27 जून 2026
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ऑपरेशन टाइगर पूरी तरह सफल: ज्योति वाघमारे बोलीं, उद्धव ठाकरे को आत्ममंथन की ज़रूरत

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ऑपरेशन टाइगर पूरी तरह सफल: ज्योति वाघमारे बोलीं, उद्धव ठाकरे को आत्ममंथन की ज़रूरत

सारांश

शिवसेना सांसद डॉ. ज्योति वाघमारे ने ऑपरेशन टाइगर को पूरी तरह सफल बताते हुए यूबीटी के छह सांसदों के शिंदे गुट में शामिल होने की पुष्टि की। साथ ही उद्धव ठाकरे पर परिवारवाद और राजनीतिक पलटी का आरोप लगाते हुए उन्हें आत्ममंथन की सलाह दी।

मुख्य बातें

ज्योति वाघमारे ने 27 जून 2026 को पुणे में ऑपरेशन टाइगर को पूरी तरह सफल घोषित किया।
शिवसेना (यूबीटी) के छह सांसद उद्धव ठाकरे का साथ छोड़कर एकनाथ शिंदे की शिवसेना में शामिल हुए।
वाघमारे का दावा — यूबीटी विधायक भी अब पार्टी बैठकों में अनुपस्थित रहने लगे हैं।
उद्धव ठाकरे पर परिवारवाद और आदित्य ठाकरे को स्थापित करने की राजनीति का आरोप।
केतन अग्रवाल हत्याकांड पर वाघमारे ने दोषियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की माँग की।

शिवसेना की राज्यसभा सांसद डॉ. ज्योति वाघमारे ने 27 जून 2026 को पुणे में ऑपरेशन टाइगर को पूरी तरह सफल घोषित करते हुए कहा कि शिवसेना (यूबीटी) गुट के छह सांसद उद्धव ठाकरे का साथ छोड़कर एकनाथ शिंदे के नेतृत्व वाली शिवसेना में शामिल हो चुके हैं। उन्होंने यूबीटी नेतृत्व को आत्ममंथन की सलाह देते हुए कहा कि पार्टी को यह समझना होगा कि लोग उसे क्यों छोड़ रहे हैं।

ऑपरेशन टाइगर का दावा

वाघमारे ने कहा, 'ऑपरेशन टाइगर सफल हो चुका है। यूबीटी के छह सांसद अपने 'घर बैठने वाले नेता' को छोड़कर एकनाथ शिंदे साहब के साथ महाराष्ट्र के विकास के लिए जुड़ गए हैं।' उन्होंने यह भी दावा किया कि हाल की रिपोर्टों के अनुसार यूबीटी के विधायक भी अब पार्टी की बैठकों में अनुपस्थित रहने लगे हैं, जो संगठनात्मक कमज़ोरी का संकेत है।

परिवारवाद पर सीधा हमला

वाघमारे ने यूबीटी नेतृत्व पर परिवारवाद को बढ़ावा देने का आरोप लगाया। उनका कहना था कि यूबीटी नेतृत्व कार्यकर्ताओं के सुख-दुख में शामिल नहीं होता और उसका एकमात्र उद्देश्य आदित्य ठाकरे को महाराष्ट्र की राजनीति में स्थापित करना है। उन्होंने कहा, 'इन्हें जनता की चिंता नहीं है। ऐसे परिवारवादी नेताओं को लोग छोड़ेंगे ही।'

फडणवीस-ठाकरे फ्लाइट तस्वीर पर तंज

हाल ही में सामने आई मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस और उद्धव ठाकरे के एक ही उड़ान में साथ बैठे होने की तस्वीरों पर वाघमारे ने तीखी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि उद्धव ठाकरे कुछ दिन पहले तक फडणवीस के लिए 'कलंक' और 'अफजल खान की फौज' जैसे शब्दों का इस्तेमाल करते थे और कहते थे 'या तो तू रहेगा या मैं रहूंगा।' वाघमारे ने व्यंग्यात्मक लहज़े में कहा, 'अगर आप अपनी राजनीति के लिए गिरगिट की तरह रंग बदलेंगे तो मुझे लगता है कि इनके बदलते रंग देखकर गिरगिट भी खुदकुशी कर लेगा।'

केतन अग्रवाल हत्याकांड पर संवेदना और कड़ी कार्रवाई की माँग

पुणे के चर्चित केतन अग्रवाल हत्याकांड पर भी वाघमारे ने दुख जताया। उन्होंने कहा कि किसी भी सज़ा से पीड़ित परिवार को उनका बेटा वापस नहीं मिल सकता। रिपोर्टों में सामने आए 'विग विवाद' को लेकर उन्होंने कहा कि यदि युवा पीढ़ी इतनी छोटी बात पर हत्या जैसा कदम उठाने पर उतर आए, तो ऐसे लोगों के खिलाफ अत्यंत कठोर कार्रवाई होनी चाहिए। यह बयान ऐसे समय में आया है जब महाराष्ट्र में युवा अपराध को लेकर व्यापक चर्चा चल रही है।

