शिवसेना (यूबीटी) के 6 सांसदों ने बनाया अलग गुट, लोकसभा स्पीकर को दी लिखित सूचना — मंत्री शिरसाट का दावा
सारांश
मुख्य बातें
महाराष्ट्र सरकार के मंत्री संजय शिरसाट ने 18 जून को बड़ा दावा करते हुए कहा कि उद्धव ठाकरे के नेतृत्व वाली शिवसेना (यूबीटी) के 6 लोकसभा सांसदों ने अलग संसदीय गुट बना लिया है और इस संबंध में लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला को लिखित सूचना दे दी गई है। यह दावा ऐसे समय में आया है जब महाराष्ट्र की राजनीति में 'ऑपरेशन टाइगर' को लेकर अटकलों का बाज़ार गर्म है।
मंत्री शिरसाट का दावा
पत्रकारों से बातचीत में संजय शिरसाट ने कहा कि अलग गुट बनाने की प्रक्रिया काफी आगे बढ़ चुकी है। उन्होंने स्पष्ट किया, 'सांसदों ने अलग समूह बनाकर लोकसभा अध्यक्ष को इसकी जानकारी दे दी है। प्रक्रिया पूरी होने के बाद वे तय करेंगे कि किस पार्टी में शामिल होना है।' शिरसाट ने यह भी कहा कि यदि ये सांसद उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे के नेतृत्व वाली शिवसेना में शामिल होना चाहते हैं, तो इस पर अंतिम निर्णय शिंदे ही लेंगे।
शिवसेना (यूबीटी) का पलटवार
संभावित टूट की खबरों के बीच शिवसेना (यूबीटी) के वरिष्ठ नेता एवं राज्यसभा सदस्य संजय राउत और लोकसभा सांसद अरविंद सावंत ने नई दिल्ली में संयुक्त प्रेस कॉन्फ्रेंस कर संभावित बागियों को कड़ा संदेश दिया। दोनों नेताओं ने पार्टी संस्थापक बालासाहेब ठाकरे की विरासत का हवाला देते हुए चेतावनी दी कि पार्टी किसी भी तरह की गद्दारी बर्दाश्त नहीं करेगी और विभाजन की कोशिश करने वालों के खिलाफ राजनीतिक एवं कानूनी दोनों मोर्चों पर लड़ाई लड़ी जाएगी।
बैठक से पहले का माहौल
यह संयुक्त प्रेस कॉन्फ्रेंस नई दिल्ली स्थित संसद कार्यालय में शिवसेना (यूबीटी) संसदीय दल की एक महत्वपूर्ण बैठक से ठीक पहले आयोजित की गई। गौरतलब है कि यह वही दौर है जब 2022 में एकनाथ शिंदे के नेतृत्व में हुई बगावत के बाद शिवसेना पहले ही दो हिस्सों में बंट चुकी है। कथित तौर पर एक और विभाजन की संभावना ने पार्टी के भीतर हलचल बढ़ा दी है।
आगे क्या होगा
फिलहाल सभी की नज़रें उन 6 सांसदों के अगले कदम पर टिकी हैं। यदि ये सांसद औपचारिक रूप से किसी अन्य दल में विलय करते हैं, तो दल-बदल विरोधी कानून के तहत उनकी सदस्यता भी दाँव पर लग सकती है। लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला की ओर से इस लिखित सूचना पर क्या कार्रवाई होती है, यह महाराष्ट्र की राजनीति की अगली दिशा तय करेगा।