी हुई शिवसेना को एकनाथ शिंदे ने सही रास्ते पर लाया है।' यह बयान ऐसे समय में आया है जब शिवसेना के दोनों गुटों के बीच असली उत्तराधिकार की लड़ाई अभी भी जारी है।

एमएलसी चुनाव में महायुति को भरोसा

एमएलसी चुनावों पर कायंदे ने दावा किया कि महायुति गठबंधन अपनी सभी सीटें जीतेगा। उन्होंने बताया कि कुछ सीटें पहले ही निर्विरोध जीती जा चुकी हैं और शेष सीटों के लिए भी जनता का महायुति पर भरोसा बरकरार है। गौरतलब है कि महाराष्ट्र में महायुति गठबंधन — जिसमें भारतीय जनता पार्टी (BJP), शिवसेना (शिंदे गुट) और राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (NCP) शामिल हैं — हाल के विधानसभा चुनावों में बड़ी जीत हासिल कर सत्ता में है।

राजनीतिक पृष्ठभूमि

यह विवाद शिवसेना के 2022 के विभाजन की पृष्ठभूमि में और गहरा हो जाता है, जब एकनाथ शिंदे के नेतृत्व में बहुमत विधायक उद्धव ठाकरे से अलग हो गए थे। तब से दोनों गुट पार्टी के नाम, चुनाव चिह्न और विचारधारा पर अपना-अपना दावा ठोकते आए हैं। राउत की ताज़ा टिप्पणियाँ इस आपसी कटुता की नई कड़ी हैं, और आने वाले चुनावी मौसम में इसका असर महाराष्ट्र की राजनीति पर पड़ना तय माना जा रहा है।

संपादकीय दृष्टिकोण

यह भी ध्यान देने योग्य है कि महायुति खेमे में भी आंतरिक समन्वय की चुनौतियाँ रही हैं, जिन पर यह बयान ध्यान नहीं जाने देता। ट्रंप-मोदी प्रसंग पर कायंदे की टिप्पणी दिलचस्प है — वह एक साथ मोदी की तारीफ भी करती हैं और अमेरिका से व्यावहारिक लाभ की माँग भी, जो मतदाताओं को एक संतुलित राष्ट्रवादी संदेश देने की कोशिश दिखती है।
RashtraPress
3 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

मनीषा कायंदे ने संजय राउत पर क्या आरोप लगाए?
कायंदे ने आरोप लगाया कि संजय राउत उद्धव ठाकरे की पार्टी को भीतर से खत्म करने पर तुले हैं और वह माताओं-बहनों के बारे में अभद्र टिप्पणियाँ करते हैं। उन्होंने सवाल किया कि क्या पार्टी के शिवसैनिकों और सांसदों को ऐसे व्यक्ति का प्रतिनिधित्व स्वीकार्य है।
शिवसेना की 60वीं वर्षगांठ पर कायंदे ने क्या कहा?
कायंदे ने कहा कि शिवसेना की 60वीं वर्षगांठ पर एकनाथ शिंदे बालासाहेब ठाकरे की विचारधारा और विजन को आगे बढ़ा रहे हैं। उनके अनुसार शिंदे ने 'भटकी हुई शिवसेना' को सही रास्ते पर लाया है।
ट्रंप की मोदी-प्रशंसा पर कायंदे ने क्या माँग की?
जी-7 सम्मेलन में ट्रंप की तारीफ के बाद कायंदे ने कहा कि यदि ट्रंप सच में पीएम मोदी को दोस्त मानते हैं तो उन्हें भारत पर लगाए गए टैरिफ हटाने और अमेरिका में काम कर रहे लाखों भारतीयों की वीज़ा समस्याएँ सुलझाने में मदद करनी चाहिए।
महायुति को एमएलसी चुनाव में कितनी सीटों का भरोसा है?
कायंदे ने दावा किया कि महायुति गठबंधन अपनी सभी एमएलसी सीटें जीतेगा और कुछ सीटें पहले ही निर्विरोध जीती जा चुकी हैं। उन्होंने कहा कि महाराष्ट्र की जनता का महायुति पर भरोसा बरकरार है।
शिवसेना के दोनों गुटों में विवाद की जड़ क्या है?
2022 में एकनाथ शिंदे के नेतृत्व में बहुमत विधायकों के उद्धव ठाकरे से अलग होने के बाद शिवसेना दो गुटों में बँट गई। तब से दोनों पक्ष पार्टी के नाम, चुनाव चिह्न और बालासाहेब ठाकरे की विचारधारा के असली वारिस होने का दावा करते आए हैं।
राष्ट्र प्रेस
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