बीजिंग में शी जिनपिंग से मिले ट्रंप, झोंगनानहाई में निजी बैठक; चीन-अमेरिका संबंधों को नई दिशा
सारांश
मुख्य बातें
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने 15 मई 2026 को बीजिंग से रवाना होने से पहले चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग से झोंगनानहाई नेतृत्व परिसर में एक निजी मुलाकात की। यह बैठक ट्रंप की चीन यात्रा के अंतिम चरण में हुई — एक दिन पहले दोनों नेताओं के बीच औपचारिक वार्ता भी संपन्न हो चुकी थी। इस द्विपक्षीय संवाद को दोनों देशों के संबंधों में एक नई सकारात्मक शुरुआत के रूप में देखा जा रहा है।
झोंगनानहाई में गर्मजोशी भरा स्वागत
चीन की सरकारी मीडिया के अनुसार, झोंगनानहाई पहुँचने पर शी जिनपिंग ने ट्रंप का व्यक्तिगत रूप से स्वागत किया। दोनों नेता परिसर के उद्यान में साथ-साथ टहले, बातचीत की और पेड़-पौधों व फूलों को निहारते रहे। यह अनौपचारिक माहौल कूटनीतिक दृष्टि से महत्वपूर्ण माना जा रहा है, क्योंकि झोंगनानहाई में इस तरह का आतिथ्य विशेष अवसरों पर ही दिया जाता है।
शी जिनपिंग ने यात्रा को बताया 'ऐतिहासिक'
शी जिनपिंग ने कहा कि ट्रंप की यह यात्रा 'ऐतिहासिक और मील का पत्थर' साबित हुई है। उन्होंने कहा कि दोनों देशों ने रणनीतिक स्थिरता पर आधारित रचनात्मक चीन-अमेरिका संबंधों की नई दिशा तय की है। शी के अनुसार, आर्थिक और व्यापारिक संबंधों को स्थिर बनाए रखने, विभिन्न क्षेत्रों में व्यावहारिक सहयोग बढ़ाने और एक-दूसरे की चिंताओं का उचित समाधान निकालने पर महत्वपूर्ण सहमति बनी है।
शी ने यह भी कहा कि दोनों देशों ने अंतरराष्ट्रीय और क्षेत्रीय मुद्दों पर संवाद और समन्वय मजबूत करने पर सहमति जताई है। उनके मुताबिक, दुनिया की अपेक्षा है कि चीन और अमेरिका आपसी सम्मान के आधार पर शांतिपूर्ण सह-अस्तित्व और सहयोग का रास्ता अपनाएं। उन्होंने यह भी रेखांकित किया कि जहाँ ट्रंप 'अमेरिका को फिर महान' बनाने की दिशा में काम कर रहे हैं, वहीं वे चीनी जनता के राष्ट्रीय पुनरुत्थान के लिए प्रतिबद्ध हैं।
ट्रंप ने बताई यात्रा 'बेहद सफल', शी को दिया वॉशिंगटन आने का न्योता
डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि वे झोंगनानहाई आने के निमंत्रण के लिए शी जिनपिंग के आभारी हैं। उन्होंने इस यात्रा को 'बेहद सफल' करार देते हुए कहा कि इसने पूरी दुनिया का ध्यान आकर्षित किया। ट्रंप के अनुसार, दोनों देशों के बीच कई महत्वपूर्ण सहमतियाँ बनीं, कई समझौतों पर हस्ताक्षर हुए और कई समस्याओं का समाधान निकला, जो दोनों देशों और दुनिया के लिए फायदेमंद है।
ट्रंप ने शी जिनपिंग को अपना 'पुराना मित्र' बताते हुए कहा कि वे उनका बहुत सम्मान करते हैं। उन्होंने शी को वॉशिंगटन आने का औपचारिक निमंत्रण भी दिया और कहा कि वे ईमानदार और गहन संवाद जारी रखना चाहते हैं।
क्षेत्रीय और वैश्विक मुद्दों पर भी हुई चर्चा
निजी बैठक के दौरान दोनों नेताओं ने कुछ क्षेत्रीय और वैश्विक मुद्दों पर भी विचारों का आदान-प्रदान किया, हालाँकि इन मुद्दों का विस्तृत ब्यौरा सार्वजनिक नहीं किया गया। गौरतलब है कि यह यात्रा ऐसे समय में हुई जब अमेरिका और चीन के बीच व्यापार, तकनीक और भू-राजनीतिक प्रतिस्पर्धा को लेकर तनाव की स्थिति बनी हुई थी। इस पृष्ठभूमि में दोनों नेताओं की यह मुलाकात कूटनीतिक दृष्टि से उल्लेखनीय मानी जा रही है।
आगे क्या
बैठक के बाद ट्रंप बीजिंग से रवाना हो गए और उनकी चीन यात्रा आधिकारिक रूप से संपन्न हुई। शी जिनपिंग के वॉशिंगटन दौरे की संभावित तारीखों पर अभी कोई आधिकारिक घोषणा नहीं हुई है। विश्लेषकों की नजर अब इस बात पर है कि दोनों देशों के बीच हुई सहमतियाँ व्यावहारिक नीतिगत बदलावों में किस हद तक परिलक्षित होती हैं।