संजय राउत उद्धव की पार्टी तोड़ने पर तुले हैं: मनीषा कायंदे का तीखा हमला
सारांश
मुख्य बातें
शिवसेना एमएलसी मनीषा कायंदे ने 18 जून 2026 को शिवसेना (यूबीटी) सांसद संजय राउत पर तीखा हमला बोलते हुए आरोप लगाया कि राउत ने उद्धव ठाकरे की पार्टी को भीतर से खत्म करने की ठान ली है। यह विवाद राउत की 'बागी' सांसदों के खिलाफ कथित अभद्र टिप्पणी के बाद मुंबई की राजनीति में नई गर्मी ले आया है।
मनीषा कायंदे का सीधा आरोप
कायंदे ने कहा, 'यूबीटी में संजय राउत नाम के एक व्यक्ति की व्यवस्था है। ऐसा लगता है कि उन्होंने ठान लिया है कि जब तक वह उद्धव ठाकरे की पार्टी पर ताला नहीं लगवा देते, तब तक रुकेंगे नहीं।' उन्होंने आगे कहा कि राउत जिस तरह की अभद्र भाषा का इस्तेमाल करते हैं — जिसमें माताओं और बहनों के बारे में टिप्पणियाँ भी शामिल हैं — वह चिंताजनक है। कायंदे ने सवाल उठाया कि क्या पार्टी में बने शिवसैनिकों और सांसदों को ऐसे व्यक्ति का प्रतिनिधित्व स्वीकार्य है।
ट्रंप-मोदी प्रशंसा पर कायंदे की शर्त
फ्रांस में आयोजित जी-7 शिखर सम्मेलन में अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की तारीफ किए जाने पर कायंदे ने कहा कि यदि ट्रंप वाकई पीएम मोदी को अपना मित्र और महान नेता मानते हैं, तो उन्हें असल में भारत की मदद करनी चाहिए। उन्होंने कहा, 'उन्हें भारत पर लगाए गए टैरिफ के मुद्दे पर ध्यान देना चाहिए और अमेरिका में काम कर रहे लाखों भारतीय नागरिकों की वीज़ा से जुड़ी समस्याओं को हल करने में मदद करनी चाहिए। अगर वह सच में दोस्त हैं, तो इन मामलों में मदद जरूर करेंगे।'
शिवसेना की 60वीं वर्षगांठ और एकनाथ शिंदे का नेतृत्व
शिवसेना स्थापना दिवस की पूर्व संध्या पर कायंदे ने कहा कि यह 60वीं वर्षगांठ है और आज शिवसेना का नेतृत्व एकनाथ शिंदे कर रहे हैं, जो बालासाहेब ठाकरे की विचारधारा और विजन को आगे बढ़ा रहे हैं। उनके अनुसार, 'भटकी हुई शिवसेना को एकनाथ शिंदे ने सही रास्ते पर लाया है।' यह बयान ऐसे समय में आया है जब शिवसेना के दोनों गुटों के बीच असली उत्तराधिकार की लड़ाई अभी भी जारी है।
एमएलसी चुनाव में महायुति को भरोसा
एमएलसी चुनावों पर कायंदे ने दावा किया कि महायुति गठबंधन अपनी सभी सीटें जीतेगा। उन्होंने बताया कि कुछ सीटें पहले ही निर्विरोध जीती जा चुकी हैं और शेष सीटों के लिए भी जनता का महायुति पर भरोसा बरकरार है। गौरतलब है कि महाराष्ट्र में महायुति गठबंधन — जिसमें भारतीय जनता पार्टी (BJP), शिवसेना (शिंदे गुट) और राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (NCP) शामिल हैं — हाल के विधानसभा चुनावों में बड़ी जीत हासिल कर सत्ता में है।
राजनीतिक पृष्ठभूमि
यह विवाद शिवसेना के 2022 के विभाजन की पृष्ठभूमि में और गहरा हो जाता है, जब एकनाथ शिंदे के नेतृत्व में बहुमत विधायक उद्धव ठाकरे से अलग हो गए थे। तब से दोनों गुट पार्टी के नाम, चुनाव चिह्न और विचारधारा पर अपना-अपना दावा ठोकते आए हैं। राउत की ताज़ा टिप्पणियाँ इस आपसी कटुता की नई कड़ी हैं, और आने वाले चुनावी मौसम में इसका असर महाराष्ट्र की राजनीति पर पड़ना तय माना जा रहा है।