BWF वर्ल्ड चैंपियनशिप 2026: नई दिल्ली में 17–23 अगस्त, इंदिरा गांधी एरीना में 30वाँ संस्करण
सारांश
मुख्य बातें
बैडमिंटन वर्ल्ड फेडरेशन (BWF) वर्ल्ड चैंपियनशिप 2026 का 30वाँ संस्करण नई दिल्ली के इंदिरा गांधी इनडोर स्टेडियम में 17 से 23 अगस्त 2026 के बीच आयोजित होगा। यह प्रतियोगिता 17 वर्षों के अंतराल के बाद भारत में लौट रही है, जिसमें पाँचों कैटेगरी — पुरुष एकल, महिला एकल, पुरुष युगल, महिला युगल और मिश्रित युगल — में विश्व के शीर्ष शटलर आमने-सामने होंगे।
प्रतियोगिता का पूरा शेड्यूल
चैंपियनशिप की शुरुआत 17 अगस्त को ओपनिंग राउंड से होगी। पुरुष एकल और महिला एकल में राउंड ऑफ 64, जबकि पुरुष युगल, महिला युगल और मिश्रित युगल में राउंड ऑफ 48 के मुकाबले खेले जाएँगे।
18 अगस्त को पुरुष एकल और महिला एकल में राउंड ऑफ 64 के शेष मैच, युगल वर्गों के अतिरिक्त मुकाबले तथा मिश्रित युगल में राउंड ऑफ 48 के बचे हुए मैच होंगे। 19 अगस्त को पाँचों कैटेगरी में राउंड ऑफ 32 खेला जाएगा।
20 अगस्त को सभी पाँच इवेंट में राउंड ऑफ 16 के मुकाबले होंगे। 21 अगस्त को क्वार्टरफाइनल, 22 अगस्त को सेमीफाइनल और 23 अगस्त को सभी पाँच इवेंट के फाइनल खेले जाएँगे।
भारतीय दस्ते में कौन-कौन
पुरुष एकल में लक्ष्य सेन और आयुष शेट्टी भारत का प्रतिनिधित्व करेंगे। महिला एकल में दो बार की विश्व चैंपियनशिप पदक विजेता पीवी सिंधु और युवा शटलर उन्नति हुड्डा मैदान में उतरेंगी।
पुरुष युगल में स्टार जोड़ी सात्विकसाईराज रंकीरेड्डी / चिराग शेट्टी के साथ हरिहरन अमसाकरुणन / एम.आर. अर्जुन की जोड़ी भी भाग लेगी। महिला युगल में ट्रीसा जॉली / गायत्री गोपीचंद पुलेला और कविप्रिया सेल्वम / सिमरन सिंघी की जोड़ियाँ उतरेंगी।
मिश्रित युगल में ध्रुव कपिला / तनीषा क्रास्टो और रोहन कपूर / रुत्विका शिवानी गद्दे की जोड़ियाँ भारत का प्रतिनिधित्व करेंगी।
17 साल बाद भारत में विश्व चैंपियनशिप
गौरतलब है कि भारत ने इससे पहले 2009 में BWF वर्ल्ड चैंपियनशिप की मेज़बानी की थी। इस बार नई दिल्ली को मेज़बानी मिलना भारतीय बैडमिंटन की बढ़ती वैश्विक साख का प्रतीक माना जा रहा है। यह ऐसे समय में आया है जब भारतीय शटलर अंतरराष्ट्रीय सर्किट पर लगातार बेहतर प्रदर्शन कर रहे हैं।
आगे क्या
फाइनल 23 अगस्त को खेले जाएँगे, जिनमें विश्व चैंपियन का ताज तय होगा। भारतीय दर्शकों के लिए यह टूर्नामेंट घरेलू मैदान पर अपने पसंदीदा खिलाड़ियों को विश्व स्तर पर प्रतिस्पर्धा करते देखने का दुर्लभ अवसर है।