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'ऑपरेशन टाइगर' पर नाना पटोले का हमला: 'यह लोकतंत्र को खत्म करने वाला सिस्टम, जनता देगी जवाब'

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'ऑपरेशन टाइगर' पर नाना पटोले का हमला: 'यह लोकतंत्र को खत्म करने वाला सिस्टम, जनता देगी जवाब'

सारांश

'ऑपरेशन टाइगर' के तहत उद्धव ठाकरे के 6 सांसदों का शिंदे की शिवसेना में जाना महाराष्ट्र की राजनीति का नया मोड़ है। कांग्रेस नेता नाना पटोले ने इसे लोकतंत्र को खत्म करने वाला सिस्टम बताया, जबकि शिंदे ने इसे अपनी बड़ी जीत करार दिया।

मुख्य बातें

उद्धव ठाकरे (शिवसेना-यूबीटी) के 6 बागी सांसद एकनाथ शिंदे की शिवसेना में शामिल हुए — इस घटनाक्रम को 'ऑपरेशन टाइगर' नाम दिया गया।
कांग्रेस नेता नाना पटोले ने BJP और सहयोगी दलों पर पैसे से जनादेश खरीदने और लोकतांत्रिक व्यवस्था को कमज़ोर करने का आरोप लगाया।
पटोले ने चेतावनी दी कि जनता 'सही समय पर सबक सिखाएगी।' उप मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने ऑपरेशन को 'सफल' बताया।
पटोले ने महायुति के भीतर वर्चस्व की लड़ाई की ओर भी इशारा किया, कहा कि शिंदे अब भी मुख्यमंत्री पद न मिलने से नाराज़ हैं।

महाराष्ट्र की राजनीति में उद्धव ठाकरे (शिवसेना-यूबीटी) के 6 बागी सांसदों का एकनाथ शिंदे की शिवसेना में शामिल होना इन दिनों सबसे गर्म चर्चा का विषय बना हुआ है। इस पूरे घटनाक्रम को 'ऑपरेशन टाइगर' नाम दिया गया है। कांग्रेस नेता नाना पटोले ने 23 जून 2026 को मुंबई में इस मामले पर तीखी प्रतिक्रिया देते हुए भारतीय जनता पार्टी (BJP) और उसकी सहयोगी पार्टियों पर लोकतांत्रिक व्यवस्था को कमज़ोर करने का आरोप लगाया।

पटोले का सीधा आरोप

पटोले ने कहा, 'ऑपरेशन टाइगर' एक ऐसा सिस्टम है जो लोकतंत्र को खत्म कर रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि BJP और उसकी सहयोगी पार्टियाँ पूरे देश में इसी तरह लोकतांत्रिक मूल्यों को कमज़ोर करने का काम कर रही हैं। पटोले ने कहा, 'पैसे खर्च करो, लोगों को खरीदो — जो लोग इस तरह जनता के वोट बेच रहे हैं, उन्हें जनता सही समय पर सबक सिखाएगी।'

उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि राजनीतिक लाभ के लिए जनादेश और लोकतांत्रिक मूल्यों को प्रभावित करने की कोशिश की जा रही है। यह ऐसे समय में आया है जब महाराष्ट्र में महायुति सरकार के भीतर ही वर्चस्व की लड़ाई की चर्चाएँ तेज़ हैं।

शिंदे बनाम महायुति: भीतरी खींचतान

पटोले ने महायुति सरकार के आंतरिक मतभेदों पर भी टिप्पणी की। उन्होंने कहा कि उप मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे अब भी मानते हैं कि उन्हें राज्य का मुख्यमंत्री होना चाहिए था। पटोले के अनुसार, शिंदे के नेतृत्व में चुनाव हुआ था, इसलिए उन्हें इस बात की तकलीफ है। गौरतलब है कि शिंदे और BJP के बीच मुख्यमंत्री पद को लेकर गठबंधन-पूर्व तनाव पहले भी सामने आ चुका है।

शिंदे का दावा: 'ऑपरेशन सफल रहा'

