फडणवीस और उद्धव ठाकरे एक ही फ्लाइट में मुंबई से नागपुर, 'ऑपरेशन टाइगर' के बीच सौहार्दपूर्ण मुलाकात
सारांश
मुख्य बातें
महाराष्ट्र की राजनीति में उथल-पुथल के बीच मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस और शिवसेना (यूबीटी) प्रमुख उद्धव ठाकरे शुक्रवार, 26 जून 2026 को मुंबई से नागपुर जाने वाली एक ही विमान में सहयात्री बने। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, गहरी राजनीतिक प्रतिद्वंद्विता के बावजूद दोनों नेताओं ने सौहार्दपूर्ण अभिवादन किया और संक्षिप्त बातचीत की।
विमान में कौन-कौन था सवार
इस उड़ान में शिवसेना (यूबीटी) के कई वरिष्ठ नेता भी मौजूद थे। इनमें विधायक आदित्य ठाकरे, राज्यसभा सांसद संजय राउत और अनिल देसाई, तथा पूर्व सांसद विनायक राउत शामिल थे। राजनीतिक विश्लेषकों ने इस मुलाकात को महज एक संयोग बताया है, हालांकि महाराष्ट्र की अत्यधिक अस्थिर राजनीति में इसे लेकर अटकलों का बाज़ार गर्म हो गया है।
राजनीतिक पृष्ठभूमि: 'ऑपरेशन टाइगर' और दलबदल
यह घटना ऐसे समय में हुई जब उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने हाल ही में घोषणा की थी कि 'ऑपरेशन टाइगर' अभी समाप्त नहीं हुआ है और शिवसेना (यूबीटी) से और अधिक सांसदों के दल-बदल का संकेत दिया था। इसी क्रम में उद्धव ठाकरे खेमे के दो लोकसभा सांसदों ने औपचारिक रूप से शिंदे के नेतृत्व वाली शिवसेना में शामिल होने की घोषणा कर दी। इससे पहले छह विधायक भी दल-बदल कर चुके हैं।
उद्धव ठाकरे का राज्यव्यापी अभियान
अपने छह विधायकों के दल-बदल के बाद उद्धव ठाकरे ने जमीनी स्तर के पार्टी कार्यकर्ताओं से सीधे संवाद करने और कमजोर होती पकड़ की धारणा का खंडन करने के लिए एक व्यापक राज्यव्यापी अभियान शुरू करने का निर्णय लिया है। वे 27 जून को यवतमाल-वाशिम निर्वाचन क्षेत्र से इस दौरे की शुरुआत करेंगे, जो हालिया दलबदल से प्रभावित क्षेत्रों में से एक है। उन्होंने पहले ही यह भी घोषित किया है कि वे दौरे के दौरान मतदाताओं से माफी माँगेंगे।
आगे क्या होगा
ठाकरे उन निर्वाचन क्षेत्रों का दौरा करेंगे जहाँ से पार्टी के सांसदों ने बगावत कर शिंदे गुट का दामन थामा है। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि आगामी विधानसभा चुनावों से पहले फडणवीस और ठाकरे के बीच किसी भी आमने-सामने की बातचीत — चाहे वह संयोगवश हो — समीकरणों में बदलाव को लेकर गहन अटकलों को जन्म देगी। महाराष्ट्र की राजनीति में यह मुलाकात एक नए अध्याय की शुरुआत का संकेत हो सकती है।