ट्रंप-शी जिनपिंग की वॉशिंगटन शिखर बैठक संपन्न, 2026 में दो और मुलाकातों पर सहमति
सारांश
मुख्य बातें
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग ने शुक्रवार, 25 सितंबर 2026 को वॉशिंगटन में शी जिनपिंग की तीन दिवसीय अमेरिका यात्रा का समापन सकारात्मक माहौल में किया। दोनों नेताओं ने द्विपक्षीय संबंधों में 'महत्वपूर्ण प्रगति' का दावा किया और वर्ष 2026 के अंत तक दो और उच्चस्तरीय बैठकों पर सहमति जताई। शी जिनपिंग ने चीन-अमेरिका संबंधों को 'रणनीतिक स्थिरता' की नींव पर आगे बढ़ाने के अपने विजन को दोहराया।
व्हाइट हाउस में चाय और कूटनीति
व्हाइट हाउस में चाय पर हुई अनौपचारिक मुलाकात के दौरान राष्ट्रपति ट्रंप ने इस यात्रा को 'बेहद सफल' करार दिया। उन्होंने कहा, 'हमारी शानदार मुलाकात हुई। हमने दोनों देशों के लिए बेहद सकारात्मक कदम उठाए हैं और रिश्तों में काफी आगे बढ़े हैं।' ट्रंप ने यह भी कहा कि इस यात्रा से अमेरिकी किसानों को विशेष रूप से लाभ होगा, हालांकि उन्होंने किसी ठोस कृषि समझौते का विस्तृत ब्यौरा नहीं दिया।
शी जिनपिंग का 'रणनीतिक स्थिरता' का विजन
शी जिनपिंग ने ट्रंप और प्रथम महिला मेलानिया ट्रंप का आतिथ्य के लिए धन्यवाद देते हुए कहा कि दोनों नेता चीन-अमेरिका संबंधों की दिशा तय करने वाले दो प्रमुख व्यक्ति हैं। शी ने कहा, 'जब राष्ट्रपति ट्रंप मई में चीन आए थे, तब हमने रणनीतिक स्थिरता पर आधारित रचनात्मक चीन-अमेरिका संबंध बनाने का विजन साझा किया था। इस बार हमने उसमें नई सामग्री जोड़ने पर सहमति बनाई है। यह संबंध सम्मान, निष्पक्षता और पारस्परिकता पर आधारित होगा।'
शी ने यह भी कहा कि इस द्विपक्षीय ढाँचे से दोनों देशों के रिश्तों का भविष्य और उज्ज्वल होगा। गौरतलब है कि यह यात्रा ऐसे समय में हुई है जब अमेरिका और चीन के बीच व्यापार, तकनीक और भू-राजनीतिक प्रतिस्पर्धा पर तनाव का लंबा इतिहास रहा है।
2026 में दो और शिखर बैठकें तय
शी जिनपिंग ने पुष्टि की कि वर्ष 2026 के अंत तक दोनों नेताओं की दो और बैठकें होंगी। पहली बैठक चीन में आयोजित होने वाली एपीईसी शिखर बैठक के दौरान और दूसरी अमेरिका में प्रस्तावित जी20 शिखर सम्मेलन के अवसर पर होगी। शी ने ट्रंप और मेलानिया ट्रंप को चीन आने का औपचारिक निमंत्रण दिया, जिसे ट्रंप ने स्वीकार करते हुए कहा, 'हम जरूर चीन आएंगे और हमारी बातचीत लगातार जारी रहेगी।'
ईरान और अन्य मुद्दे भी एजेंडे में
पत्रकारों के सवाल के जवाब में ट्रंप ने पुष्टि की कि दोनों नेताओं की बातचीत में ईरान का मुद्दा भी शामिल रहा। हालांकि, इस विषय पर किसी ठोस निर्णय या संयुक्त बयान का उल्लेख नहीं किया गया। यह ऐसे समय में अहम है जब पश्चिम एशिया में भू-राजनीतिक तनाव बना हुआ है।
नेशनल आर्काइव्स और यात्रा का समापन
यात्रा के अंतिम चरण में ट्रंप और शी जिनपिंग अपनी-अपनी पत्नियों के साथ नेशनल आर्काइव्स पहुँचे, जहाँ उन्होंने अमेरिका की स्वतंत्रता घोषणा, संविधान और बिल ऑफ राइट्स का अवलोकन किया। ट्रंप ने बताया कि दोनों नेताओं के बीच अमेरिकी इतिहास और चीन के लगभग 6,000 वर्ष पुराने इतिहास की तुलना पर भी चर्चा हुई। इसके बाद शी जिनपिंग जॉइंट बेस एंड्रयूज से अपने विशेष विमान से रवाना हो गए और उनकी तीन दिवसीय अमेरिका यात्रा औपचारिक रूप से समाप्त हो गई।
यह मुलाकात दोनों देशों के बीच संचार के नए चैनल खोलने का संकेत देती है, लेकिन कूटनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि असली परीक्षा आने वाली एपीईसी और जी20 बैठकों में होगी, जहाँ व्यापार और तकनीकी प्रतिद्वंद्विता पर ठोस समझौतों की उम्मीद की जाएगी।