दूसरी तरफ, उप मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने इस पूरे ऑपरेशन को सफल बताया। मीडिया से बातचीत में उन्होंने कहा, 'मैंने प्रेस कॉन्फ्रेंस में सब कुछ कह दिया है। ऑपरेशन टाइगर सफल रहा।' शिंदे के इस बयान ने महाराष्ट्र की राजनीतिक बहस को और तेज़ कर दिया है।

विपक्ष की चिंता: लोकतंत्र पर खतरा

इससे पहले भी पटोले ने इस मुद्दे पर कहा था, 'हर कोई विकास की बात कर रहा है, लेकिन ऐसा लगता है कि सिर्फ उनका अपना ही विकास हो रहा है।' आलोचकों का कहना है कि इस तरह के दल-बदल ऑपरेशन महाराष्ट्र की राजनीतिक संस्कृति को कमज़ोर करते हैं और मतदाताओं के जनादेश की अनदेखी करते हैं।

यह Nवीं ऐसी घटना है जब महाराष्ट्र में बड़े पैमाने पर दल-परिवर्तन की कार्रवाई हुई हो — 2022 में शिंदे के नेतृत्व में शिवसेना में हुई टूट इसी कड़ी का हिस्सा थी। राजनीतिक विश्लेषकों के अनुसार, यह प्रवृत्ति राज्य में गठबंधन राजनीति की अस्थिरता को दर्शाती है।

आगे क्या

महाविकास आघाड़ी (MVA) के लिए यह घटनाक्रम एक बड़ा झटका माना जा रहा है। कांग्रेस और शिवसेना-यूबीटी आने वाले दिनों में इस मुद्दे को जनता के बीच ले जाने की रणनीति बना रही हैं। पटोले का यह बयान संकेत देता है कि विपक्ष इस मुद्दे को अगले चुनाव तक जीवित रखने का इरादा रखता है।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन सवाल संवैधानिक है: क्या दल-बदल विरोधी कानून इस तरह के 'ऑपरेशनों' को रोकने में सक्षम है? महायुति के भीतर शिंदे की नाराज़गी का संकेत यह भी बताता है कि सत्तारूढ़ गठबंधन में सब कुछ ठीक नहीं है — और विपक्ष इस亀 亀दरार को आने वाले चुनावों में भुनाने की कोशिश करेगा।
RashtraPress
8 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

'ऑपरेशन टाइगर' क्या है?
'ऑपरेशन टाइगर' वह राजनीतिक घटनाक्रम है जिसमें उद्धव ठाकरे की शिवसेना (यूबीटी) के 6 बागी सांसद एकनाथ शिंदे की शिवसेना में शामिल हो गए। इस ऑपरेशन को उप मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने 'सफल' बताया है।
नाना पटोले ने 'ऑपरेशन टाइगर' पर क्या कहा?
कांग्रेस नेता नाना पटोले ने इसे लोकतंत्र को खत्म करने वाला सिस्टम बताया और BJP व सहयोगी दलों पर पैसे से जनादेश खरीदने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि जनता सही समय पर इसका जवाब देगी।
एकनाथ शिंदे ने 'ऑपरेशन टाइगर' पर क्या प्रतिक्रिया दी?
उप मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने मीडिया से बातचीत में कहा कि उन्होंने प्रेस कॉन्फ्रेंस में सब कुछ स्पष्ट कर दिया है और 'ऑपरेशन टाइगर' सफल रहा।
महायुति सरकार में क्या आंतरिक मतभेद हैं?
नाना पटोले के अनुसार, एकनाथ शिंदे अब भी मानते हैं कि उन्हें राज्य का मुख्यमंत्री होना चाहिए था क्योंकि चुनाव उनके नेतृत्व में हुआ था। इससे महायुति के भीतर वर्चस्व की लड़ाई जारी होने के संकेत मिलते हैं।
इस राजनीतिक घटनाक्रम का महाराष्ट्र की राजनीति पर क्या असर होगा?
विपक्षी महाविकास आघाड़ी (MVA) के लिए यह बड़ा झटका है। कांग्रेस और शिवसेना-यूबीटी इस मुद्दे को जनता के बीच ले जाने की योजना बना रही हैं और इसे आगामी चुनावों में प्रमुख मुद्दा बनाने का इरादा रखती हैं।
राष्ट्र प्रेस
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