राजनीतिक संदर्भ

गौरतलब है कि 2022 में एकनाथ शिंदे के नेतृत्व में शिवसेना में हुई टूट के बाद से दोनों गुटों के बीच सांसदों और विधायकों को अपनी ओर खींचने की कोशिशें जारी हैं। ऑपरेशन टाइगर को शिंदे गुट की उस रणनीति का हिस्सा माना जा रहा है जिसके तहत यूबीटी के जनप्रतिनिधियों को अपने पाले में लाने का प्रयास किया जा रहा है। वाघमारे का यह बयान आने वाले दिनों में महाराष्ट्र की राजनीति में नई हलचल पैदा कर सकता है।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन इसे संगठन के पूर्ण विघटन के रूप में पेश करना अतिरंजना है। असली सवाल यह है कि क्या ये जुड़ाव वैचारिक हैं या अवसरवादी — और महाराष्ट्र की जनता इसे किस नज़रिये से देखती है। फडणवीस-ठाकरे की फ्लाइट तस्वीर पर वाघमारे की प्रतिक्रिया बताती है कि शिंदे गुट यूबीटी की हर गतिविधि को राजनीतिक अवसर में बदलने की कोशिश कर रहा है। केतन अग्रवाल हत्याकांड पर की गई टिप्पणी सहानुभूतिपूर्ण है, लेकिन इसे राजनीतिक बयान के साथ जोड़ना उस मामले की गंभीरता को पतला करता है।
RashtraPress
27 जून 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

ऑपरेशन टाइगर क्या है और इसे सफल क्यों बताया जा रहा है?
ऑपरेशन टाइगर शिंदे गुट की वह रणनीति है जिसके तहत शिवसेना (यूबीटी) के जनप्रतिनिधियों को अपनी पार्टी में शामिल करने का प्रयास किया जा रहा है। डॉ. ज्योति वाघमारे के अनुसार यूबीटी के छह सांसद उद्धव ठाकरे का साथ छोड़कर एकनाथ शिंदे की शिवसेना में शामिल हो चुके हैं, इसीलिए इसे सफल बताया जा रहा है।
उद्धव ठाकरे को आत्ममंथन की सलाह क्यों दी गई?
वाघमारे का कहना है कि यूबीटी नेतृत्व कार्यकर्ताओं से दूर है और परिवारवाद की राजनीति कर रहा है। उनके अनुसार यूबीटी विधायक भी अब पार्टी बैठकों में अनुपस्थित रहने लगे हैं, इसलिए उद्धव ठाकरे को यह सोचना चाहिए कि लोग उन्हें क्यों छोड़ रहे हैं।
फडणवीस और उद्धव ठाकरे की फ्लाइट तस्वीर पर विवाद क्यों हुआ?
हाल ही में मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस और उद्धव ठाकरे के एक ही उड़ान में साथ बैठे होने की तस्वीरें सामने आईं। वाघमारे ने इस पर सवाल उठाया क्योंकि उद्धव ठाकरे पहले फडणवीस को 'कलंक' और 'अफजल खान की फौज' जैसे शब्दों से संबोधित कर चुके थे।
केतन अग्रवाल हत्याकांड में वाघमारे ने क्या कहा?
वाघमारे ने पुणे के केतन अग्रवाल हत्याकांड पर गहरा दुख जताया और कहा कि किसी भी सज़ा से पीड़ित परिवार को उनका बेटा वापस नहीं मिल सकता। उन्होंने यह भी कहा कि 'विग विवाद' जैसी छोटी बात पर हत्या करने वाले युवाओं के खिलाफ अत्यंत कठोर कार्रवाई होनी चाहिए।
शिवसेना में 2022 की टूट के बाद से क्या बदला है?
2022 में एकनाथ शिंदे के नेतृत्व में शिवसेना टूटने के बाद दोनों गुट — शिंदे की शिवसेना और उद्धव ठाकरे की शिवसेना (यूबीटी) — एक-दूसरे के जनप्रतिनिधियों को अपनी ओर खींचने की कोशिश में हैं। ऑपरेशन टाइगर इसी रणनीति का हिस्सा है, जिसमें अब तक छह यूबीटी सांसदों के शिंदे गुट में शामिल होने का दावा किया गया है।
राष्ट्र प्रेस
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