उद्धव ठाकरे ने बुलाई आपातकालीन विधायक बैठक, 'ऑपरेशन टाइगर' के बीच 4 विधायक रहे अनुपस्थित
सारांश
मुख्य बातें
शिवसेना (यूबीटी) प्रमुख उद्धव ठाकरे ने सोमवार, 22 जून को मुंबई में पार्टी के सभी विधायकों की एक आपातकालीन बैठक बुलाई — यह कदम तब उठाया गया जब कथित 'ऑपरेशन टाइगर' के तहत पार्टी के लोकसभा सांसदों को तोड़ने की खबरें जोर पकड़ रही थीं। राज्य विधानसभा के मॉनसून सत्र की शुरुआत के साथ हुई इस बैठक में पार्टी के कुल 26 विधायकों (20 एमएलए और 6 एमएलसी) में से 22 मौजूद रहे।
बैठक का संदर्भ और 'ऑपरेशन टाइगर'
राजनीतिक हलचल उस समय और तेज हो गई थी जब नई दिल्ली में हुई पिछले हफ्ते की संसदीय बैठक में पार्टी के नौ लोकसभा सांसदों में से केवल तीन ही व्यक्तिगत रूप से उपस्थित हुए। विरोधी एकनाथ शिंदे गुट ने दावा किया कि शेष यूबीटी सांसदों को अपने पाले में लाने के 'ऑपरेशन' की अंतिम तारीख तय की जा रही है। ठीक उसी समय जब यूबीटी की यह बैठक चल रही थी, एक अलग कार्यक्रम में यूबीटी के छह बागी सांसद आधिकारिक तौर पर शिंदे की शिवसेना में शामिल हो गए।
चार विधायकों की अनुपस्थिति
बैठक में संजय देरकर, राहुल पाटिल और संजय पोटनिस (एमएलए) तथा सुनील शिंदे (एमएलसी) शामिल नहीं हुए। पार्टी के अंदरूनी सूत्रों के अनुसार, इन चारों ने निजी कामों, स्थानीय धार्मिक कार्यक्रमों और हाल ही में संपन्न विधान परिषद चुनाव के नतीजों से जुड़े दायित्वों के कारण पहले ही नेतृत्व से अनुमति ले ली थी। सूत्रों ने उनकी अनुपस्थिति को विशेष महत्व देने से इनकार किया।
ठाकरे के निर्देश और रणनीति
करीब एक घंटे चली इस बैठक में उद्धव ठाकरे ने अपने विधायकों को सदन के भीतर आक्रामक और सुसंगठित तरीके से विपक्ष की भूमिका निभाने का निर्देश दिया। महा विकास अघाड़ी (एमवीए) गठबंधन की नजर विपक्ष के नेता पद पर है, इसलिए ठाकरे ने किसानों के मुद्दे, विदर्भ और मराठवाड़ा में पानी की किल्लत तथा मुंबई से जुड़ी समस्याओं को प्रमुखता से उठाने का आह्वान किया। इसके अलावा, उन्होंने एमएलए और एमएलसी को उन चुनाव क्षेत्रों में सक्रिय रहने का निर्देश दिया जहाँ से सांसदों के पाला बदलने की आशंका है। बैठक का समापन ठाकरे के साथ एकजुटता दर्शाने वाली ग्रुप फोटो से हुआ।
नेताओं की प्रतिक्रिया
शिवसेना (यूबीटी) के एमएलसी अंबादास दानवे ने बैठक के बाद कहा, 'हमें आक्रामक तरीके से काम करने के लिए कहा गया है। हम किसानों के मुद्दों, विदर्भ और मराठवाड़ा जैसे इलाकों में पानी की भारी किल्लत और मुंबई से जुड़ी चिंताओं को मजबूती से उठाएंगे।' वरिष्ठ नेता संजय राउत ने पाला बदलने के दावों को पूरी तरह मनगढ़ंत बताते हुए खारिज किया और कहा कि तीनों लोकसभा सांसद उद्धव ठाकरे के साथ मजबूती से खड़े हैं।
पूर्व मंत्री और विधायक आदित्य ठाकरे ने भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) और मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे पर आरोप लगाया कि वे कामकाज के बजाय राजनीतिक जोड़-तोड़ पर ध्यान दे रहे हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि सत्तारूढ़ गठबंधन के पास कर्मचारियों की सैलरी और कल्याणकारी योजनाओं के लिए धन नहीं है, लेकिन सांसदों को खरीदने के लिए संसाधन हैं। उन्होंने यह भी कहा कि सत्तारूढ़ पक्ष विपक्ष को तोड़कर अंततः संविधान बदलने की कोशिश कर रहा है।
आगे क्या
उद्धव ठाकरे ने 27 जून से 29 जून तक तीन दिवसीय दौरे की घोषणा की है, जिसमें वे उन चुनाव क्षेत्रों का दौरा करेंगे जहाँ से पार्टी के सांसद शिंदे गुट में शामिल हो चुके हैं। यह दौरा पार्टी की जमीनी पकड़ को बनाए रखने की रणनीति का हिस्सा माना जा रहा है।