क्या बीएमसी चुनाव में उद्धव और राज ठाकरे जानबूझकर मेयर पर विवाद कर रहे हैं?

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क्या बीएमसी चुनाव में उद्धव और राज ठाकरे जानबूझकर मेयर पर विवाद कर रहे हैं?

सारांश

बीएमसी चुनावों में उद्धव और राज ठाकरे के बीच चल रहे विवाद को लेकर शिवसेना नेता मनीषा कायंदे ने गंभीर आरोप लगाए हैं। क्या यह राजनीतिक खेल चुनावी रणनीति का हिस्सा है? जानिए पूरी कहानी।

Key Takeaways

  • बीएमसी चुनाव में विवाद गहराता जा रहा है।
  • मनीषा कायंदे के अनुसार, उद्धव और राज ठाकरे जानबूझकर विवाद खड़ा कर रहे हैं।
  • जनता इस बार इन नेताओं के बहकावे में नहीं आने वाली।
  • शिवसेना (यूबीटी) की स्थिति मजबूत है।
  • बांग्लादेश में हिंदुओं पर अत्याचार का मुद्दा उठाया गया।

मुंबई, 4 जनवरी (राष्ट्र प्रेस)। बीएमसी चुनावों और मेयर के मुद्दे पर चल रहा विवाद समाप्त होने का नाम नहीं ले रहा है। शिवसेना की नेता मनीषा कायंदे ने उद्धव और राज ठाकरे पर जानबूझकर विवाद उत्पन्न करने का आरोप लगाया है।

शिवसेना की नेता मनीषा कायंदे ने समाचार एजेंसी राष्ट्र प्रेस से बातचीत में कहा, "उद्धव ठाकरे और राज ठाकरे जानबूझकर यह विवाद खड़ा कर रहे हैं। इसमें कोई संदेह नहीं है कि मुंबई का मेयर स्वाभाविक रूप से मराठी बोलने वाला ही होगा। इसके बावजूद, ये लोग जनता को गुमराह करने का प्रयास कर रहे हैं।"

उन्होंने बताया कि जनता पहले से जानती है कि कौन विकास करेगा और कौन धोखा देगा, इसलिए वे इनके बहकावे में नहीं आने वाली हैं। बीएमसी के चुनाव में हमारी पार्टी विजयी होगी। उनकी एक सीट भी नहीं आएगी।

शिवसेना (यूबीटी) के विधायक आदित्य ठाकरे और एमएनएस के नेता अमित ठाकरे के प्रजेंटेशन पर मनीषा कायंदे ने कहा, "कल कुछ बच्चे पीपीटी प्रजेंटेशन दे रहे थे। उनकी तैयारी (होमवर्क) बहुत कम थी। वे जो कह रहे थे, वह केजरीवाल से जुड़े किसी मुद्दे के बारे में था। उन्होंने बिल्कुल भी होमवर्क नहीं किया था। बच्चे एक के बाद एक बोल रहे थे। इस तरह, कुछ लोगों के सामने एक फोटो प्रजेंटेशन दिखाया गया।"

उन्होंने कहा कि आदित्य और अमित ठाकरे जो भी कह रहे थे, उसमें उनका कुछ नहीं था। यहां तक कि उन्हें कोई जानकारी भी नहीं थी।

शाहरुख खान की टीम कोलकाता नाइट राइडर्स (केकेआर) द्वारा बांग्लादेशी खिलाड़ी मुस्तफिजुर रहमान को खरीदने पर मनीषा कायंदे ने कहा, "यह मुद्दा शाहरुख खान के बारे में नहीं है। मुद्दा यह है कि बीसीसीआई ने एक बांग्लादेशी खिलाड़ी के बारे में फैसला लिया है, जिसमें उसे हटाने का सुझाव दिया गया है। इस बीच बांग्लादेश में हमारे हिंदू भाइयों और बहनों पर अत्याचार हो रहे हैं। ऐसी स्थिति में, जिस तरह केंद्र सरकार ने पाकिस्तान के बारे में कड़ा रुख अपनाया है, वैसा ही रुख बांग्लादेश में भी अपेक्षित है।"

Point of View

वे राजनीतिक परिदृश्य में महत्वपूर्ण हैं। इस विवाद का मुख्य उद्देश्य मतदाताओं को प्रभावित करना और चुनावी लाभ उठाना हो सकता है।
NationPress
05/01/2026

Frequently Asked Questions

बीएमसी चुनाव का क्या महत्व है?
बीएमसी चुनाव मुंबई की स्थानीय राजनीति को प्रभावित करते हैं और विकास योजनाओं पर सीधा असर डालते हैं।
क्या उद्धव और राज ठाकरे के बीच यह विवाद नया है?
नहीं, यह विवाद पहले भी कई बार उठ चुका है, लेकिन इस बार यह चुनाव से पहले काफी गहरा गया है।
मनीषा कायंदे का इस विवाद में क्या कहना है?
मनीषा कायंदे का कहना है कि उद्धव और राज ठाकरे जानबूझकर जनता को गुमराह कर रहे हैं।
क्या इस विवाद का चुनाव परिणाम पर असर पड़ेगा?
यह विवाद निश्चित रूप से मतदाताओं की सोच को प्रभावित कर सकता है।
बीसीसीआई और बांग्लादेशी खिलाड़ी के मुद्दे का क्या संबंध है?
मनीषा कायंदे ने इस मुद्दे को भी उठाया है, जहां वह बांग्लादेश में हिंदुओं पर हो रहे अत्याचार की बात कर रही हैं।
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