शिवसेना (यूबीटी) का आरोप: ₹15-15 करोड़ में हो रही सांसदों की खरीद-फरोख्त, राउत बोले — बागियों को नहीं छोड़ेंगे
सारांश
मुख्य बातें
शिवसेना (यूबीटी) के वरिष्ठ नेता संजय राउत ने 17 जून को गंभीर आरोप लगाते हुए दावा किया कि पार्टी के कुछ सांसदों को पाला बदलने के लिए ₹15-15 करोड़ रुपये की पेशकश की गई है और यह रकम रात के अंधेरे में पहुँचाई जा चुकी है। राउत के साथ पार्टी नेता अरविंद सावंत और अनिल देसाई ने भी इन आरोपों को दोहराया। पार्टी ने इस संकट के बीच संसदीय बैठक के लिए व्हिप जारी कर दिया है और लोकसभा अध्यक्ष को पत्र भी लिखा है।
मुख्य घटनाक्रम
राउत ने मीडिया से बातचीत में कहा, 'फिलहाल मुझे लगता है कि सभी साथ हैं और पार्टी एकजुट है। मेरे पास किसी आधिकारिक इस्तीफे या पार्टी छोड़ने की कोई जानकारी नहीं है। हालांकि, मीडिया के जरिए हमें ऐसी खबरें मिल रही हैं।' उन्होंने स्पष्ट किया कि मातोश्री पर उद्धव ठाकरे की अध्यक्षता में हुई बैठक में सभी सांसदों ने पार्टी के साथ रहने की प्रतिबद्धता जताई थी — कुछ व्यक्तिगत रूप से और कुछ वर्चुअली।
राउत ने चेतावनी देते हुए कहा, 'अगर इसके बावजूद कोई शिवसेना से बेइमानी करना चाहता है, तो हम उसे छोड़ेंगे नहीं। बगावत करने वाले सांसद शिवसेना (यूबीटी) के चुनाव चिह्न पर चुने गए हैं।'
₹15 करोड़ और चार्टर्ड विमान का दावा
राउत ने कथित तौर पर दावा किया कि कुछ सांसदों तक ₹15-15 करोड़ रुपये रात को ही पहुँचाए जा चुके हैं और वे चार्टर्ड विमान से रवाना हुए हैं। हालांकि, इन दावों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हो सकी है। उन्होंने एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर लिखा कि एक चार्टर्ड विमान नांदेड़ हवाई अड्डे पर उतरा और 'ऑपरेशन टाइगर' के गुप्त नाम से दो सांसदों को ले गया। राउत ने तंज कसते हुए लिखा, 'उनके पास रिक्शा में यात्रा करने की भी हैसियत नहीं थी। फिर भी, 'ठाकरे' ब्रांड की बदौलत, उनका रुतबा इतना बढ़ गया कि वे निजी जेट में यात्रा कर सकें। हर एक चीज़ का हिसाब रखा जाएगा।'
भाजपा पर सीधा निशाना
राउत ने आरोप लगाया कि भारतीय जनता पार्टी (BJP) महाराष्ट्र में शिवसेना (यूबीटी) को तोड़ने का प्रयास कर रही है। उन्होंने कहा कि जो सांसद पाला बदलना चाहते हैं, उन्हें पहले इस्तीफा देना चाहिए। गौरतलब है कि यह ऐसे समय में आया है जब 2022 में एकनाथ शिंदे के नेतृत्व में हुई बगावत के बाद शिवसेना पहले ही दो धड़ों में बँट चुकी है। भाजपा की ओर से इन आरोपों पर तत्काल कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई।
अन्य नेताओं की प्रतिक्रिया
सांसद अरविंद सावंत ने कहा, 'अगर कोई आकर कुछ भी कहता है, तो उससे कुछ नहीं होगा। पार्टी तो पार्टी होती है। सांसद और विधायक भी पार्टी कैडर का ही हिस्सा होते हैं। अब तक किसी ने हमसे संपर्क नहीं किया है और न ही हमें बताया है कि वे पार्टी छोड़ रहे हैं।' राउत ने एक अन्य पोस्ट में नासिक के सांसद राजाभाऊ वाजे का ज़िक्र करते हुए कहा कि वे इंडस्ट्रीज़ कमिटी की बैठक के लिए दिल्ली गए हैं, लेकिन मीडिया में चल रही खबरें कुछ और ही संकेत दे रही हैं। हिंगोली के सांसद नागेश अष्टेकर ने दावा किया कि वे हिंगोली में हैं और कहा, 'ये लोग मेरे दस्तख़त भी फर्जी बना सकते हैं!'
क्या होगा आगे
शिवसेना (यूबीटी) ने व्हिप जारी कर सभी सांसदों को संसदीय बैठक में उपस्थित रहने के निर्देश दिए हैं। राउत ने साफ कहा कि 'महाराष्ट्र की जनता अब चुप नहीं बैठेगी।' यह देखना होगा कि आने वाले दिनों में पार्टी की एकजुटता बनी रहती है या 2022 की तर्ज पर एक और राजनीतिक उथल-पुथल महाराष्ट्र में आती है।